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संदिग्ध हाल में किशोरी की मौत, केस दर्ज
Updated Sat, 12 May 2018 10:47 PM IST
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बघौचघाट पुलिस ने अमृता की बहन और दादा से पूछताछ की।
- फोटो : अमर उजाला
बघौचघाट। थानाक्षेत्र के अकटहा में शुक्रवार की रात संदिग्ध हाल में आठवीं के छात्रा की मौत हो गई। शव को ट्रैक्टर ट्रॉली में छिपाकर अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा था, मगर पुलिस ने डोमनपुरा चौराहे पर पहुंच कर कब्जे में ले लिया। ट्रैक्टर ट्रॉली पर ही छात्रा का स्कूल बैग व कपड़े भी बोरे में भरकर रखा गया था। परिजनों ने छात्रा के आत्महत्या की बात कही है। गांव के चौकीदार की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
महुअवा खुर्द गांव के अकटहा टोले निवासी धर्मेंद्र शर्मा की बेटी अमृता (13) गांव के ही एक निजी विद्यालय में कक्षा-8 की छात्रा थी। माता-पिता मुंबई में रहते हैं। वह गांव में चाचा के पास रहकर पढ़ाई करती थी। शुक्रवार की रात करीब नौ बजे उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस तो मौके पर न परिजन और न ही छात्रा की लाश। खोजबीन करते हुए पुलिस डोमनपुरा चौराहे पर पहुंची तो वहां एक टैक्टर-ट्रॉली में शव को छिपाकर रखा गया था। ट्रॉली पर ही एक बोरे में छात्रा के कपड़े, स्कूल बैग, कापी-किताब सहित अन्य सामान भी थे। शव को कब्जे में लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली समेत पुलिस थाने ले आई। रात में एएसपी उत्तरी गणेश साहा ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और मातहतों को कार्रवाई के निर्देश दिए। काफी देर तक परिजनों का पता न चलने पर गांव के चौकीदार वाल्मिकी कुशवाहा से तहरीर लेकर लड़की के चाचा सुनील शर्मा और सहयोगियों पर हत्या और लाश छिपाने का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। शनिवार को दोपहर बाद चाचा सुनील ने थाने पहुंचकर छात्रा के आत्महत्या की बात कही। बताया कि वह एक शादी समारोह में गया था। ग्रामीणों से उसे घटना की जानकारी हुई। हालांकि वह आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं कर सका। बघौचघाट थाना प्रभारी विनय सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है, जांच चल रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सर्विलांस की मदद से मामला स्पष्ट हो जाएगा। किशोरी के माता-पिता को भी सूचना दी जा चुकी है।
घर के सदस्यों से अलग-अलग हुई पूछताछ
अकटहा निवासी धर्मेंद्र अपनी पत्नी के साथ मुंबई में नौकरी करता है। उसकी दो बेटियां अमृता और चुलबुली गांव में चाचा सुनील और दादा बुद्धन के साथ रहती हैं। अमृता गांव में एक निजी स्कूल में आठ में पढ़ती थी, जबकि छोटी बहन चुलबुली तीन की छात्रा है। परिजनों के मुताबिक अमृता शुक्रवार को स्कूल से लौटने के बाद से ही गुमसुम थी। काफी देर तक कमरे में अकेली ही रही। चाची शीला ने बताया कि वह गांव में ही एक शादी में गई थी, जबकि चाचा सुनील ने भी एक अन्य समारोह में जाने की बात बताई। ऐसे में कब अमृता ने आत्महत्या की उन्हें जानकारी नहीं है। गांव के लोगों ने सूचना दी तो वह आए। वहीं, अमृता के दादा बुद्धन ने बताया कि छोटी नातिन चिल्लाने लगी तो हम घर में गए, जहां अमृता फंदे पर लटकी थी, उसे नीचे उतारा। हालांकि यह नहीं बता सके कि शव छोड़कर कहां चले गए थे। अमृता की बहन चुलबुली से भी पुलिस ने पूछताछ की। उधर, एसओ विनय सिंह की मानें तो घर के सभी सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ की गई है। पूरे परिवार का बयान अलग-अलग हैं। जिस पंखे में फांसी लगाने की बात परिजन कर रहे हैं, वह पंखा सही सलामत है। फंदा लगाने से पंखा झुक या मुड़ सकता था। ट्रॉली में उसके सारे सामान लदेे थे, मगर शव को कफन तक नहीं दिया गया था। शरीर पर कुछ चोट के भी निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही कुछ स्पष्ट हो पाएगा।
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महुअवा खुर्द गांव के अकटहा टोले निवासी धर्मेंद्र शर्मा की बेटी अमृता (13) गांव के ही एक निजी विद्यालय में कक्षा-8 की छात्रा थी। माता-पिता मुंबई में रहते हैं। वह गांव में चाचा के पास रहकर पढ़ाई करती थी। शुक्रवार की रात करीब नौ बजे उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस तो मौके पर न परिजन और न ही छात्रा की लाश। खोजबीन करते हुए पुलिस डोमनपुरा चौराहे पर पहुंची तो वहां एक टैक्टर-ट्रॉली में शव को छिपाकर रखा गया था। ट्रॉली पर ही एक बोरे में छात्रा के कपड़े, स्कूल बैग, कापी-किताब सहित अन्य सामान भी थे। शव को कब्जे में लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली समेत पुलिस थाने ले आई। रात में एएसपी उत्तरी गणेश साहा ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और मातहतों को कार्रवाई के निर्देश दिए। काफी देर तक परिजनों का पता न चलने पर गांव के चौकीदार वाल्मिकी कुशवाहा से तहरीर लेकर लड़की के चाचा सुनील शर्मा और सहयोगियों पर हत्या और लाश छिपाने का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। शनिवार को दोपहर बाद चाचा सुनील ने थाने पहुंचकर छात्रा के आत्महत्या की बात कही। बताया कि वह एक शादी समारोह में गया था। ग्रामीणों से उसे घटना की जानकारी हुई। हालांकि वह आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं कर सका। बघौचघाट थाना प्रभारी विनय सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है, जांच चल रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सर्विलांस की मदद से मामला स्पष्ट हो जाएगा। किशोरी के माता-पिता को भी सूचना दी जा चुकी है।
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घर के सदस्यों से अलग-अलग हुई पूछताछ
अकटहा निवासी धर्मेंद्र अपनी पत्नी के साथ मुंबई में नौकरी करता है। उसकी दो बेटियां अमृता और चुलबुली गांव में चाचा सुनील और दादा बुद्धन के साथ रहती हैं। अमृता गांव में एक निजी स्कूल में आठ में पढ़ती थी, जबकि छोटी बहन चुलबुली तीन की छात्रा है। परिजनों के मुताबिक अमृता शुक्रवार को स्कूल से लौटने के बाद से ही गुमसुम थी। काफी देर तक कमरे में अकेली ही रही। चाची शीला ने बताया कि वह गांव में ही एक शादी में गई थी, जबकि चाचा सुनील ने भी एक अन्य समारोह में जाने की बात बताई। ऐसे में कब अमृता ने आत्महत्या की उन्हें जानकारी नहीं है। गांव के लोगों ने सूचना दी तो वह आए। वहीं, अमृता के दादा बुद्धन ने बताया कि छोटी नातिन चिल्लाने लगी तो हम घर में गए, जहां अमृता फंदे पर लटकी थी, उसे नीचे उतारा। हालांकि यह नहीं बता सके कि शव छोड़कर कहां चले गए थे। अमृता की बहन चुलबुली से भी पुलिस ने पूछताछ की। उधर, एसओ विनय सिंह की मानें तो घर के सभी सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ की गई है। पूरे परिवार का बयान अलग-अलग हैं। जिस पंखे में फांसी लगाने की बात परिजन कर रहे हैं, वह पंखा सही सलामत है। फंदा लगाने से पंखा झुक या मुड़ सकता था। ट्रॉली में उसके सारे सामान लदेे थे, मगर शव को कफन तक नहीं दिया गया था। शरीर पर कुछ चोट के भी निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही कुछ स्पष्ट हो पाएगा।
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