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सात महीने बाद लखनऊ से लौटे गनर, ड्राइवर और फॉलोअर
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तबादले के बाद गनर, फॉलोअर साथ ले गए थे रोहन
सात महीने बाद लौटे गनर, ड्राइवर और फॉलोअर
निवर्तमान एसपी के पत्र पर एसपी ने सभी को लौटाया
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। बालिका गृह कांड में लापरवाही पर हटाए गए तत्कालीन एसपी रोहन पी. कनय जिले से जाते वक्त सरकारी गाड़ी, दो गनर, ड्राइवर और फॉलोअर को भी साथ ले गए थे। इसके बाद आए एसपी मामले पर चुप्पी साधे रहे। निवर्तमान एसपी प्रमोद कुमार ने लिखा-पढ़ी की तो सात महीने बाद दो गनर, एक ड्राइवर और एक फॉलोअर को गाड़ी समेत लखनऊ से लौटाया। चार दिन पूर्व सभी ने पुलिस लाइंस में अपनी आमद करा ली।
पांच अगस्त को देवरिया बालिका गृह कांड के बाद एसपी रोहन पी. कनय सरकार के निशाने पर आ गए। शासन ने पहले तत्कालीन डीएम सुजीत कुमार को हटा दिया। 15 अगस्त को एसपी रोहन पी. कनय को भी लखनऊ पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। 17 अगस्त को उन्हें लखनऊ पहुंचाने के लिए पुलिस लाइंस से एक गाड़ी में दो गनर, एक चालक और एक फॉलोअर गए, तभी से वहीं रह गए। पुलिस सूत्रों की मानें तो जानकारी होने पर पूर्व एसपी एन. कोलांचि ने उनसे गाड़ी सहित सभी को लौटाने की बात कही। बावजूद न तो गाड़ी आई और न ही कोई पुलिस कर्मचारी। मामला संज्ञान में आने पर निवर्तमान एसपी प्रमोद कुमार ने इस मामले में डीजीपी से पत्राचार किया। डीजीपी की सख्ती के बाद 11 मार्च को चार पहिया गाड़ी, दोनों गनर, ड्राइवर और फॉलोअर वापस पुलिस लाइंस आ गए। इस बाबत प्रतिसार निरीक्षक प्रकाश चंद्र पांडेय ने बताया कि पूर्व एसपी के साथ गई गाड़ी, गनर समेत सभी सात महीने बाद वापस आ गए हैं।
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सात महीने बाद लौटे गनर, ड्राइवर और फॉलोअर
निवर्तमान एसपी के पत्र पर एसपी ने सभी को लौटाया
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। बालिका गृह कांड में लापरवाही पर हटाए गए तत्कालीन एसपी रोहन पी. कनय जिले से जाते वक्त सरकारी गाड़ी, दो गनर, ड्राइवर और फॉलोअर को भी साथ ले गए थे। इसके बाद आए एसपी मामले पर चुप्पी साधे रहे। निवर्तमान एसपी प्रमोद कुमार ने लिखा-पढ़ी की तो सात महीने बाद दो गनर, एक ड्राइवर और एक फॉलोअर को गाड़ी समेत लखनऊ से लौटाया। चार दिन पूर्व सभी ने पुलिस लाइंस में अपनी आमद करा ली।
पांच अगस्त को देवरिया बालिका गृह कांड के बाद एसपी रोहन पी. कनय सरकार के निशाने पर आ गए। शासन ने पहले तत्कालीन डीएम सुजीत कुमार को हटा दिया। 15 अगस्त को एसपी रोहन पी. कनय को भी लखनऊ पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। 17 अगस्त को उन्हें लखनऊ पहुंचाने के लिए पुलिस लाइंस से एक गाड़ी में दो गनर, एक चालक और एक फॉलोअर गए, तभी से वहीं रह गए। पुलिस सूत्रों की मानें तो जानकारी होने पर पूर्व एसपी एन. कोलांचि ने उनसे गाड़ी सहित सभी को लौटाने की बात कही। बावजूद न तो गाड़ी आई और न ही कोई पुलिस कर्मचारी। मामला संज्ञान में आने पर निवर्तमान एसपी प्रमोद कुमार ने इस मामले में डीजीपी से पत्राचार किया। डीजीपी की सख्ती के बाद 11 मार्च को चार पहिया गाड़ी, दोनों गनर, ड्राइवर और फॉलोअर वापस पुलिस लाइंस आ गए। इस बाबत प्रतिसार निरीक्षक प्रकाश चंद्र पांडेय ने बताया कि पूर्व एसपी के साथ गई गाड़ी, गनर समेत सभी सात महीने बाद वापस आ गए हैं।
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