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अभिलेख गायब करने के आरोप में प्रधानाध्यापक निलंबित
Sat, 23 Feb 2019 12:30 AM IST
राकेश पांडेय
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Published by: राकेश पांडेय
Updated Sat, 23 Feb 2019 12:30 AM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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देवरिया। तरकुलवा क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोपालपुर के प्रधानाध्यापक राजशंकर आर्य को स्कूल का अभिलेख गायब करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। दो माह से इस प्रकरण में उनके खिलाफ जांच चल रही थी। जांच में तत्कालीन बीईओ ने भी उनके खिलाफ निलंबन की संस्तुति की थी। हालांकि इस मामले में आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई है।
बीएसए माधवजी तिवारी ने शुक्रवार को बताया कि गत दिसंबर में पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोपालपुर विकास खंड तरकुलवा में विभिन्न वर्षों की पत्र व्यवहार पंजिका, छात्र, अध्यापक, रसोइयां उपस्थिति पंजिका, खाद्यान्न उठान रजिस्टर, वार्षिक परीक्षाफल, टीसी सत्र 2015 से अब तक, प्रवेश पंजिका, बैंक पासबुक सहित अन्य अभिलेख गायब हो गए। तत्कालीन बीईओ ने इस प्रकरण की जांच की। जांच में कुल नामांकन 23 के सापेक्ष मात्र आठ छात्र अनुपस्थित पाए गए। एमडीएम पंजिका में 17 छात्रों का उल्लेख था। छात्रों में वितरण को आया जूता-मोजा बक्से में पाया गया। विद्यालय की रंगाई-पुताई भी तीन सालों से नहीं कराई गई थी। गायब अभिलेखों के बारे में पूछने पर प्रधानाध्यापक ने इसकी तहरीर व ऑनलाइन एफआईआर की कापी प्रस्तुत की। निरीक्षण में गायब अभिलेखों के अतिरिक्त प्रस्तुत अन्य अभिलेखों के अवलोकन से पुष्टि हुई कि विद्यालय में पूर्व में छात्र उपस्थिति, अध्यापक उपस्थिति के लिए एक सत्र के लिए एक ही पंजिका का प्रयोग किया गया है। इस प्रकरण में प्रधानाध्यापक ने जानबूझकर गलती की है।
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बीएसए माधवजी तिवारी ने शुक्रवार को बताया कि गत दिसंबर में पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोपालपुर विकास खंड तरकुलवा में विभिन्न वर्षों की पत्र व्यवहार पंजिका, छात्र, अध्यापक, रसोइयां उपस्थिति पंजिका, खाद्यान्न उठान रजिस्टर, वार्षिक परीक्षाफल, टीसी सत्र 2015 से अब तक, प्रवेश पंजिका, बैंक पासबुक सहित अन्य अभिलेख गायब हो गए। तत्कालीन बीईओ ने इस प्रकरण की जांच की। जांच में कुल नामांकन 23 के सापेक्ष मात्र आठ छात्र अनुपस्थित पाए गए। एमडीएम पंजिका में 17 छात्रों का उल्लेख था। छात्रों में वितरण को आया जूता-मोजा बक्से में पाया गया। विद्यालय की रंगाई-पुताई भी तीन सालों से नहीं कराई गई थी। गायब अभिलेखों के बारे में पूछने पर प्रधानाध्यापक ने इसकी तहरीर व ऑनलाइन एफआईआर की कापी प्रस्तुत की। निरीक्षण में गायब अभिलेखों के अतिरिक्त प्रस्तुत अन्य अभिलेखों के अवलोकन से पुष्टि हुई कि विद्यालय में पूर्व में छात्र उपस्थिति, अध्यापक उपस्थिति के लिए एक सत्र के लिए एक ही पंजिका का प्रयोग किया गया है। इस प्रकरण में प्रधानाध्यापक ने जानबूझकर गलती की है।
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