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Rampur Bushahar News: ननखड़ी के थैली चकटी में जंगल से बरामद किए 41 स्लीपर
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ननखड़ी के थैली चकटी जंगल में वन विभाग ने बरामद किए कायल के स्लीपर। स्रोत : विभाग
. वन विभाग ने कब्जे में लिए कायल के सभी स्लीपर
. जंगलों की जांच के लिए वन विभाग ने किया टीमों का गठन
. वन काटुओं ने स्लीपर काटकर रखे थे गुफानुमा चट्टान के भीतर
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। ननखड़ी वन परिक्षेत्र के तहत आने वाली थैली चकटी पंचायत में वन विभाग ने एक गुफानुमा चट्टान के नीचे से कायल की लकड़ी के 41 स्लीपर बरामद किए हैं। ये स्लीपर कौन यहां काटकर रख गया है, वन विभाग इसकी गहनता से जांच कर रहा है। वन कटुओं पर लगाम लगाने के लिए वन विभाग ने विभिन्न टीमों का गठन किया है, जो क्षेत्र के जंगल में जांच कर रही हैं। हालांकि, अभी तक इस लकड़ी की कीमत का अनुमान नहीं लगाया जा सका है। यदि इस लकड़ी की बाजार कीमत 10 लाख से अधिक होती है, तो वन विभाग पुलिस में इस संबंध में मामला दर्ज करेगा। जानकारी के मुताबिक, वन विभाग को रविवार को सूचना मिली कि ननखड़ी तहसील के थैली चकटी गांव के साथ लगते जंगल में किसी ने स्लीपर काटकर गुफा के भीतर छुपा रखे हैं। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और पंचायत प्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। जांच के दौरान जंगल में एक बड़ी चट्टान के नीचे कायल के 41 स्लीपर बरामद हुए, जो काटकर वहां रखे गए थे। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने सभी स्लीपरों को कब्जे में लेकर ननखड़ी पहुंचाया। वन विभाग की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये स्लीपर ड्राई सेमी बर्न पेड़ से निकाले गए हैं, जो सूखा हुआ था। हालांकि, मौके पर किसी पेड़ के कटने या काट-छांट के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि जंगल में सूखे पेड़ को वन कटुओं ने काटकर स्लीपर बनाए और यहां छिपा दिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने अधिकारियों और कर्मचारियों की विभिन्न टीमें गठित की हैं। ये टीमें क्षेत्र के जंगल का निरीक्षण और जांच कर रही हैं। इस मामले में अभी तक कोई भी आरोपी नहीं पकड़ा गया है। वन विभाग विभिन्न पहलुओं से जांच कर रहा है। विभाग की ओर से जब्त किए गए स्लीपरों को ननखड़ी पहुंचाया गया है। वन कर्मी इस लकड़ी की कीमत का आकलन कर रहे हैं। ननखड़ी क्षेत्र में बीते कई वर्षों से अवैध कटान का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन इस मामले ने वन विभाग को सचेत कर दिया है। वन विभाग इस मामले में संलिप्त लोगों की तलाश कर रहा है।
लकड़ी की कीमत 10 लाख से अधिक हुई तो पुलिस में दर्ज होगा मामला : गुरहर्ष सिंह
वन विभाग रामपुर के प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) गुरहर्ष सिंह ने बताया कि ननखड़ी के थैली चकटी जंगल में कायल के 41 स्लीपर बरामद हुए हैं। वारदात को अंजाम देने वाले का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। विभाग ने सभी स्लीपर अपने कब्जे में लेकर ननखड़ी पहुंचाए हैं। विभाग लकड़ी की सही कीमत का आकलन कर रहा है। उन्होंने बताया कि यदि यह लकड़ी 10 लाख से अधिक की पाई गई, तो विभाग पुलिस में इस बारे में मामला दर्ज करेगा। यदि कीमत कम हुई, तो विभाग अपने स्तर पर इसमें कार्रवाई करेगा।
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. जंगलों की जांच के लिए वन विभाग ने किया टीमों का गठन
. वन काटुओं ने स्लीपर काटकर रखे थे गुफानुमा चट्टान के भीतर
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। ननखड़ी वन परिक्षेत्र के तहत आने वाली थैली चकटी पंचायत में वन विभाग ने एक गुफानुमा चट्टान के नीचे से कायल की लकड़ी के 41 स्लीपर बरामद किए हैं। ये स्लीपर कौन यहां काटकर रख गया है, वन विभाग इसकी गहनता से जांच कर रहा है। वन कटुओं पर लगाम लगाने के लिए वन विभाग ने विभिन्न टीमों का गठन किया है, जो क्षेत्र के जंगल में जांच कर रही हैं। हालांकि, अभी तक इस लकड़ी की कीमत का अनुमान नहीं लगाया जा सका है। यदि इस लकड़ी की बाजार कीमत 10 लाख से अधिक होती है, तो वन विभाग पुलिस में इस संबंध में मामला दर्ज करेगा। जानकारी के मुताबिक, वन विभाग को रविवार को सूचना मिली कि ननखड़ी तहसील के थैली चकटी गांव के साथ लगते जंगल में किसी ने स्लीपर काटकर गुफा के भीतर छुपा रखे हैं। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और पंचायत प्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। जांच के दौरान जंगल में एक बड़ी चट्टान के नीचे कायल के 41 स्लीपर बरामद हुए, जो काटकर वहां रखे गए थे। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने सभी स्लीपरों को कब्जे में लेकर ननखड़ी पहुंचाया। वन विभाग की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये स्लीपर ड्राई सेमी बर्न पेड़ से निकाले गए हैं, जो सूखा हुआ था। हालांकि, मौके पर किसी पेड़ के कटने या काट-छांट के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि जंगल में सूखे पेड़ को वन कटुओं ने काटकर स्लीपर बनाए और यहां छिपा दिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने अधिकारियों और कर्मचारियों की विभिन्न टीमें गठित की हैं। ये टीमें क्षेत्र के जंगल का निरीक्षण और जांच कर रही हैं। इस मामले में अभी तक कोई भी आरोपी नहीं पकड़ा गया है। वन विभाग विभिन्न पहलुओं से जांच कर रहा है। विभाग की ओर से जब्त किए गए स्लीपरों को ननखड़ी पहुंचाया गया है। वन कर्मी इस लकड़ी की कीमत का आकलन कर रहे हैं। ननखड़ी क्षेत्र में बीते कई वर्षों से अवैध कटान का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन इस मामले ने वन विभाग को सचेत कर दिया है। वन विभाग इस मामले में संलिप्त लोगों की तलाश कर रहा है।
लकड़ी की कीमत 10 लाख से अधिक हुई तो पुलिस में दर्ज होगा मामला : गुरहर्ष सिंह
वन विभाग रामपुर के प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) गुरहर्ष सिंह ने बताया कि ननखड़ी के थैली चकटी जंगल में कायल के 41 स्लीपर बरामद हुए हैं। वारदात को अंजाम देने वाले का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। विभाग ने सभी स्लीपर अपने कब्जे में लेकर ननखड़ी पहुंचाए हैं। विभाग लकड़ी की सही कीमत का आकलन कर रहा है। उन्होंने बताया कि यदि यह लकड़ी 10 लाख से अधिक की पाई गई, तो विभाग पुलिस में इस बारे में मामला दर्ज करेगा। यदि कीमत कम हुई, तो विभाग अपने स्तर पर इसमें कार्रवाई करेगा।

ननखड़ी के थैली चकटी जंगल में वन विभाग ने बरामद किए कायल के स्लीपर। स्रोत : विभाग
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