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शिव मंदिर की बाउंड्री ढहाई, विरोध पर पुजारी हिरासत में
Updated Fri, 23 Nov 2018 10:16 PM IST
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एसडीयम आवास परिसर में बने हुए मंदिर के चारो तरफ के चहरदीवारी को प्रशासन ने गिरवाया।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। अतिक्रमण के नाम पर प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। शुक्रवार की सुबह प्रशासन ने राघवनगर मोहल्ले में एसडीएम आवास के पीछे स्थित शिव मंदिर की बाउंड्री ढहा दी। विरोध करने पर पुजारी को हिरासत में ले लिया। कुछ देर बाद थाने से रिहा कर दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई को मोहल्ले के लोगों ने भी विरोध जताया। उधर, इसी मोहल्ले से चार दिन पूर्व तोड़े गए आशियानों के विरोध में प्रभावित लोगों का धरना कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को भी जारी रहा।
सदर एसडीएम आवास के पिछले हिस्से में शिव मंदिर स्थित है। राघवनगर मोहल्ले की तरफ से भी मंदिर का गेट है। मंदिर को अलग से बाउंड्री कर घेरेबंदी कर दी गई थी, ताकि पूजन अर्चन करने वाले लोग आवास की तरफ न जा सकें। शुक्रवार की सुबह जेसीबी लगाकर प्रशासन ने बाउंड्री को ढहा दिया। कार्रवाई के दौरान पुजारी महेंद्र प्रसाद भी पहुंच गए और विरोध करने लगे। उनके समर्थन में मोहल्ले के कुछ अन्य लोग भी पहुंचे। प्रशासन ने सतर्कता दिखाते हुए पुजारी को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। नतीजा अन्य लोग भी बैकफुट पर आ गए। एसडीएम रामकेश यादव का कहना था कि मंदिर के चारों तरफ अलग से दीवार खड़ी कर नया आवासीय भवन बनाने का प्रयास किया जा रहा था। भविष्य के विवाद से बचने के लिए पहले ही उसे गिरवा दिया गया। मंदिर में आने, पूजा करने या उसे विस्तृत रूप देने से किसी को रोक नहीं है।
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सदर एसडीएम आवास के पिछले हिस्से में शिव मंदिर स्थित है। राघवनगर मोहल्ले की तरफ से भी मंदिर का गेट है। मंदिर को अलग से बाउंड्री कर घेरेबंदी कर दी गई थी, ताकि पूजन अर्चन करने वाले लोग आवास की तरफ न जा सकें। शुक्रवार की सुबह जेसीबी लगाकर प्रशासन ने बाउंड्री को ढहा दिया। कार्रवाई के दौरान पुजारी महेंद्र प्रसाद भी पहुंच गए और विरोध करने लगे। उनके समर्थन में मोहल्ले के कुछ अन्य लोग भी पहुंचे। प्रशासन ने सतर्कता दिखाते हुए पुजारी को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। नतीजा अन्य लोग भी बैकफुट पर आ गए। एसडीएम रामकेश यादव का कहना था कि मंदिर के चारों तरफ अलग से दीवार खड़ी कर नया आवासीय भवन बनाने का प्रयास किया जा रहा था। भविष्य के विवाद से बचने के लिए पहले ही उसे गिरवा दिया गया। मंदिर में आने, पूजा करने या उसे विस्तृत रूप देने से किसी को रोक नहीं है।
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