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सड़क हादसे में भाई-बहन की मौत
देवरिया
Updated Thu, 20 Oct 2016 10:53 PM IST
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रामपुर कारखाना। सड़क हादसे में भाई-बहन की मौत हो गई। भांजा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। नाराज लोगों ने सड़क जाम कर विरोध जताया। मोहन मुंडेरा गांव निवासी हमीद गुरुवार को बहन नरगिस पत्नी सुकुरुल्ला और भांजे तंजील को बाइक से देवरिया इलाज कराने ला रहे थे।
कसया रोड के गौरा चौराहे के पास चार पहिया वाहन ने सामने से उसकी बाइक में ठोकर मार दी। ठोकर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार भाई, बहन और भांजा दूर जा गिरे। तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए और बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई। हादसा होते ही लोगों की भीड़ जुट गई। मौका पाकर चार पहिया वाहन चालक भाग निकला। आनन-फानन में घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया और नाराज लोगों ने सड़क जाम कर दिया।
इससे देवरिया-कसया मार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम समाप्त कराया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने हमीद को मृत घोषित कर दिया। नरगिस को उपचार गोरखपुर रेफर किया गया था। घरवाले अभी उसे गोरखपुर ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि उसने भी अस्पताल परिसर में दम तोड़ दिया।
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भाई-बहन की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। अस्पताल परिसर में मौजूद लोग उन्हें ढांढस बंधाते दिखे। उधर नौ वर्षीय तंजील भी दर्द से तड़प रहा था। उसे नहीं पता था कि मामू और अम्मी की मौत हो गई है।
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कसया रोड के गौरा चौराहे के पास चार पहिया वाहन ने सामने से उसकी बाइक में ठोकर मार दी। ठोकर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार भाई, बहन और भांजा दूर जा गिरे। तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए और बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई। हादसा होते ही लोगों की भीड़ जुट गई। मौका पाकर चार पहिया वाहन चालक भाग निकला। आनन-फानन में घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया और नाराज लोगों ने सड़क जाम कर दिया।
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इससे देवरिया-कसया मार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम समाप्त कराया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने हमीद को मृत घोषित कर दिया। नरगिस को उपचार गोरखपुर रेफर किया गया था। घरवाले अभी उसे गोरखपुर ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि उसने भी अस्पताल परिसर में दम तोड़ दिया।
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भाई-बहन की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। अस्पताल परिसर में मौजूद लोग उन्हें ढांढस बंधाते दिखे। उधर नौ वर्षीय तंजील भी दर्द से तड़प रहा था। उसे नहीं पता था कि मामू और अम्मी की मौत हो गई है।