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फोटो-वीडियो दिखाकर एसआईटी ने कराई करीबियों की पहचान
Updated Fri, 31 Aug 2018 10:59 PM IST
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देवरिया। एसआईटी ने बालिका गृह में कार्य करने वाले चार कार्यकर्ताओं (वर्करों) से अलग-अलग पूछताछ की। बालिका गृह में अफसरों की आवाजाही की भी जानकारी ली। पूरे दिन वर्करों को बुलाकर एसआईटी पूछताछ कर रही है। उनके मोबाइल की कॉल डिटेल भी निकलवाई है। पूछताछ के दौरान संस्था के कार्यकर्ता एसआईटी के सवालों में उलझ रहे हैं।
बालगृह बालिका कांड की जांच कर रही एसआईटी ने शुक्रवार को सुबह से दोपहर तक पुलिस लाइन में बालिका गृह में कार्य करने वाले चार वर्करों से पूछताछ की। इनमें दो महिलाएं भी शामिल थीं। बालिका गृह में कौन-कौन से अधिकारी या शहर के लोग आते थे, इसकी तस्दीक फोटो दिखाकर कराई गई। इसमें पूर्व में देवरिया में तैनात रहे कई अफसरों व गिरिजा त्रिपाठी से ताल्लुक रखने वाले शहर के समाजसेेवियों के फोटो थे। बालिकागृह में परिवीक्षा अधिकारी पद पर कार्यरत रहे मईल के सोनवर्षा गांव निवासी चंद्रप्रकाश को टीम ने एक वीडियो भी टीवी स्क्रीन पर दिखाया। कार्यक्रम में शामिल आधा दर्जन से अधिक लोगों की पहचान परिवीक्षा अधिकारी ने किया।
कार्यकर्ताओं से पूछा गया कि किससे-किससे बात होती है। वर्करों ने टाल-मटोल भी की और सही जवाब देने से बचते रहे। एसआईटी ने जब सीडीआर से मिलान कर बताया तो उन्होंने सवालों के जवाब दिए। समाजसेवा और जिले में संचालित कई संगठनों के तमाम पदाधिकारियों का गिरिजा से नाता रहा है। इनकी भी फोटो एलबम में तस्वीर है जो एसआईटी के रडार पर हैं। इस घटना के बाद शहर में समाजसेवी का चोला पहनकर घूमने वालों की सक्रियता कम हो गई है और वह नजर भी कम आ रहे हैं।
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जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई गिरिजा की पेशी
देवरिया। बालगृह बालिका कांड की आरोपी गिरिजा त्रिपाठी, उसकी बेटी और पति का बयान जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए शुक्रवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष हुआ। कोर्ट में पेशी पर तीनों के आने की इंतजार में एसआईटी काफी देर तक परिसर में जमी रही। वीडियो कांफ्रेंसिंग होने की जानकारी के बाद चली गई।
बालगृह बालिका की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी, पति मोहन त्रिपाठी और बेटी कंचनलता जेल में बंद हैं। 14 दिन की रिमांड पूरी होने पर शुक्रवार को उन्हें कोर्ट में पेशी के लिए आना था। इसके लिए दोपहर बाद पहुंची एसआईटी कोर्ट परिसर में डटी रही, लेकिन जेल से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मजिस्ट्रेट ने तीनों के बयान दर्ज कर लिए। इसकी जानकारी कुछ देर बाद एसआईटी को हुई तो टीम चली गई। सूत्रों की मानें तो पेशी पर आने वाली गिरिजा की बेटी कंचनलता से मिलकर कुछ जानकारी लेने के लिए एसआईटी पहुंची थी। जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय ने बताया कि वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पति, पत्नी और बेटी का बयान दर्ज हुआ है।
सूचना के बावजूद संचालिका पर अफसरों ने दिखाई दरियादिली
देवरिया। बालगृह बालिका की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी से तत्कालीन प्रोबेशन अधिकारी से गहरा नाता रहा है। उनके आने-जाने और कार्यक्रम में शामिल होने के वीडियो और फोटो भी एसआईटी के हाथ लगे हैं। बालिका गृह की मान्यता स्थगित होने के 20 दिन पूर्व बेहतर कार्य करने की रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। इन्हीं अधिकारी के कार्यकाल में शिशु गृह और दत्तक ग्रहण अभिकरण की मान्यता मिली थी। पालना घोटाले के बाद सीबीआई जांच के घेरे में आई बालगृह बालिका के खिलाफ कार्रवाई के लिए बाल संरक्षण अधिकारी की ओर से अनेक पत्र अफसरों को भेजे गए, लेकिन कार्रवाई की बजाए संचालिका की करतूतों पर अफसर पर्दा डालने में जुटे रहे। मामला उजागर होने के बाद खुद के बचाव में छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर रहे हैं।
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बालगृह बालिका कांड की जांच कर रही एसआईटी ने शुक्रवार को सुबह से दोपहर तक पुलिस लाइन में बालिका गृह में कार्य करने वाले चार वर्करों से पूछताछ की। इनमें दो महिलाएं भी शामिल थीं। बालिका गृह में कौन-कौन से अधिकारी या शहर के लोग आते थे, इसकी तस्दीक फोटो दिखाकर कराई गई। इसमें पूर्व में देवरिया में तैनात रहे कई अफसरों व गिरिजा त्रिपाठी से ताल्लुक रखने वाले शहर के समाजसेेवियों के फोटो थे। बालिकागृह में परिवीक्षा अधिकारी पद पर कार्यरत रहे मईल के सोनवर्षा गांव निवासी चंद्रप्रकाश को टीम ने एक वीडियो भी टीवी स्क्रीन पर दिखाया। कार्यक्रम में शामिल आधा दर्जन से अधिक लोगों की पहचान परिवीक्षा अधिकारी ने किया।
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कार्यकर्ताओं से पूछा गया कि किससे-किससे बात होती है। वर्करों ने टाल-मटोल भी की और सही जवाब देने से बचते रहे। एसआईटी ने जब सीडीआर से मिलान कर बताया तो उन्होंने सवालों के जवाब दिए। समाजसेवा और जिले में संचालित कई संगठनों के तमाम पदाधिकारियों का गिरिजा से नाता रहा है। इनकी भी फोटो एलबम में तस्वीर है जो एसआईटी के रडार पर हैं। इस घटना के बाद शहर में समाजसेवी का चोला पहनकर घूमने वालों की सक्रियता कम हो गई है और वह नजर भी कम आ रहे हैं।
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जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई गिरिजा की पेशी
देवरिया। बालगृह बालिका कांड की आरोपी गिरिजा त्रिपाठी, उसकी बेटी और पति का बयान जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए शुक्रवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष हुआ। कोर्ट में पेशी पर तीनों के आने की इंतजार में एसआईटी काफी देर तक परिसर में जमी रही। वीडियो कांफ्रेंसिंग होने की जानकारी के बाद चली गई।
बालगृह बालिका की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी, पति मोहन त्रिपाठी और बेटी कंचनलता जेल में बंद हैं। 14 दिन की रिमांड पूरी होने पर शुक्रवार को उन्हें कोर्ट में पेशी के लिए आना था। इसके लिए दोपहर बाद पहुंची एसआईटी कोर्ट परिसर में डटी रही, लेकिन जेल से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मजिस्ट्रेट ने तीनों के बयान दर्ज कर लिए। इसकी जानकारी कुछ देर बाद एसआईटी को हुई तो टीम चली गई। सूत्रों की मानें तो पेशी पर आने वाली गिरिजा की बेटी कंचनलता से मिलकर कुछ जानकारी लेने के लिए एसआईटी पहुंची थी। जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय ने बताया कि वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पति, पत्नी और बेटी का बयान दर्ज हुआ है।
सूचना के बावजूद संचालिका पर अफसरों ने दिखाई दरियादिली
देवरिया। बालगृह बालिका की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी से तत्कालीन प्रोबेशन अधिकारी से गहरा नाता रहा है। उनके आने-जाने और कार्यक्रम में शामिल होने के वीडियो और फोटो भी एसआईटी के हाथ लगे हैं। बालिका गृह की मान्यता स्थगित होने के 20 दिन पूर्व बेहतर कार्य करने की रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। इन्हीं अधिकारी के कार्यकाल में शिशु गृह और दत्तक ग्रहण अभिकरण की मान्यता मिली थी। पालना घोटाले के बाद सीबीआई जांच के घेरे में आई बालगृह बालिका के खिलाफ कार्रवाई के लिए बाल संरक्षण अधिकारी की ओर से अनेक पत्र अफसरों को भेजे गए, लेकिन कार्रवाई की बजाए संचालिका की करतूतों पर अफसर पर्दा डालने में जुटे रहे। मामला उजागर होने के बाद खुद के बचाव में छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर रहे हैं।