{"_id":"5c49f2d5bdec2273923c14bd","slug":"131548350165-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया एफसीआई का तकनीकी सहायक","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया एफसीआई का तकनीकी सहायक
विज्ञापन
रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
- फोटो : demo pic
देवरिया। धान खरीदने वाली निजी एजेंसी से चावल जमा कराने के बदले घूस मांगने वाले एफसीआई के तकनीकी सहायक को सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने गुरुवार को रंगेहाथ दबोच लिया। रघवापुर स्थित गोदाम पर एक ट्रक चावल जमा कराने के बदले 12 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। कार्रवाई के बाद टीम तकनीकी सहायक को अपने साथ लखनऊ ले गई। वहां आरोपी को सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा।
रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के हरैया बसंतपुर गांव में पूर्वांचल पोल्ट्री प्रोड्यूशर कंपनी संचालित है। 550 किसानों की यह कंपनी धान-गेहूं खरीद के लिए भी अनुबंधित है। उत्तर प्रदेश कृषि समृद्धि आयोग के सदस्य व कंपनी के निदेशक वेद व्यास सिंह के मुताबिक बीते 18 जनवरी को किसानों से खरीदे गए धान से तैयार एक ट्रक चावल लेकर कंपनी के कर्मचारी रघवापुर स्थित एफसीआई गोदाम गए थे। गोदाम पर तैनात तकनीकी सहायक नितेश पांडेय ने गुणवत्ता की जांच के नाम पर पूरे दिन ट्रक को खड़ा रखा। आरोप है कि उसने 12 हजार रुपये की डिमांड की। इनकार करने पर अगले दिन खराब गुणवत्ता बताते हुए चावल वापस कर दिया। काफी प्रयास के बाद भी बात न बनने पर कंपनी के लोगों ने सीबीआई की एंटी करप्शन टीम से संपर्क साधा। इंस्पेक्टर अखिलेश त्रिपाठी के नेतृत्व में एंटी करप्शन की आठ सदस्यीय टीम बुधवार को जिले में पहुंची। पूरे मामले की पड़ताल के बाद गुरुवार को कंपनी के सहायक प्रबंधक रितेश सिंह को दो-दो हजार के छह नोट देकर फिर से चावल लेकर गोदाम पर भेजा। गुणवत्ता जांच के नाम पर तकनीकी सहायक ने जैसे ही रुपये पकड़े, टीम ने उसे दबोच लिया। नोट पर केमिकल के चलते पानी से धुलते ही हाथ लाल हो गया। पूछताछ के बाद टीम उसे अपने साथ ले गई।
टीम में शामिल एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर आशीष कुमार सिंह ने बताया कि तकनीकी सहायक को घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा गया है। टीम उसे लखनऊ ले आई है। यहीं केस दर्ज कर सीबीआई की विशेष कोर्ट में पेश किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के हरैया बसंतपुर गांव में पूर्वांचल पोल्ट्री प्रोड्यूशर कंपनी संचालित है। 550 किसानों की यह कंपनी धान-गेहूं खरीद के लिए भी अनुबंधित है। उत्तर प्रदेश कृषि समृद्धि आयोग के सदस्य व कंपनी के निदेशक वेद व्यास सिंह के मुताबिक बीते 18 जनवरी को किसानों से खरीदे गए धान से तैयार एक ट्रक चावल लेकर कंपनी के कर्मचारी रघवापुर स्थित एफसीआई गोदाम गए थे। गोदाम पर तैनात तकनीकी सहायक नितेश पांडेय ने गुणवत्ता की जांच के नाम पर पूरे दिन ट्रक को खड़ा रखा। आरोप है कि उसने 12 हजार रुपये की डिमांड की। इनकार करने पर अगले दिन खराब गुणवत्ता बताते हुए चावल वापस कर दिया। काफी प्रयास के बाद भी बात न बनने पर कंपनी के लोगों ने सीबीआई की एंटी करप्शन टीम से संपर्क साधा। इंस्पेक्टर अखिलेश त्रिपाठी के नेतृत्व में एंटी करप्शन की आठ सदस्यीय टीम बुधवार को जिले में पहुंची। पूरे मामले की पड़ताल के बाद गुरुवार को कंपनी के सहायक प्रबंधक रितेश सिंह को दो-दो हजार के छह नोट देकर फिर से चावल लेकर गोदाम पर भेजा। गुणवत्ता जांच के नाम पर तकनीकी सहायक ने जैसे ही रुपये पकड़े, टीम ने उसे दबोच लिया। नोट पर केमिकल के चलते पानी से धुलते ही हाथ लाल हो गया। पूछताछ के बाद टीम उसे अपने साथ ले गई।
विज्ञापन
टीम में शामिल एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर आशीष कुमार सिंह ने बताया कि तकनीकी सहायक को घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा गया है। टीम उसे लखनऊ ले आई है। यहीं केस दर्ज कर सीबीआई की विशेष कोर्ट में पेश किया जाएगा।
विज्ञापन