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Deoria News: बिना मान्यता के स्कूलों पर लगाम लगाएगी संयुक्त समिति
Tue, 03 Sep 2024 01:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 03 Sep 2024 01:41 AM IST
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देवरिया। जिले में बिना मान्यता के चल रहे कक्षा एक से आठवीं तक के स्कूलों की मनमानी पर रोक लगने की उम्मीद जगी है। इनकी जांच के लिए डीएम के आदेश के एक माह बाद बीएसए ने संयुक्त समिति का गठन किया है। 17 सदस्यीय समिति में शामिल खंड शिक्षाधिकारियों को उनका कार्य क्षेत्र भी निर्धारित कर दिया गया है। जांच के बाद ऐसे स्कूल पुन: चलते पाए जाने पर इसकी जिम्मेदारी संबंधित बीईओ की होगी।
इधर, जांच समिति के गठन के बाद बिना मान्यता के चल रहे निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं मान्यता लेने के लिए भी संबंधित पटल पर आने वाले प्रबंधकों की भीड़ इधर बढ़ गई है। परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की घटी संख्या ने बेसिक शिक्षा विभाग की परेशानियां बढ़ा दी है। इसके पीछे बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों को भी बड़ा कारण माना जा रहा है। कई शिक्षक संगठनों ने भी इस समस्या के लिए विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन देकर इस ओर ध्यान आकृष्ट कराया है।
एक माह पूर्व विभागीय समीक्षा के अंतर्गत जिलाधिकारी ने भी जिले में बिना मान्यता प्राप्त व अनियमित ढंग से चलाए जा रहे इन स्कूलों के खिलाफ जांच अभियान चलाने एवं इन पर विभागीय नियमों के अनुसार कार्यवाही का निर्देश दिया था। अब बीएसए की ओर से इस मामले में दो-दो खंड शिक्षाधिकारियों की 17 टीमें गठित की गई हैं। जो जिले के 16 ब्लॉक व एक नगर क्षेत्र में बिना मान्यता के संचालित स्कूलों को बंद कराने का कार्य करेगी।
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चलते मिले बिना मान्यता के स्कूल तो नपेंगे संबंधित बीईओ
बीएसए शालिनी श्रीवास्तव ने बताया कि गैर मान्यता प्राप्त व अनियमित ढंग से संचालित स्कूलों के विरुद्ध अभियान चलाने के लिए सभी ब्लाकों व एक नगर क्षेत्र के लिए खंड शिक्षाधिकारियों को नामित कर दिया गया है। इसमें देवरिया सदर ब्लॉक के लिए बीईओ भटनी व देवरिया सदर, गौरीबाजार के लिए बीईओ रुद्रपुर व गौरीबाजार, बैतालपुर के लिए बीईओ तरकुलवा व बैतालपुर, रामपुर कारखाना के लिए बीईओ देवरिया सदर व रामपुर कारखाना, पथरदेवा के लिए बीईओ भटनी व पथरदेवा, तरकुलवा के लिए बीईओ पथरदेवा व तरकुलवा, भटनी के लिए बीईओ देवरिया सदर व भटनी, बनकटा के लिए बीईओ लार व बनकटा, भागलपुर के लिए बीईओ भलुअनी व भागलपुर, लार के लिए बीईओ भाटपाररानी व लार, भाटपाररानी के लिए बीईओ सलेमपुर व भाटपारानी, सलेमपुर के लिए बीईओ भागलपुर व सलेमपुर, बरहज के लिए बीईओ भागलपुर व बरहज, रुद्रपुर के लिए बीईओ गौरीबाजार व रुद्रपुर, देसही देवरिया के लिए बीईओ गौरीबाजार व देसही देवरिया, भलुअनी के लिए बीईओ रुद्रपुर व भलुअनी, नगर क्षेत्र देवरिया व गौरा बरहज के लिए बीईओ रुद्रपुर व नगर क्षेत्र को नामित करते हुए जांच अधिकारी बनाया गया है। यदि इनके अभियान के बाद भी यह स्कूल खुले मिलते हैं तो संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
कोट
जो भी निजी विद्यालय जनपद में चल रहे हैं, वह अपने मान्यता के लिए जरूरी प्रयास कर रहे हैं। मानक से संबंधित कागजात तैयार कराने में दो से तीन माह तक लग जा रहे हैं। ऐसे में स्कूल प्रबंधकों को और वक्त दिया जाना चाहिए।
-संगीता सिंह, जूनियर शिक्षण प्रबंधक संघ की जिलाध्यक्ष
कोट
कई विद्यालय ऐसे हैं जिनकी मान्यता मिल चुकी है, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते यू-डायस कोड नहीं उपलब्ध कराया गया है। ऐसे विद्यालयों को तत्काल यह कोड दिया जाए। पुन: नवीनीकरण के नाम पर ऑनलाइन आवेदन करने एवं इसी के नाम पर विभाग के कर्मचारी धन उगाही भी कर रहे हैं।
-विजय पटेल, राष्ट्रीय विद्यालय प्रबंधक संघ के प्रदेश संगठन मंत्री
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इधर, जांच समिति के गठन के बाद बिना मान्यता के चल रहे निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं मान्यता लेने के लिए भी संबंधित पटल पर आने वाले प्रबंधकों की भीड़ इधर बढ़ गई है। परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की घटी संख्या ने बेसिक शिक्षा विभाग की परेशानियां बढ़ा दी है। इसके पीछे बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों को भी बड़ा कारण माना जा रहा है। कई शिक्षक संगठनों ने भी इस समस्या के लिए विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन देकर इस ओर ध्यान आकृष्ट कराया है।
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एक माह पूर्व विभागीय समीक्षा के अंतर्गत जिलाधिकारी ने भी जिले में बिना मान्यता प्राप्त व अनियमित ढंग से चलाए जा रहे इन स्कूलों के खिलाफ जांच अभियान चलाने एवं इन पर विभागीय नियमों के अनुसार कार्यवाही का निर्देश दिया था। अब बीएसए की ओर से इस मामले में दो-दो खंड शिक्षाधिकारियों की 17 टीमें गठित की गई हैं। जो जिले के 16 ब्लॉक व एक नगर क्षेत्र में बिना मान्यता के संचालित स्कूलों को बंद कराने का कार्य करेगी।
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चलते मिले बिना मान्यता के स्कूल तो नपेंगे संबंधित बीईओ
बीएसए शालिनी श्रीवास्तव ने बताया कि गैर मान्यता प्राप्त व अनियमित ढंग से संचालित स्कूलों के विरुद्ध अभियान चलाने के लिए सभी ब्लाकों व एक नगर क्षेत्र के लिए खंड शिक्षाधिकारियों को नामित कर दिया गया है। इसमें देवरिया सदर ब्लॉक के लिए बीईओ भटनी व देवरिया सदर, गौरीबाजार के लिए बीईओ रुद्रपुर व गौरीबाजार, बैतालपुर के लिए बीईओ तरकुलवा व बैतालपुर, रामपुर कारखाना के लिए बीईओ देवरिया सदर व रामपुर कारखाना, पथरदेवा के लिए बीईओ भटनी व पथरदेवा, तरकुलवा के लिए बीईओ पथरदेवा व तरकुलवा, भटनी के लिए बीईओ देवरिया सदर व भटनी, बनकटा के लिए बीईओ लार व बनकटा, भागलपुर के लिए बीईओ भलुअनी व भागलपुर, लार के लिए बीईओ भाटपाररानी व लार, भाटपाररानी के लिए बीईओ सलेमपुर व भाटपारानी, सलेमपुर के लिए बीईओ भागलपुर व सलेमपुर, बरहज के लिए बीईओ भागलपुर व बरहज, रुद्रपुर के लिए बीईओ गौरीबाजार व रुद्रपुर, देसही देवरिया के लिए बीईओ गौरीबाजार व देसही देवरिया, भलुअनी के लिए बीईओ रुद्रपुर व भलुअनी, नगर क्षेत्र देवरिया व गौरा बरहज के लिए बीईओ रुद्रपुर व नगर क्षेत्र को नामित करते हुए जांच अधिकारी बनाया गया है। यदि इनके अभियान के बाद भी यह स्कूल खुले मिलते हैं तो संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
कोट
जो भी निजी विद्यालय जनपद में चल रहे हैं, वह अपने मान्यता के लिए जरूरी प्रयास कर रहे हैं। मानक से संबंधित कागजात तैयार कराने में दो से तीन माह तक लग जा रहे हैं। ऐसे में स्कूल प्रबंधकों को और वक्त दिया जाना चाहिए।
-संगीता सिंह, जूनियर शिक्षण प्रबंधक संघ की जिलाध्यक्ष
कोट
कई विद्यालय ऐसे हैं जिनकी मान्यता मिल चुकी है, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते यू-डायस कोड नहीं उपलब्ध कराया गया है। ऐसे विद्यालयों को तत्काल यह कोड दिया जाए। पुन: नवीनीकरण के नाम पर ऑनलाइन आवेदन करने एवं इसी के नाम पर विभाग के कर्मचारी धन उगाही भी कर रहे हैं।
-विजय पटेल, राष्ट्रीय विद्यालय प्रबंधक संघ के प्रदेश संगठन मंत्री