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पुलिस को चकमा देकर बदमाश तारबाबू यादव ने किया सरेंडर
Updated Thu, 29 Nov 2018 11:35 PM IST
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पुलिस को चकमा देकर तारबाबू ने कोर्ट में किया सरेंडर
पुराने मामले में जमानत खारिज कराकर गया जेल
एसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश तारबाबू यादव गुरुवार को पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में हाजिर हो गया। एक पुराने मामले में जमानत खारिज कराकर वह जेल चला गया। पिछले दिनों एसपी ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। एसपी ने इनाम की राशि बढ़ाने की तैयारी की थी।
बनकटा थानाक्षेत्र के रुस्तम बहिआरी गांव निवासी तारबाबू यादव पर विभिन्न थानों में गंभीर धाराओं में 29 मुकदमे दर्ज हैं। पिछले दिनों उसने गांव के ही एक व्यक्ति पर फायरिंग कर दी थी। इस मामले में उस पर केस दर्ज कर लिया गया। पुलिस तारबाबू की तलाश में जुट गई थी। इसी बीच 27 नवंबर को एसपी एन. कोलांचि ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। एसपी ने उस पर इनाम की राशि बढ़ाने के लिए आईजी को पत्र लिख दिया था। पुलिस का दबाव बढ़ते देखकर तारबाबू यादव पुराने मामले में जमानत खारिज कराकर जेल चला गया। इस बात की खबर पुलिसवालों को नहीं हो सकी थी। बाद में जानकारी हुई तो पुलिसकर्मी हाथ मलते रह गए।
इनसेट मेें-
सगे भाइयों ने वापस ली जमानत
देवरिया। भाटपाररानी थानाक्षेत्र के भिंडा मिश्रा गांव निवासी कुलेश मिश्रा ने वर्ष 2011 में मुन्ना राय पुत्र रामचीज राय, तारबाबू यादव पुत्र उमाशंकर, राजेश यादव पुत्र विजई यादव, कौशल यादव पुत्र जगतराम यादव के खिलाफ डकैती समेत कई धाराओं में केस दर्ज कराया था। पीड़ित कुलेश मिश्रा से 21,300 रुपये छीन लिया गया था। इस मामले में विवेचक ने डकैती की धारा हटाते हुए चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। तारबाबू के सगे भाई हृदयानंद यादव और दयाराम यादव ने जमानत ली थी। बृहस्पतिवार को कोर्ट नंबर 11 में पहुंचकर दोनों ने जमानत वापस ले ली। इसके बाद तारबाबू यादव को जेल भेज दिया गया।
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इनसेट में
...तो भय से कोर्ट में हाजिर हुआ तारबाबू
देवरिया। अपनी करतूतों से क्षेत्रवासियों के बीच दहशत फैलाने वाले तारबाबू के कोर्ट में हाजिर होकर जेल जाने को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। कहा जा रहा है कि प्रदेश में बदमाशों के खिलाफ की जा रही सख्ती के भय से उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। वर्ष 2016 में भाटपाररानी के एसओ रहे गजेंद्र राय पर फायरिंग कर तारबाबू चर्चा में आया था। तत्कालीन एसपी प्रभाकर चौधरी ने पीएसी बल के साथ गांव की घेराबंदी करा ली थी। हालांकि, तारबाबू पुलिस के हाथ नहीं लगा था। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरोहबंद अपराधी घोषित कर दिया। गुरुवार को जिले का इकलौता गिरोहबंद अपराधी तारबाबू पुलिस के भय से न्यायालय में हाजिर हो गया। तारबाबू यादव गिरोह का सरगना है और राजेश यादव जैसे अपराधी उसके गिरोह में काम करते हैं। उसके न्यायालय में सरेंडर करने के बाद यह चर्चा होने लगी कि इनाम घोषित होने बाद उसे भय सताने लगा था। एसपी ने इनाम बढ़ाने के लिए आईजी से पत्राचार किया तो उस पर दबाव और बढ़ गया। उसके सरेंडर करने से पुलिसवालों ने राहत की सांस ली है।
कोट्स-
बदमाश तारबाबू यादव को पकड़ने के लिए पुलिस लगी थी। पुलिस का दबाव बढ़ने की वजह से वह न्यायालय में हाजिर हो गया है। इस तरह के अपराधियों की जगह जेल में ही है।
-एन. कोलांचि, एसपी।
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पुलिस को चकमा देकर तारबाबू ने कोर्ट में किया सरेंडर
पुराने मामले में जमानत खारिज कराकर गया जेल
एसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश तारबाबू यादव गुरुवार को पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में हाजिर हो गया। एक पुराने मामले में जमानत खारिज कराकर वह जेल चला गया। पिछले दिनों एसपी ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। एसपी ने इनाम की राशि बढ़ाने की तैयारी की थी।
बनकटा थानाक्षेत्र के रुस्तम बहिआरी गांव निवासी तारबाबू यादव पर विभिन्न थानों में गंभीर धाराओं में 29 मुकदमे दर्ज हैं। पिछले दिनों उसने गांव के ही एक व्यक्ति पर फायरिंग कर दी थी। इस मामले में उस पर केस दर्ज कर लिया गया। पुलिस तारबाबू की तलाश में जुट गई थी। इसी बीच 27 नवंबर को एसपी एन. कोलांचि ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। एसपी ने उस पर इनाम की राशि बढ़ाने के लिए आईजी को पत्र लिख दिया था। पुलिस का दबाव बढ़ते देखकर तारबाबू यादव पुराने मामले में जमानत खारिज कराकर जेल चला गया। इस बात की खबर पुलिसवालों को नहीं हो सकी थी। बाद में जानकारी हुई तो पुलिसकर्मी हाथ मलते रह गए।
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इनसेट मेें-
सगे भाइयों ने वापस ली जमानत
देवरिया। भाटपाररानी थानाक्षेत्र के भिंडा मिश्रा गांव निवासी कुलेश मिश्रा ने वर्ष 2011 में मुन्ना राय पुत्र रामचीज राय, तारबाबू यादव पुत्र उमाशंकर, राजेश यादव पुत्र विजई यादव, कौशल यादव पुत्र जगतराम यादव के खिलाफ डकैती समेत कई धाराओं में केस दर्ज कराया था। पीड़ित कुलेश मिश्रा से 21,300 रुपये छीन लिया गया था। इस मामले में विवेचक ने डकैती की धारा हटाते हुए चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। तारबाबू के सगे भाई हृदयानंद यादव और दयाराम यादव ने जमानत ली थी। बृहस्पतिवार को कोर्ट नंबर 11 में पहुंचकर दोनों ने जमानत वापस ले ली। इसके बाद तारबाबू यादव को जेल भेज दिया गया।
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...तो भय से कोर्ट में हाजिर हुआ तारबाबू
देवरिया। अपनी करतूतों से क्षेत्रवासियों के बीच दहशत फैलाने वाले तारबाबू के कोर्ट में हाजिर होकर जेल जाने को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। कहा जा रहा है कि प्रदेश में बदमाशों के खिलाफ की जा रही सख्ती के भय से उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। वर्ष 2016 में भाटपाररानी के एसओ रहे गजेंद्र राय पर फायरिंग कर तारबाबू चर्चा में आया था। तत्कालीन एसपी प्रभाकर चौधरी ने पीएसी बल के साथ गांव की घेराबंदी करा ली थी। हालांकि, तारबाबू पुलिस के हाथ नहीं लगा था। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरोहबंद अपराधी घोषित कर दिया। गुरुवार को जिले का इकलौता गिरोहबंद अपराधी तारबाबू पुलिस के भय से न्यायालय में हाजिर हो गया। तारबाबू यादव गिरोह का सरगना है और राजेश यादव जैसे अपराधी उसके गिरोह में काम करते हैं। उसके न्यायालय में सरेंडर करने के बाद यह चर्चा होने लगी कि इनाम घोषित होने बाद उसे भय सताने लगा था। एसपी ने इनाम बढ़ाने के लिए आईजी से पत्राचार किया तो उस पर दबाव और बढ़ गया। उसके सरेंडर करने से पुलिसवालों ने राहत की सांस ली है।
कोट्स-
बदमाश तारबाबू यादव को पकड़ने के लिए पुलिस लगी थी। पुलिस का दबाव बढ़ने की वजह से वह न्यायालय में हाजिर हो गया है। इस तरह के अपराधियों की जगह जेल में ही है।
-एन. कोलांचि, एसपी।