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बजट के पड़े लाले, 428 बच्चे भूख के हवाले

Mon, 03 Oct 2022 11:00 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 03 Oct 2022 11:00 PM IST
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corona suffering family children  bothered
बजट के पड़े लाले, 428 बच्चे भूख के हवाले
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कोराना काल में अपने माता-पिता खोने वाले बच्चों को छह माह से नहीं मिल रही परवरिश राशि
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोरोना संक्रमण के दौरान माता और पिता को खो चुके बच्चों की परवरिश के लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना कोविड और सीएम बाल सेवा योजना सामान्य शुरू की गई थी। दोनों योजनाओं के तहत बच्चों को मदद करने के लिए जिले में 428 बच्चों को चिह्नित किया गया था। पूरा खर्च उठाते हुए यह योजना सहारा बनने वाली थी। सच तो यह है कि अप्रैल माह से अभी तक खर्च के लिए बजट ही नहीं आया है। इसके कारण इनके अभिभावक ऑफिस का चक्कर भी लगा रहे हैं।
कोरोना संक्रमण काल में अपनों को गंवाने वाले बच्चों को इस समय बजट की कमी का दंश झेलना पड़ रहा है। कारण यह कि उनके निवाले के लिए आने वाला बजट 31 मार्च 2022 के बाद नहीं आया है। उनकी परवरिश कैसे होगी, दो वक्त की रोटी कैसे मिलेगी, इस समस्या से वे जूझ रहे हैं।
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जिले में नौ ऐसे बच्चे हैं, जिनके माता-पिता दोनों नहीं हैं। उनके सामने सबसे बड़ी दिक्कतें आ रही हैं। इनकी परवरिश करने वाले अभिभावकों को विभाग आश्वासन देकर वापस भेज दे रहा है। दूसरी कुछ जगहों पर इन बच्चों को गांव के लोगों के सहयोग से जीवन-यापन करना पड़ रहा है।
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मिल रही केवल आश्वासन की घूंट
देवरिया। जिले में मुख्यमंत्री बाल सेवा कोविड के नाम संचालित योजना के तहत 428 बच्चे चिह्नित हैं। प्रत्येक को चार हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाना है। इसमें नौ बच्चों के माता और पिता दोनों का साया उठ चुका है। इनमें किसी के पिता तो किसी मां कोरोना संक्रमण काल के दौरान दुनिया से चल बसी है। इस योजना के लिए अप्रैल माह से बजट नहीं आया है। जबकि मुख्यमंत्री बाल सामान्य योजना के तहत 178 बच्चों का चयन किया गया है। इन बच्चों को ढाई हजार रुपये प्रति माह मिलता है। इस योजना का हाल यह है कि जून माह तक रुपये मिल चुके, लेकिन इस तीन माह के बाद अब तक एक रुपये नहीं नसीब हुए हैं।

कोट
अप्रैल माह से बजट न आने के कारण खाते में धनराशि नहीं भेजी गई है। बजट की मांग के लिए पत्र शासन को भेजा गया है। संभावना है कि जल्द से जल्द बजट आ जाएगा और उनके खाते में विभाग भेज देगा।
- अनिल कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी
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