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बैतालपुर में तेल के अवैध धंधे का भंडाफोड़
Wed, 19 Jun 2019 11:26 PM IST
राकेश पांडेय
deoria
deoria
Published by: राकेश पांडेय
Updated Wed, 19 Jun 2019 11:26 PM IST
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एक गांव से पकड़े गए ड्रम।
- फोटो : amar ujala
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देवरिया। पुलिस-प्रशासन की संयुक्त टीम ने बुधवार को बैतालपुर डिपो के आसपास चल रहे तेल के अवैध धंधे का भंडाफोड़ कर दिया। 21 टीमों ने चार दर्जन गांवों में घर-घर जाकर सघन तलाशी ली। करीब साढ़े दस घंटे तक चली कार्रवाई में अवैध तेल का जखीरा मिला। कई घरों से मिलावटी तेल तैयार करने की सामग्री भी मिली। धंधे में लिप्त कई लोगों ने घर के अंदर मिनी पेट्रोल पंप बना रखा था। कार्रवाई के दौरान टीम को कई जगह कड़े प्रतिरोध का भी सामना करना पड़ा। हालांकि भारी फोर्स की मौजूदगी से धंधेबाज बैकफुट पर रहे। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है। देर शाम तक यह कार्रवाई जारी रही।
बैतालपुर में इंडियन आयल, एचपी व भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन के आयल डिपो के आसपास लंबे समय से अवैध तेल का धंधा चल रहा है। डिपो से निकलने वाले टैंकरों से घटतौली की लगातार शिकायत पेट्रोल पंप एसोसिएशन के लोगों ने की थी। छानबीन में पता चला कि डिपो से बाहर आते ही बड़ी मात्रा में टैंकर से डीजल-पेट्रोल निकाल लिया जाता है। बुधवार को डीएम अमित किशोर और एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र के निर्देशन में 21 टीमों ने सुबह नौ बजे डिपो के आसपास के इलाकों में छापा मार दिया। डिपो के बगल के गांव गुडरी, इटवा, पिपरहिया, सिरजम चौराहा के एक-एक घर में घुसकर तलाशी ली गई।
कई घरों से मिलावटी डीजल बनाने में इस्तेमाल होने वाला साल्वेंट, ब्लीचिंग पावडर, क्रेमोकेनिया पावडर, पंचिंग, मिक्सिंग मशीन, तेल मापक यंत्र सहित अन्य सामान व उपकरण मिले। टैंकरों से तेल निकालने वाला पाइप भी पकड़ा गया। सभी सामान टीम ने जब्त कर लिए। कार्रवाई के दौरान अधिकांश परिवारों में महिलाएं ही मिलीं। पुरुष फरार हो गए थे। डीएम ने बताया कि बड़े पैमाने पर अवैध तेल पकड़ा गया है। इस धंधे में लिप्त लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
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9,125 लीटर तेल बरामद, 13 पर केस
देवरिया। सुबह नौ बजे से रात साढ़े सात बजे तक बैतालपुर डिपो के आसपास स्थित गांवों में छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने 9,125 लीटर डीजल-पेट्रोल बरामद किया। इस मामले में जिला पूर्ति अधिकारी वीके सिंह ने नौ गृहस्वामियों समेत 13 लोगों के खिलाफ देर रात गौरीबाजार थाने में तहरीर दी। इसमें गुड़री निवासी मीरा यादव, प्रमोद यादव, जितेंद्र गुप्ता, पिंटू, दीनदयाल गुप्ता, इटवा निवासी रामजतन यादव, गोरखपुर के पिपरही निवासी नागेंद्र सहित 13 लोगों को नामजद किया गया है। एसओ विनय कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
बिस्तर के नीचे से मिला देसी कट्टा
छापेमारी के दौरान टीम जब नंबर 11 व 12 डिपो गेट के बगल में स्थित एक घर में घुसने लगी तो महिलाओं ने रास्ता रोक लिया। कड़े प्रतिरोध के बाद महिला पुलिस को आगे कर टीम अंदर घुसी। यहां तलाशी के दौरान चार खाली ड्रम, आठ गैलन में रखा तेल, सात छोटे गैलन, 20 मीटर पाइप, एक तेल मापक यंत्र, 11 अग्निशमन यंत्र व अन्य सामान बरामद हुए। बिस्तर के नीचे से 315 बोर का कट्टा भी मिला। एक महिला के पुलिस टीम पर कट्टा तानने की भी चर्चा रही। हालांकि पुलिस अफसरों ने इससे इंकार किया।
टीम धमकी तो बाहर फेंकने लगे तेल, लगाई आग
पुलिस-प्रशासन ने छापेमारी की कार्रवाई पूरी तरह गोपनीय थी। सुबह नौ बजे जब एसडीएम सदर दिनेश मिश्र, सीओ सिटी वरुण मिश्र व तहसीलदार सतीश कुमार के नेतृत्व में भारी फोर्स मौके पर पहुंचा तो हर कोई सहम गया। टीम के मंसूबे का अहसास होते ही कई धंधेबाजों ने घरों में रखे तेल को बाहर फेंकना शुरू कर दिया। हजारों लीटर तेल नालियों में बहा दिया गया तो कुछ ने डीजल-पेट्रोल के डिपो से कुछ दूरी पर स्थित पेड़ पर फेंककर आग लगा दी। इससे कुछ दूर के लिए मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
बिस्तर के नीचे से मिला देसी कट्टा
छापेमारी के दौरान टीम नंबर 11 व 12 डिपो गेट के बगल में स्थित एक घर में घुसने लगी तो परिवार की महिलाओं ने रास्ता रोक लिया। काफी प्रतिरोध के बाद महिला पुलिस को आगे कर टीम किसी तरह अंदर दाखिल हुई। यहां तलाशी के दौरान चार खाली ड्रम, आठ गैलन में रखा तेल, सात छोटे गैलन, 20 मीटर पाइप, एक तेल मापक यंत्र, 11 फायर एक्सटिंग्यूशर व अन्य सामान बरामद हुआ। बिस्तर के नीचे से 315 बोर का कट्टा भी मिला। एक महिला के पुलिस टीम पर कट्टा तानने की भी चर्चा रही। हालांकि, पुलिस अफसरों ने इससे इन्कार किया।
अवैध तेल के खेल से मालामाल हो गए कई
चंद वर्षों में कमाई अकूत संपत्ति, बन गए आलीशान भवन
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। बैतालपुर में डीजल-पेट्रोल के अवैध भंडारण व बिक्री का धंधा वर्षों से चलता आ रहा है। आसपास के कई गांवों के लोगों ने इस धंधे की बदौलत ही रसूख और प्रतिष्ठा कमाई। कई ऐसे लोग हैं जिन्होंने इस धंधे के बल पर ही चंद वर्षों में करोड़ों की संपत्ति बना ली। उनकी झोपड़ियां व कच्चे मकान देखते ही देखते आलीशान कोठियों में तब्दील हो गए। स्थानीय पुलिस और सफेदपोशों के संरक्षण के चलते उन पर हाथ डालने की भी कोई जहमत नहीं उठाता।
बैतालपुर में आयल कंपनियों ने वर्ष 1994 में डिपो स्थापित किया। यहां बरौनी से रेलवे के माध्यम से डीजन-पेट्रोल पहुंचता है, जिसे डिपो में संग्रहित कर टैंकर के माध्यम से पड़ोसी देश नेपाल सहित गोरखपुर, बलिया, देवरिया, कुशीनगर, संतकबीरनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, जौनपुर, महराजगंज, मऊ (आंशिक) जिले के पेट्रोल पंपों को आपूर्ति दी जाती है। डिपो स्थापित होने के बाद से आसपास के इलाकों में रहने वालों की आर्थिक स्थिति में तेजी से बदलाव हुआ है। जिनके पास कभी कच्चे मकान हुआ करते थे, वह तेल के अवैध खेल में लिप्त होकर आलीशान बंगले के मालिक बन चुके हैं। उनकी चल-अचल संपत्ति में भरपूर इजाफा हुआ है। कमाई का मजबूत स्रोत होने से सफेदपोश भी इस धंधे को संरक्षण देते रहे हैं। लिहाजा सरकारी अमले के लोग भी बंधी-बंधाई रकम के बदले अमूमन मौन साधने में भी भलाई समझते हैं।
सात वर्ष पूर्व छापेमारी में मिला था 60 हजार लीटर अवैध तेल
केस दर्ज कर गिरफ्तारी हुई, कुछ दिनों बाद फिर शुरू हो गया था धंधा
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। अवैध तेल के धंधेबाजों पर कार्रवाई के लिए प्रशासन ने सात वर्ष पूर्व भी ऐसे ही छापेमारी की थी। 16 अक्तूबर 2012 में तत्कालीन डीएम हृषिकेश भास्कर यशोद के नेतृत्व में भारी फोर्स ने एक-एक घरों में घुसकर घंटों तक तलाशी ली। दिन भर चले अभियान के बाद प्रशासनिक टीम ने 60 हजार लीटर अवैध डीजल-पेट्रोल बरामद किया था। धंधे में लिप्त 14 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। कुछ समय तो इस धंधे पर अंकुश लगा रहा, लेकिन डीएम के तबादले और धंधेबाजों के जमानत पर बाहर आने के बाद फिर से परवान चढ़ गया। पिछले कुछ वर्षों में धंधेबाजों की धमक इतनी बढ़ गई थी कि तेल लेने आने वाले टैंकर चालक भी सहमे रहते थे। अक्सर डिपो के आसपास मारपीट की घटनाएं सामने आती रही हैं। धंधे का विरोध करने वालों को भी टेढ़ी नजरों से देखते रहे हैं।
ऐसे ही नहीं सबसे मालदार थाना है गौरीबाजार
देवरिया। बैतालपुर डिपो का इलाका गौरीबाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत ही आता है। अवैध तेल की कमाई के कारण ही इसे जिले के सबसे क्रीम थानों में गिना जाता है। यहां की इंचार्ज बनने के लिए हर इंस्पेक्टर, दरोगा लालायित रहते हैं। सूत्रों के मुताबिक अवैध धंधेबाजों से होने वाली मासिक वसूली का बड़ा हिस्सा थाने तक भी पहुंचता है। इसके बदले पुलिस अवैध धंधों को देख आंख बंद कर लेती है। कमोवेश यही हाल आरपीएफ चौकी का भी है।
डिपो से बाहर आते ही टैंकर से निकल जाता है तेल
आयल डिपो से तेल की चोरी में टैंकर चालकों की भी संलिप्तता रही है। सूत्रों के मुताबिक डिपो से तेल लेकर बाहर आते ही टैंकर चालक पहले से ही तय ठिकाने पर पहुंचते हैं। टैंकर के ऊपरी हिस्से में एपाइप लगाकर 20-25 लीटर तक तेल निकाल देते हैं। यह तेल वह स्थानीय धंधेबाजों को 40-45 रुपये प्रति लीटर डीजल व 55-60 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल की दर से बेच देते हैं। वहां से उसे बाजारों में अधिक दाम पर बेचा जाता है। रेलवे टै्रक पर खड़े वैैगन से भी तेल निकाल लिया जाता है।
ऐसे तैयार करते हैं मिलावटी डीजल
जानकारों की मानें तो डिपो के आसपास तेल के अवैध भंडारण के साथ ही मिलावटी डीजल भी तैयार होता है। धंधेबाज साल्वेंट, ञ्लीचिंग पावडर व क्रेमोकेनिया पावडर की मदद से मिट्टी के तेल को डीजल में तब्दील करते हैं। एक ड्रम मिट्टी का तेल (करीब 220 लीटर) से डीजल बनाने के लिए पहले 10 लीटर डीजल को एक बाल्टी में रखकर उसमें साल्वेंट, ब्लीचिंग पावडर व क्रेमोकेनिया पावडर को मिलाते हैं। कुछ देर में घोल बन जाने के बाद उसे ड्रम में उड़ेल दिया जाता है। पाइप के जरिए फूंक या मिक्सिंग मशीन से उसे मिट्टी के तेल में अच्छी तरह मिलाया जाता है।
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बैतालपुर में इंडियन आयल, एचपी व भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन के आयल डिपो के आसपास लंबे समय से अवैध तेल का धंधा चल रहा है। डिपो से निकलने वाले टैंकरों से घटतौली की लगातार शिकायत पेट्रोल पंप एसोसिएशन के लोगों ने की थी। छानबीन में पता चला कि डिपो से बाहर आते ही बड़ी मात्रा में टैंकर से डीजल-पेट्रोल निकाल लिया जाता है। बुधवार को डीएम अमित किशोर और एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र के निर्देशन में 21 टीमों ने सुबह नौ बजे डिपो के आसपास के इलाकों में छापा मार दिया। डिपो के बगल के गांव गुडरी, इटवा, पिपरहिया, सिरजम चौराहा के एक-एक घर में घुसकर तलाशी ली गई।
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कई घरों से मिलावटी डीजल बनाने में इस्तेमाल होने वाला साल्वेंट, ब्लीचिंग पावडर, क्रेमोकेनिया पावडर, पंचिंग, मिक्सिंग मशीन, तेल मापक यंत्र सहित अन्य सामान व उपकरण मिले। टैंकरों से तेल निकालने वाला पाइप भी पकड़ा गया। सभी सामान टीम ने जब्त कर लिए। कार्रवाई के दौरान अधिकांश परिवारों में महिलाएं ही मिलीं। पुरुष फरार हो गए थे। डीएम ने बताया कि बड़े पैमाने पर अवैध तेल पकड़ा गया है। इस धंधे में लिप्त लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
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9,125 लीटर तेल बरामद, 13 पर केस
देवरिया। सुबह नौ बजे से रात साढ़े सात बजे तक बैतालपुर डिपो के आसपास स्थित गांवों में छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने 9,125 लीटर डीजल-पेट्रोल बरामद किया। इस मामले में जिला पूर्ति अधिकारी वीके सिंह ने नौ गृहस्वामियों समेत 13 लोगों के खिलाफ देर रात गौरीबाजार थाने में तहरीर दी। इसमें गुड़री निवासी मीरा यादव, प्रमोद यादव, जितेंद्र गुप्ता, पिंटू, दीनदयाल गुप्ता, इटवा निवासी रामजतन यादव, गोरखपुर के पिपरही निवासी नागेंद्र सहित 13 लोगों को नामजद किया गया है। एसओ विनय कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
बिस्तर के नीचे से मिला देसी कट्टा
छापेमारी के दौरान टीम जब नंबर 11 व 12 डिपो गेट के बगल में स्थित एक घर में घुसने लगी तो महिलाओं ने रास्ता रोक लिया। कड़े प्रतिरोध के बाद महिला पुलिस को आगे कर टीम अंदर घुसी। यहां तलाशी के दौरान चार खाली ड्रम, आठ गैलन में रखा तेल, सात छोटे गैलन, 20 मीटर पाइप, एक तेल मापक यंत्र, 11 अग्निशमन यंत्र व अन्य सामान बरामद हुए। बिस्तर के नीचे से 315 बोर का कट्टा भी मिला। एक महिला के पुलिस टीम पर कट्टा तानने की भी चर्चा रही। हालांकि पुलिस अफसरों ने इससे इंकार किया।
टीम धमकी तो बाहर फेंकने लगे तेल, लगाई आग
पुलिस-प्रशासन ने छापेमारी की कार्रवाई पूरी तरह गोपनीय थी। सुबह नौ बजे जब एसडीएम सदर दिनेश मिश्र, सीओ सिटी वरुण मिश्र व तहसीलदार सतीश कुमार के नेतृत्व में भारी फोर्स मौके पर पहुंचा तो हर कोई सहम गया। टीम के मंसूबे का अहसास होते ही कई धंधेबाजों ने घरों में रखे तेल को बाहर फेंकना शुरू कर दिया। हजारों लीटर तेल नालियों में बहा दिया गया तो कुछ ने डीजल-पेट्रोल के डिपो से कुछ दूरी पर स्थित पेड़ पर फेंककर आग लगा दी। इससे कुछ दूर के लिए मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
बिस्तर के नीचे से मिला देसी कट्टा
छापेमारी के दौरान टीम नंबर 11 व 12 डिपो गेट के बगल में स्थित एक घर में घुसने लगी तो परिवार की महिलाओं ने रास्ता रोक लिया। काफी प्रतिरोध के बाद महिला पुलिस को आगे कर टीम किसी तरह अंदर दाखिल हुई। यहां तलाशी के दौरान चार खाली ड्रम, आठ गैलन में रखा तेल, सात छोटे गैलन, 20 मीटर पाइप, एक तेल मापक यंत्र, 11 फायर एक्सटिंग्यूशर व अन्य सामान बरामद हुआ। बिस्तर के नीचे से 315 बोर का कट्टा भी मिला। एक महिला के पुलिस टीम पर कट्टा तानने की भी चर्चा रही। हालांकि, पुलिस अफसरों ने इससे इन्कार किया।
अवैध तेल के खेल से मालामाल हो गए कई
चंद वर्षों में कमाई अकूत संपत्ति, बन गए आलीशान भवन
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। बैतालपुर में डीजल-पेट्रोल के अवैध भंडारण व बिक्री का धंधा वर्षों से चलता आ रहा है। आसपास के कई गांवों के लोगों ने इस धंधे की बदौलत ही रसूख और प्रतिष्ठा कमाई। कई ऐसे लोग हैं जिन्होंने इस धंधे के बल पर ही चंद वर्षों में करोड़ों की संपत्ति बना ली। उनकी झोपड़ियां व कच्चे मकान देखते ही देखते आलीशान कोठियों में तब्दील हो गए। स्थानीय पुलिस और सफेदपोशों के संरक्षण के चलते उन पर हाथ डालने की भी कोई जहमत नहीं उठाता।
बैतालपुर में आयल कंपनियों ने वर्ष 1994 में डिपो स्थापित किया। यहां बरौनी से रेलवे के माध्यम से डीजन-पेट्रोल पहुंचता है, जिसे डिपो में संग्रहित कर टैंकर के माध्यम से पड़ोसी देश नेपाल सहित गोरखपुर, बलिया, देवरिया, कुशीनगर, संतकबीरनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, जौनपुर, महराजगंज, मऊ (आंशिक) जिले के पेट्रोल पंपों को आपूर्ति दी जाती है। डिपो स्थापित होने के बाद से आसपास के इलाकों में रहने वालों की आर्थिक स्थिति में तेजी से बदलाव हुआ है। जिनके पास कभी कच्चे मकान हुआ करते थे, वह तेल के अवैध खेल में लिप्त होकर आलीशान बंगले के मालिक बन चुके हैं। उनकी चल-अचल संपत्ति में भरपूर इजाफा हुआ है। कमाई का मजबूत स्रोत होने से सफेदपोश भी इस धंधे को संरक्षण देते रहे हैं। लिहाजा सरकारी अमले के लोग भी बंधी-बंधाई रकम के बदले अमूमन मौन साधने में भी भलाई समझते हैं।
सात वर्ष पूर्व छापेमारी में मिला था 60 हजार लीटर अवैध तेल
केस दर्ज कर गिरफ्तारी हुई, कुछ दिनों बाद फिर शुरू हो गया था धंधा
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। अवैध तेल के धंधेबाजों पर कार्रवाई के लिए प्रशासन ने सात वर्ष पूर्व भी ऐसे ही छापेमारी की थी। 16 अक्तूबर 2012 में तत्कालीन डीएम हृषिकेश भास्कर यशोद के नेतृत्व में भारी फोर्स ने एक-एक घरों में घुसकर घंटों तक तलाशी ली। दिन भर चले अभियान के बाद प्रशासनिक टीम ने 60 हजार लीटर अवैध डीजल-पेट्रोल बरामद किया था। धंधे में लिप्त 14 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। कुछ समय तो इस धंधे पर अंकुश लगा रहा, लेकिन डीएम के तबादले और धंधेबाजों के जमानत पर बाहर आने के बाद फिर से परवान चढ़ गया। पिछले कुछ वर्षों में धंधेबाजों की धमक इतनी बढ़ गई थी कि तेल लेने आने वाले टैंकर चालक भी सहमे रहते थे। अक्सर डिपो के आसपास मारपीट की घटनाएं सामने आती रही हैं। धंधे का विरोध करने वालों को भी टेढ़ी नजरों से देखते रहे हैं।
ऐसे ही नहीं सबसे मालदार थाना है गौरीबाजार
देवरिया। बैतालपुर डिपो का इलाका गौरीबाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत ही आता है। अवैध तेल की कमाई के कारण ही इसे जिले के सबसे क्रीम थानों में गिना जाता है। यहां की इंचार्ज बनने के लिए हर इंस्पेक्टर, दरोगा लालायित रहते हैं। सूत्रों के मुताबिक अवैध धंधेबाजों से होने वाली मासिक वसूली का बड़ा हिस्सा थाने तक भी पहुंचता है। इसके बदले पुलिस अवैध धंधों को देख आंख बंद कर लेती है। कमोवेश यही हाल आरपीएफ चौकी का भी है।
डिपो से बाहर आते ही टैंकर से निकल जाता है तेल
आयल डिपो से तेल की चोरी में टैंकर चालकों की भी संलिप्तता रही है। सूत्रों के मुताबिक डिपो से तेल लेकर बाहर आते ही टैंकर चालक पहले से ही तय ठिकाने पर पहुंचते हैं। टैंकर के ऊपरी हिस्से में एपाइप लगाकर 20-25 लीटर तक तेल निकाल देते हैं। यह तेल वह स्थानीय धंधेबाजों को 40-45 रुपये प्रति लीटर डीजल व 55-60 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल की दर से बेच देते हैं। वहां से उसे बाजारों में अधिक दाम पर बेचा जाता है। रेलवे टै्रक पर खड़े वैैगन से भी तेल निकाल लिया जाता है।
ऐसे तैयार करते हैं मिलावटी डीजल
जानकारों की मानें तो डिपो के आसपास तेल के अवैध भंडारण के साथ ही मिलावटी डीजल भी तैयार होता है। धंधेबाज साल्वेंट, ञ्लीचिंग पावडर व क्रेमोकेनिया पावडर की मदद से मिट्टी के तेल को डीजल में तब्दील करते हैं। एक ड्रम मिट्टी का तेल (करीब 220 लीटर) से डीजल बनाने के लिए पहले 10 लीटर डीजल को एक बाल्टी में रखकर उसमें साल्वेंट, ब्लीचिंग पावडर व क्रेमोकेनिया पावडर को मिलाते हैं। कुछ देर में घोल बन जाने के बाद उसे ड्रम में उड़ेल दिया जाता है। पाइप के जरिए फूंक या मिक्सिंग मशीन से उसे मिट्टी के तेल में अच्छी तरह मिलाया जाता है।