{"_id":"6a9b1a76d54de6d4e30689be","slug":"four-accused-arrested-for-cyber-fraud-money-withdrawn-from-mule-accounts-and-converting-it-into-digital-currency-deoria-news-c-208-1-deo1049-190934-2026-09-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: म्यूल खातों से साइबर ठगी के रुपये निकाल डिजिटल करेंसी में बदलने के चार आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: म्यूल खातों से साइबर ठगी के रुपये निकाल डिजिटल करेंसी में बदलने के चार आरोपी गिरफ्तार
Sat, 05 Sep 2026 12:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 05 Sep 2026 12:52 AM IST
विज्ञापन
देवरिया। म्यूल खातों में साइबर ठगी की रकम मंगाकर एटीएम, यूपीआई और पीओएस मशीन से निकालने तथा बाद में उसे डिजिटल करेंसी में बदलने वाले गिरोह का साइबर क्राइम थाना और एसओजी की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पांच मोबाइल, एक एटीएम कार्ड, दो फर्जी आधार कार्ड और बिना नंबर प्लेट की बुलेट मोटरसाइकिल बरामद की है। आरोपियों पर साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक ऑपरेशन सीवाई वाजरा के तहत सीओ सलेमपुर गौरव सिंह की निगरानी में साइबर क्राइम थाना और एसओजी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। टीम ने बृहस्पतिवार रात मेडिकल कॉलेज के पीछे क्षत्रिय छात्रावास फूलमंडी के पास से आर्य समाज गली बजाजी रोड निवासी नमन गुप्ता, रामगुलाम टोला निवासी प्रियांशु चौहान, सरौरा थाना बरियारपुर निवासी विवेक गौड़ और भीखमपुर रोड निवासी निखिल गिरी को गिरफ्तार किया। नमन के पास से दो मोबाइल, एक एटीएम कार्ड और एक फर्जी आधार कार्ड, प्रियांशु के पास से एक मोबाइल और एक फर्जी आधार कार्ड तथा विवेक और निखिल के पास से एक-एक मोबाइल फोन बरामद किया गया।
पुलिस का आरोप है कि आरोपी रुपये के लालच में म्यूल अकाउंट किट के रूप में एटीएम कार्ड, सिम और पासबुक हासिल करते थे। इसके बाद खाते का विवरण टेलीग्राम ग्रुप पर भेज दिया जाता था। उन खातों में साइबर ठगी की रकम आने पर एटीएम कार्ड, यूपीआई और पीओएस मशीन के जरिए रुपये निकाल लिए जाते थे। इसके बाद विंग एक्स प्रो एप की मदद से साइबर ठगी की रकम को डिजिटल करेंसी में बदलकर टेलीग्राम ग्रुप पर दिए गए वॉलेट या क्यूआर कोड पर भेजा जाता था। पुलिस के अनुसार इस तरीके से आरोपी अवैध धन अर्जित करते थे।
विज्ञापन
पुलिस ने इस गिरोह में प्रिंस राजभर, शुभम मणि, भानू, अनिकेत और दिव्याश समेत अन्य साथियों के शामिल होने की बात कही है। साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार, उपनिरीक्षक शेष कुमार शर्मा, उपनिरीक्षक प्रवीण कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल दीपक कुमार, हेड कांस्टेबल शशि शंकर राय, कांस्टेबल विजय राय और कांस्टेबल इंद्रजीत यादव शामिल रहे।
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक ऑपरेशन सीवाई वाजरा के तहत सीओ सलेमपुर गौरव सिंह की निगरानी में साइबर क्राइम थाना और एसओजी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। टीम ने बृहस्पतिवार रात मेडिकल कॉलेज के पीछे क्षत्रिय छात्रावास फूलमंडी के पास से आर्य समाज गली बजाजी रोड निवासी नमन गुप्ता, रामगुलाम टोला निवासी प्रियांशु चौहान, सरौरा थाना बरियारपुर निवासी विवेक गौड़ और भीखमपुर रोड निवासी निखिल गिरी को गिरफ्तार किया। नमन के पास से दो मोबाइल, एक एटीएम कार्ड और एक फर्जी आधार कार्ड, प्रियांशु के पास से एक मोबाइल और एक फर्जी आधार कार्ड तथा विवेक और निखिल के पास से एक-एक मोबाइल फोन बरामद किया गया।
विज्ञापन
पुलिस का आरोप है कि आरोपी रुपये के लालच में म्यूल अकाउंट किट के रूप में एटीएम कार्ड, सिम और पासबुक हासिल करते थे। इसके बाद खाते का विवरण टेलीग्राम ग्रुप पर भेज दिया जाता था। उन खातों में साइबर ठगी की रकम आने पर एटीएम कार्ड, यूपीआई और पीओएस मशीन के जरिए रुपये निकाल लिए जाते थे। इसके बाद विंग एक्स प्रो एप की मदद से साइबर ठगी की रकम को डिजिटल करेंसी में बदलकर टेलीग्राम ग्रुप पर दिए गए वॉलेट या क्यूआर कोड पर भेजा जाता था। पुलिस के अनुसार इस तरीके से आरोपी अवैध धन अर्जित करते थे।
विज्ञापन
पुलिस ने इस गिरोह में प्रिंस राजभर, शुभम मणि, भानू, अनिकेत और दिव्याश समेत अन्य साथियों के शामिल होने की बात कही है। साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार, उपनिरीक्षक शेष कुमार शर्मा, उपनिरीक्षक प्रवीण कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल दीपक कुमार, हेड कांस्टेबल शशि शंकर राय, कांस्टेबल विजय राय और कांस्टेबल इंद्रजीत यादव शामिल रहे।