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अपने ही आए काम, पुलिस बनी तमाशाबीन
deoria
Updated Sat, 14 Oct 2017 11:10 PM IST
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नीलांबुज मिश्र
देवरिया। बाइक से घायलों को लेकर लोग जिला अस्पताल के इमरजेंसी में पहुंचे। आंखों में आंसू लिए सरौरा में गोली चलने की बात कहते हुए तत्काल इलाज की मांग करने लगे। इससे अस्पताल में अफरातफरी मच गई। आनन-फानन में पहुंची चिकित्सकों टीम इलाज में जुट गई और अस्पताल पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। बाइक और पिकअप में लादकर खून से लथपथ घायलों को लोगों ने अस्पताल पहुंचाया।
इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर और कर्मचारी आने वाले मरीजों का इलाज कर रहे थे। दिन में अचानक 11 बजे बाइक से इंद्रजीत कुशवाहा को लेकर दो युवक पहुुंचे। डॉक्टर अभी उसकी जांच कर मृत घोषित किए कि तीन घायलों को लेकर दो बाइक से और लोग आ गए। चीख-पुकार के बीच डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। मामला बढ़ता देखकर अस्पताल पर दो प्लाटून पीएसी, दरोगा और सिपाही काफी संख्या में पहुंच गए।
पुलिसवाले निजी वाहनों से अस्पताल आ रहे घायलों को वाहन से उतार कर अस्पताल पहुंचाना उचित नहीं समझे। फायरिंग से हताश लोग गम और गुस्से के बीच घायलों का इलाज कराते नजर आए। कुछ देर बाद पिकअप से रामप्रवेश उर्फ कोहली की खून से सनी लाश गांववाले लेकर आए। सुबह 11 से शाम चार बजे तक डॉक्टरों की टीम और पुलिस इमरजेंसी में रही। दिन में करीब 3.40 बजे पहुंचे डीएम सुजीत कुमार और एसपी राकेश शंकर ने अस्पताल में भर्ती संजय चौहान और विजय राजभर से मिलकर घटना की जानकारी ली।
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देवरिया। बाइक से घायलों को लेकर लोग जिला अस्पताल के इमरजेंसी में पहुंचे। आंखों में आंसू लिए सरौरा में गोली चलने की बात कहते हुए तत्काल इलाज की मांग करने लगे। इससे अस्पताल में अफरातफरी मच गई। आनन-फानन में पहुंची चिकित्सकों टीम इलाज में जुट गई और अस्पताल पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। बाइक और पिकअप में लादकर खून से लथपथ घायलों को लोगों ने अस्पताल पहुंचाया।
इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर और कर्मचारी आने वाले मरीजों का इलाज कर रहे थे। दिन में अचानक 11 बजे बाइक से इंद्रजीत कुशवाहा को लेकर दो युवक पहुुंचे। डॉक्टर अभी उसकी जांच कर मृत घोषित किए कि तीन घायलों को लेकर दो बाइक से और लोग आ गए। चीख-पुकार के बीच डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। मामला बढ़ता देखकर अस्पताल पर दो प्लाटून पीएसी, दरोगा और सिपाही काफी संख्या में पहुंच गए।
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पुलिसवाले निजी वाहनों से अस्पताल आ रहे घायलों को वाहन से उतार कर अस्पताल पहुंचाना उचित नहीं समझे। फायरिंग से हताश लोग गम और गुस्से के बीच घायलों का इलाज कराते नजर आए। कुछ देर बाद पिकअप से रामप्रवेश उर्फ कोहली की खून से सनी लाश गांववाले लेकर आए। सुबह 11 से शाम चार बजे तक डॉक्टरों की टीम और पुलिस इमरजेंसी में रही। दिन में करीब 3.40 बजे पहुंचे डीएम सुजीत कुमार और एसपी राकेश शंकर ने अस्पताल में भर्ती संजय चौहान और विजय राजभर से मिलकर घटना की जानकारी ली।
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