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टायर कारोबारी को वर्दीधारियों ने लूटा
देवरिया
Updated Tue, 24 Jan 2017 10:52 PM IST
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लूट की घटना के बाद पीड़ित से जानकारी करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
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सुनील कुमार सिंह
देवरिया। भारतीय जनता पार्टी ने जिले के टिकट बंटवारे में बैलेंस की भरपूर कोशिश है। दो ब्राह्मण प्रत्याशियों का टिकट काटा तो ब्राह्मण को ही टिकट थमाया। पिछले चुनाव में ठाकुर बिरादरी के एक उम्मीदवार थे, लेकिन इस बार किसी को टिकट नहीं मिला। कोईरी बाहुल्य इलाके में उसी बिरादरी के नेता को टिकट दिया गया है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सूर्यप्रताप शाही भूमिहार जाति के हैं।
पिछली बार रामपुर कारखाना से राजीव मिश्र और बरहज से नरेंद्र मिश्र को टिकट मिला था। इन दोनों का टिकट तो कटा, लेकिन इनकी जगह ब्राह्मण प्रत्याशी मैदान में उतारे गए हैं। पार्टी ने यहां प्रत्याशी जरूर बदला, लेकिन समीकरण को बरकरार रखने की कोशिश की गई है। देवरिया सदर से जन्मेजय सिंह और रुद्रपुर के जयप्रकाश निषाद पिछड़ी जाति के हैं।
भाटपाररानी विधानसभा से पिछली बार ठाकुर बिरादरी के राजकुमार शाही प्रत्याशी थे। इस बार पिछड़ी जाति के जयनाथ कुशवाहा पर दांव लगाया गया है। जिले की इकलौती अनुसूचित सीट से पुराने नेता काली प्रसाद को मैदान में उतारा है। भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने यहां जातीय बैलेंस बनाने की कोशिश है।
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देवरिया। भारतीय जनता पार्टी ने जिले के टिकट बंटवारे में बैलेंस की भरपूर कोशिश है। दो ब्राह्मण प्रत्याशियों का टिकट काटा तो ब्राह्मण को ही टिकट थमाया। पिछले चुनाव में ठाकुर बिरादरी के एक उम्मीदवार थे, लेकिन इस बार किसी को टिकट नहीं मिला। कोईरी बाहुल्य इलाके में उसी बिरादरी के नेता को टिकट दिया गया है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सूर्यप्रताप शाही भूमिहार जाति के हैं।
पिछली बार रामपुर कारखाना से राजीव मिश्र और बरहज से नरेंद्र मिश्र को टिकट मिला था। इन दोनों का टिकट तो कटा, लेकिन इनकी जगह ब्राह्मण प्रत्याशी मैदान में उतारे गए हैं। पार्टी ने यहां प्रत्याशी जरूर बदला, लेकिन समीकरण को बरकरार रखने की कोशिश की गई है। देवरिया सदर से जन्मेजय सिंह और रुद्रपुर के जयप्रकाश निषाद पिछड़ी जाति के हैं।
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भाटपाररानी विधानसभा से पिछली बार ठाकुर बिरादरी के राजकुमार शाही प्रत्याशी थे। इस बार पिछड़ी जाति के जयनाथ कुशवाहा पर दांव लगाया गया है। जिले की इकलौती अनुसूचित सीट से पुराने नेता काली प्रसाद को मैदान में उतारा है। भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने यहां जातीय बैलेंस बनाने की कोशिश है।
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