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इंस्पेक्टर की तलाश में तीन थाने अब भी खाली
देवरिया
Updated Thu, 03 Nov 2016 10:53 PM IST
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यूपी पुलिस
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देवरिया। इंस्पेक्टर रैंक के थाने नए इंस्पेक्टरों की बाट जोह रहे हैं। भटनी, लार और बरहज के थाने इंस्पेक्टर विहीन हैं। गैर जनपदों से देवरिया भेजे गए निरीक्षक आने से कतरा रहे हैं। ऐसे में जिले की कानून-व्यवस्था रामभरोसे है। जिले का लार संवेदनशील थाना है। दुर्गा पूजा के दौरान बवाल भी हो चुका है। इसकी चिंगारी अभी भी सुलग रही है।
इसके बाबजूद थानों पर पूर्णकालिक इंस्पेक्टर की तैनाती न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। शासन की मंशा के अनुसार जिले के सभी कोतवाली, इंस्पेक्टर रैंक के थानों पर निरीक्षकों की तैनाती होनी है। जिले में इंस्पेक्टरों की संख्या कम होने से तीन इंस्पेक्टर रैंक के थाने खाली हैं। इंस्पेक्टरों की कमी का लाभ जुगाड़ वाले थानेदार उठा रहे हैं। कमी का हवाला देकर उन्हें अंशकालिक थानेदार बनाया गया। एसपी ने पुलिस महकमे में धमाकेदार परिवर्तन किया।
तीनों कोतवाली सहित विभिन्न थानों पर आठ निरीक्षकों को तैनाती मिली। खेलकूद कोटे से पुलिस लाइंस में पड़े एक इंस्पेक्टर ने थाने पर जाने से मना कर दिया। नए बदलाव में लार, बरहज और भटनी जैसे बार्डर वाले थाने इंस्पेक्टर की बाट जोह रहे हैं। महिला इंस्पेक्टर अंजू भदौरिया को मदनपुर भेजा गया है। महिला थाने की कमान पुरुष दरोगा को सौंप दिया गया।
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फेरबदल में सबसे अधिक नुकसान एक विधायक से विवाद करने वाले एसओ का हुआ। उसे उसी थाने में एसएसआई बना दिया गया। लार और भटनी थानाक्षेत्र बिहार को जोड़ता है, तो बरहज, मऊ, गोरखपुर को। इन थानों में पूर्णकालिक तैनाती नहीं होने से कानून-व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। प्रतिसार निरीक्षक ने कहा कि गैर जनपदों से आने किसी भी इंस्पेक्टर ने पुलिस लाइंस में आमद नहीं कराया है।
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इसके बाबजूद थानों पर पूर्णकालिक इंस्पेक्टर की तैनाती न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। शासन की मंशा के अनुसार जिले के सभी कोतवाली, इंस्पेक्टर रैंक के थानों पर निरीक्षकों की तैनाती होनी है। जिले में इंस्पेक्टरों की संख्या कम होने से तीन इंस्पेक्टर रैंक के थाने खाली हैं। इंस्पेक्टरों की कमी का लाभ जुगाड़ वाले थानेदार उठा रहे हैं। कमी का हवाला देकर उन्हें अंशकालिक थानेदार बनाया गया। एसपी ने पुलिस महकमे में धमाकेदार परिवर्तन किया।
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तीनों कोतवाली सहित विभिन्न थानों पर आठ निरीक्षकों को तैनाती मिली। खेलकूद कोटे से पुलिस लाइंस में पड़े एक इंस्पेक्टर ने थाने पर जाने से मना कर दिया। नए बदलाव में लार, बरहज और भटनी जैसे बार्डर वाले थाने इंस्पेक्टर की बाट जोह रहे हैं। महिला इंस्पेक्टर अंजू भदौरिया को मदनपुर भेजा गया है। महिला थाने की कमान पुरुष दरोगा को सौंप दिया गया।
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फेरबदल में सबसे अधिक नुकसान एक विधायक से विवाद करने वाले एसओ का हुआ। उसे उसी थाने में एसएसआई बना दिया गया। लार और भटनी थानाक्षेत्र बिहार को जोड़ता है, तो बरहज, मऊ, गोरखपुर को। इन थानों में पूर्णकालिक तैनाती नहीं होने से कानून-व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। प्रतिसार निरीक्षक ने कहा कि गैर जनपदों से आने किसी भी इंस्पेक्टर ने पुलिस लाइंस में आमद नहीं कराया है।