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Deoria News: बैनामे में हटे आरक्षित शब्द लिखने की बाध्यता

Tue, 21 Jan 2025 12:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Tue, 21 Jan 2025 12:27 AM IST
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Compulsion to write reserved words removed in the agreement
देवरिया/सोनूघाट। परसिया अहिर में महायोजना 2031 को लेकर ग्रामीण आक्रोशित हैं। रविवार को सदर विधायक व सदर एडीएम से वार्ता के बाद भी वह असमंजस में हैं। ग्रामीणों ने कहा कि सदर एडीएम ने वार्ता के दौरान कोई पहल नहीं की। उन्होंने डीएम दिव्या मित्तल की बात को दोहरा भर दी।
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उनका आरोप है कि एडीएम सदर शासन की मदद कर रहे हैं उन्हें ग्रामीणों की समस्या से कुछ लेना-देना नहीं है। ग्रामीणों ने कहा कि आला अधिकारी का कहना है कि उनकी जमीन का अधिग्रहण नहीं किया गया है। वह किसी अफवाह व बहकावे में नहीं आए। हम प्रशासनिक अधिकारियों से जानना चाहते हैं कि गांव में 200 एकड़ में पार्क, स्टेडियम आदि के लिए जमीन आरक्षित कर दी है।
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यही नहीं जमीन बैनामा करने पर आरक्षित शब्द लिखने की बाध्यता रख दी गई। ऐसे में हमारी जमीन लेगा कौन। शासन व जिला प्रशासन हमारी 200 एकड़ जमीन को आरक्षित करने के नाम पर उसका एक तरह से अधिग्रहण कर लिया है। सिर्फ हम लोग उस पर खेती-बारी कर सकते है। भविष्य में जब महायोजना के तहत विकास कार्य हुए हमारी जमीनों को ले लिया जाएगा। हम कोर्ट का सहारा लेंगे। जिले में महायोजना 2031 लागू होने के बाद परसिया अहिर के ग्रामीण बीते बुधवार को प्रधान फणींद्र नाथ तिवारी उर्फ रिंकू तिवारी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंच धरने पर बैठ गए थे और नारेबाजी शुरू कर दी दी। इस पर डीएम ने प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की थी। डीएम ने वार्ता के दौरान कहा था कि आप लोग खेती बारी कीजिए। जमीन जब किसी दूसरे को बैनामा करेंगे तो स्टांप पर आरक्षित शब्द का जरूर उल्लेख कीजिएगा। इसके बाद विधायक व एसडीएम से हुई वार्ता के बाद ग्रामीण सशंकित हैं।
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उनका कहना है कि बैनामा के समय आरक्षित शब्द लिखने के बाद हमारी जमीन लेगा कौन। प्रशासन से मांग करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि पहले जमीन को ग्रीन जोन से हटाते हुए आरक्षित शब्द का उल्लेख करने की बाध्यता समाप्त करे। साथ ही उक्त जमीन का नक्शा पास कराया जाय। तब जाकर ग्रामीण मानेंगे। अगर ऐसा नहीं होता है तो ग्रामीण अपना आंदोलन तेज करेंगे और उच्च न्यायालय की शरण लेंगे। मौके पर प्रधान फर्णींद्र नाथ तिवारी उर्फ रिंकू तिवारी, अमर नाथ तिवारी, दिवाकर नाथ तिवारी, सुनील नाथ तिवारी, योगेश्वर तिवारी, बसंत नाथ तिवारी, धनंजय उर्फ सोनू तिवारी, फर्णीश मिश्र, यदुवंश मिश्र, गौतम तिवारी, आकाश गौतम, राजपति देवी आदि ग्रामीण उपस्थित रहे।
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