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राप्ती नदी में दिव्यांग छात्र डूबा
Updated Sun, 11 Jun 2017 06:11 PM IST
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बरहज (देवरिया)। क्षेत्र के कपरवार के बिनवापुरी गांव के समीप राप्ती नदी में एक दिव्यांग छात्र डूब गया। वह अपने दोस्तों के साथ नहाने गया हुआ था। सूचना मिलने पर पहुंची बरहज पुलिस नाव के सहारे स्थानीय लोगों की मदद से डूबे छात्र की तलाश में जुटी है। उसका पता नहीं चल सका है।
कपरवार के पश्चिम टोला निवासी कुबेर चौरसिया के तीन संतानों में सबसे बड़ा और इकलौता पुत्र अभिमन्यु 16 वर्ष कक्षा आठ का छात्र था। रविवार की सुबह करीब आठ बजे वह अपने दोस्त रुस्तम और सोनू के साथ गांव से कुछ दूरी पर बिनवापुरी के आम के बागीचे के समीप से बह रही राप्ती नदी में नहाने गया हुआ था। लोगों का कहना है कि पूरे दिन अधिक गर्मी और उमस के कारण जीवन बेहाल था। गर्मी से निजात पाने के लिए बच्चे बागीचे में खेलने के दौरान नदी में नहाने उतर गए। साथ नहा रहे बच्चों का कहना है कि नहाने के दौरान अभिमन्यु का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। दोस्तों की चीख-पुकार के बाद लोग जब तक जुटते अभिमन्यु नदी की धारा में विलीन हो गया। बेटे के डूबने की सूचना मिलते ही मां मंगलावती, बहन गुड़िया, पुष्पा और पिता कुबेर नदी की ओर दौड़ पड़े। परिजनों की चीत्कार सुन लोग अपने को रोक नहीं पा रहे थे। सूचना पर पहुंचे एसएचओ सत्येन्द्र पाण्डेय और एसएसआई राजेश कुमार छात्र की नदी में तलाश कराने जुट गए।
इंसेट-
मां को समोसा बनाने के लिए कहकर निकला था घर से
बरहज। कपरवार गांव निवासी मजदूर का दिव्यांग बेटा अभिमन्यु चौराहे से कानपुरी मैदा और आलू लाकर मां को दिया और समोसा बनाने के लिए कह कर घर से निकल गया। उसके परिजनों को क्या पता था कि समोसा खाने के लिए घर नहीं पहुंचेगा। बेटे की जिद पर मां मंगलावती घर पर समोसा बना रही थीं। इसी बीच अभिमन्यु के दोस्त रुस्तम और सोनू उसका कपड़ा और चप्पल लेकर चीखते हुए घर पहुंच उसके डूबने की खबर सुनाए। जानकारी होते ही मां नदी की ओर दौड़ पड़ी।
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इंसेट-
समय पर महाजाल पड़ता तो मिल सकता था अभिमन्यु
बरहज। रविवार की सुबह करीब आठ बजे नहाने के दौरान पैर फिसल जाने से अभिमन्यु राप्ती में डूब गया। डूबने की खबर मिलते ही आसपास के लोग जुट गए। जबकि पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। लोगों का कहना है कि पुलिस समय से नदी में महाजाल डलवाने की जहमत नहीं उठाई। यदि समय से महाजाल और गोताखोरों की मदद ली गई होती तो अभिमन्यु का पता चल सकता था। करीब एक माह पूर्व दाह संस्कार में आए दो युवक और रिश्तेदार से मिलने जा रहा एक युवक बाइक अनियंत्रित हो जाने से नदी में डूब गया था। इसमें अब तक दो की लाश बरामद हो सकी है। इसके बावजूद प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
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कपरवार के पश्चिम टोला निवासी कुबेर चौरसिया के तीन संतानों में सबसे बड़ा और इकलौता पुत्र अभिमन्यु 16 वर्ष कक्षा आठ का छात्र था। रविवार की सुबह करीब आठ बजे वह अपने दोस्त रुस्तम और सोनू के साथ गांव से कुछ दूरी पर बिनवापुरी के आम के बागीचे के समीप से बह रही राप्ती नदी में नहाने गया हुआ था। लोगों का कहना है कि पूरे दिन अधिक गर्मी और उमस के कारण जीवन बेहाल था। गर्मी से निजात पाने के लिए बच्चे बागीचे में खेलने के दौरान नदी में नहाने उतर गए। साथ नहा रहे बच्चों का कहना है कि नहाने के दौरान अभिमन्यु का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। दोस्तों की चीख-पुकार के बाद लोग जब तक जुटते अभिमन्यु नदी की धारा में विलीन हो गया। बेटे के डूबने की सूचना मिलते ही मां मंगलावती, बहन गुड़िया, पुष्पा और पिता कुबेर नदी की ओर दौड़ पड़े। परिजनों की चीत्कार सुन लोग अपने को रोक नहीं पा रहे थे। सूचना पर पहुंचे एसएचओ सत्येन्द्र पाण्डेय और एसएसआई राजेश कुमार छात्र की नदी में तलाश कराने जुट गए।
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मां को समोसा बनाने के लिए कहकर निकला था घर से
बरहज। कपरवार गांव निवासी मजदूर का दिव्यांग बेटा अभिमन्यु चौराहे से कानपुरी मैदा और आलू लाकर मां को दिया और समोसा बनाने के लिए कह कर घर से निकल गया। उसके परिजनों को क्या पता था कि समोसा खाने के लिए घर नहीं पहुंचेगा। बेटे की जिद पर मां मंगलावती घर पर समोसा बना रही थीं। इसी बीच अभिमन्यु के दोस्त रुस्तम और सोनू उसका कपड़ा और चप्पल लेकर चीखते हुए घर पहुंच उसके डूबने की खबर सुनाए। जानकारी होते ही मां नदी की ओर दौड़ पड़ी।
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समय पर महाजाल पड़ता तो मिल सकता था अभिमन्यु
बरहज। रविवार की सुबह करीब आठ बजे नहाने के दौरान पैर फिसल जाने से अभिमन्यु राप्ती में डूब गया। डूबने की खबर मिलते ही आसपास के लोग जुट गए। जबकि पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। लोगों का कहना है कि पुलिस समय से नदी में महाजाल डलवाने की जहमत नहीं उठाई। यदि समय से महाजाल और गोताखोरों की मदद ली गई होती तो अभिमन्यु का पता चल सकता था। करीब एक माह पूर्व दाह संस्कार में आए दो युवक और रिश्तेदार से मिलने जा रहा एक युवक बाइक अनियंत्रित हो जाने से नदी में डूब गया था। इसमें अब तक दो की लाश बरामद हो सकी है। इसके बावजूद प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।