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Deoria News: जिस भूमि पर स्थित गरीबों की आशियाना को किया गया था ध्वस्त, राजस्व के रिकाॅर्ड में सड़क में है अंकित
Mon, 26 Aug 2024 01:57 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 26 Aug 2024 01:57 PM IST
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सलेमपुर। गरीबों के रिहायशी झोपड़ी ध्वस्त करने के बाद मामला इतना बढ़ गया कि रविवार की सुबह से ही विभिन्न दल के जनप्रतिनिधि का जमावड़ा पीड़ित के घर लगने लगा। जिस भूमि को एक व्यक्ति का बताकर न्यायालय के आदेश पर गरीबों के आशियाना पर बुलडोजर चलवाकर ध्वस्त कर दिया गया था, वह भूमि राजस्व की अभिलेख में सड़क के नाम से अंकित है।
पैमाइश के दौरान सीओ और तहसीलदार के साथ भाजपा, सपा और सुभासपा के जनप्रतिनिधि सुबह से लेकर शाम तक विवादित भूमि पर जमे रहे। पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट जनप्रतिनिधियों ने डीएम, एसपी से वार्ता कर पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने की बात कही। वहीं तहसीलदार अलका सिंह, नायब तहसीलादार गोपालजी, सीओ दीपक शुक्ला राजस्व विभाग के कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचकर नए सिरे से पैमाइश किया। अराजी संख्या 14 पहले से ही सड़क के नाम से अंकित है। पीड़ित परिवार आराजी संख्या 15 के करीब दो डिसमिल भूमि पर एक व्यक्ति का कब्जा है। जबकि पीड़ित परिवार महज 10 डिसमिल में काबिज हैं और चालीस वर्ष से अधिक समय से झोपड़ी बनाकर रहते हैं। रिहायशी झोपड़ी ध्वस्त होने के बाद पीड़ित परिवार दो दिनों से खुले आसमान तले जीवन यापन कर रहा है।
सीओ दीपक शुक्ला ने कहा कि गरीबों के साथ उत्पीड़न करने के मामले में दोषी पुलिसकर्मियों को किसी कीमत पर बख्सा नहीं जाएगा। पीड़ित परिवार के तहरीर पर जो भी दोषी है उसके खिलाफ केस दर्ज भी किया जाएगा।
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पैमाइस के दौरान राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम, एमएलसी विच्छेलाल राजभर, पूर्व राज्य सभा सांसद सकलदीप राजभर, सांसद प्रतिनिधि रामप्रकाश यादव उर्फ मुन्ना, जयनाथ कुशवाहा गुड्डन, अशोक पांडेय, विनोद ठठेरा, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीराम यादव, अमरेश सिंह बबलू, मंडल अध्यक्ष अमरदत्त यादव, अभिषेक जायसवाल, विनय तिवारी, इंद्रजीत मौर्या आदि मौजूद रहे।
कोट
आराजी संख्या 14 तहसील रिकार्ड में सड़क के नाम से अंकित है। पीड़ित परिवार का आराजी संख्या 15 में 25 डिसमिल जमीन है। पीड़ित परिवार को 23 डिसमिल भूमि मिलनी चाहिए, जिसमें 20 डिसमिल भूमि पर कब्जा है। सड़क के चलते 13 डिसमिल जमीन कम पड़ रही है। फिलहाल पीड़ित पक्ष को 14 और 15 नंबर पर ही शिफ्ट कराया जा रहा है।
अलका सिंह, तहसीलदार, सलेमपुर
कोट
कोतवाली पुलिस बिना किसी नोटिस दिए तकरीबन चालीस वर्ष से रिहायशी झोपड़ी में रह रहे राजभर समाज के करीब 12 परिवार को न्यायालय का हवाला देकर महज 30 मिनट में बेघर कर दिया। विरोध करने वाली महिलाओं को बुरी तरह से पिटाई कर हवालात में बंद कर दिया गया था। जो काफी निंदनीय है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करूंगी।
-राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम, राज्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार
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पैमाइश के दौरान सीओ और तहसीलदार के साथ भाजपा, सपा और सुभासपा के जनप्रतिनिधि सुबह से लेकर शाम तक विवादित भूमि पर जमे रहे। पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट जनप्रतिनिधियों ने डीएम, एसपी से वार्ता कर पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने की बात कही। वहीं तहसीलदार अलका सिंह, नायब तहसीलादार गोपालजी, सीओ दीपक शुक्ला राजस्व विभाग के कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचकर नए सिरे से पैमाइश किया। अराजी संख्या 14 पहले से ही सड़क के नाम से अंकित है। पीड़ित परिवार आराजी संख्या 15 के करीब दो डिसमिल भूमि पर एक व्यक्ति का कब्जा है। जबकि पीड़ित परिवार महज 10 डिसमिल में काबिज हैं और चालीस वर्ष से अधिक समय से झोपड़ी बनाकर रहते हैं। रिहायशी झोपड़ी ध्वस्त होने के बाद पीड़ित परिवार दो दिनों से खुले आसमान तले जीवन यापन कर रहा है।
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सीओ दीपक शुक्ला ने कहा कि गरीबों के साथ उत्पीड़न करने के मामले में दोषी पुलिसकर्मियों को किसी कीमत पर बख्सा नहीं जाएगा। पीड़ित परिवार के तहरीर पर जो भी दोषी है उसके खिलाफ केस दर्ज भी किया जाएगा।
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पैमाइस के दौरान राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम, एमएलसी विच्छेलाल राजभर, पूर्व राज्य सभा सांसद सकलदीप राजभर, सांसद प्रतिनिधि रामप्रकाश यादव उर्फ मुन्ना, जयनाथ कुशवाहा गुड्डन, अशोक पांडेय, विनोद ठठेरा, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीराम यादव, अमरेश सिंह बबलू, मंडल अध्यक्ष अमरदत्त यादव, अभिषेक जायसवाल, विनय तिवारी, इंद्रजीत मौर्या आदि मौजूद रहे।
कोट
आराजी संख्या 14 तहसील रिकार्ड में सड़क के नाम से अंकित है। पीड़ित परिवार का आराजी संख्या 15 में 25 डिसमिल जमीन है। पीड़ित परिवार को 23 डिसमिल भूमि मिलनी चाहिए, जिसमें 20 डिसमिल भूमि पर कब्जा है। सड़क के चलते 13 डिसमिल जमीन कम पड़ रही है। फिलहाल पीड़ित पक्ष को 14 और 15 नंबर पर ही शिफ्ट कराया जा रहा है।
अलका सिंह, तहसीलदार, सलेमपुर
कोट
कोतवाली पुलिस बिना किसी नोटिस दिए तकरीबन चालीस वर्ष से रिहायशी झोपड़ी में रह रहे राजभर समाज के करीब 12 परिवार को न्यायालय का हवाला देकर महज 30 मिनट में बेघर कर दिया। विरोध करने वाली महिलाओं को बुरी तरह से पिटाई कर हवालात में बंद कर दिया गया था। जो काफी निंदनीय है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करूंगी।
-राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम, राज्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार

शंभू नाथ शर्मा

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शंभू नाथ शर्मा

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