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इनामी त्रिभुवन एके 47 के साथ गिरफ्तार
देवरिया
Updated Sat, 30 Jul 2016 10:24 PM IST
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इनामी बदमाश त्रिभुवन तिवारी को एके 47 के साथ गिरफ्तार।
- फोटो : अमर उजाला
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सलेमपुर/सिवान। सिवान जिले के गुठनी थाने के खरखरिया गांव में शुक्रवार की रात एसआईटी ने छापामारी कर 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश त्रिभुवन तिवारी को एके 47 के साथ गिरफ्तार कर लिया। उसका एक सहयोगी भी पुलिस के हाथ लग गया। बदमाश के पास से ऑटोमैटिक पिस्टल, एके 47 की 13 और पिस्टल की सात गोलियां भी बरामद की है।
इनामी बदमाश त्रिभुवन सिवान के जीरादेई के गांधु छापर गांव का रहने वाला बताया जाता है। पुलिस के मुताबिक, त्रिभुवन तिवारी गुठनी के खरखरिया गांव में किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहा था। इस पर एसपी सौरभ शाह ने छापामारी के लिए टीम गठित की। एएसपी अरविंद कुमार गुप्ता, एसआईटी के सब इंस्पेक्टर आशीष मिश्रा, रामएकबाल प्रसाद, महादेवा ओपी प्रभारी शंभुनाथ सिंह, मैरवा थानाध्यक्ष मनोज के नेतृत्व में छापामारी हुई। जहां से दोनों अपराधी गिरफ्तार किए गए।
त्रिभुवन तिवारी पर सीवान, गोपालगंज, मोतिहारी एवं यूपी के देवरिया जिले में कई मामले दर्ज हैं। लंबे दिनों से पुलिस को तलाश थी। छह माह पहले ही एसपी की अनुशंसा पर बिहार सरकार ने उस पर 50 हजार रुपये इनाम की घोषणा की थी। त्रिभुवन तिवारी का भाई कुख्यात राका तिवारी वर्ष 2009 में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था।
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बड़े भाई राका तिवारी को पुलिस ने वर्ष 2009 में गोपालगंज के मिंज स्टेडियम में मुठभेड़ में मार गिराया था। वहां से पुलिस ने एके 47 बरामद की थी। राका तिवारी पर भी सीवान व गोपालगंज में दो दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। बड़े भाई के मारे जाने के बाद छोटे भाई ने अपराध की दुनिया में अपना पांव जमा लिया। राका तिवारी का नाम जिले के भटनी नगर में स्वर्ण व्यवसायी पिता पुत्र हत्याकांड में भी आया था।
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इनामी बदमाश त्रिभुवन सिवान के जीरादेई के गांधु छापर गांव का रहने वाला बताया जाता है। पुलिस के मुताबिक, त्रिभुवन तिवारी गुठनी के खरखरिया गांव में किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहा था। इस पर एसपी सौरभ शाह ने छापामारी के लिए टीम गठित की। एएसपी अरविंद कुमार गुप्ता, एसआईटी के सब इंस्पेक्टर आशीष मिश्रा, रामएकबाल प्रसाद, महादेवा ओपी प्रभारी शंभुनाथ सिंह, मैरवा थानाध्यक्ष मनोज के नेतृत्व में छापामारी हुई। जहां से दोनों अपराधी गिरफ्तार किए गए।
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त्रिभुवन तिवारी पर सीवान, गोपालगंज, मोतिहारी एवं यूपी के देवरिया जिले में कई मामले दर्ज हैं। लंबे दिनों से पुलिस को तलाश थी। छह माह पहले ही एसपी की अनुशंसा पर बिहार सरकार ने उस पर 50 हजार रुपये इनाम की घोषणा की थी। त्रिभुवन तिवारी का भाई कुख्यात राका तिवारी वर्ष 2009 में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था।
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बड़े भाई राका तिवारी को पुलिस ने वर्ष 2009 में गोपालगंज के मिंज स्टेडियम में मुठभेड़ में मार गिराया था। वहां से पुलिस ने एके 47 बरामद की थी। राका तिवारी पर भी सीवान व गोपालगंज में दो दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। बड़े भाई के मारे जाने के बाद छोटे भाई ने अपराध की दुनिया में अपना पांव जमा लिया। राका तिवारी का नाम जिले के भटनी नगर में स्वर्ण व्यवसायी पिता पुत्र हत्याकांड में भी आया था।