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Deoria News: लेहड़ा टोला के 10-15 घरों पर चल सकता है बुलडोजर
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देवरिया। छह लोगों की हत्या के बाद जिला प्रशासन सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। पूरे गांव की ग्राम सभा की जमीन की पैमाइश कर सरकारी जमीनों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। इसको लेकर पूरे गांव में हड़कंप है। सत्यप्रकाश और उनके परिवार की हत्या के अरोपियों में अधिकांश ऐसे हैं जिनके मकान सरकारी जमीन पर बने हैं। ऐसे भवनों को चिह्नित किया गया है।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक प्रेम यादव ने सरकारी जमीनों को हड़पने का काम किया और आलीशान मकान बनवा लिया। वहीं, उसकी शह पर अन्य आरोपियों ने भी सरकारी जमीन हड़पने का काम किया है। मंगलवार को लेहड़ा गांव के सर्वे में राजस्व टीम को इन जमीनों के बारे में अहम जानकारी मिली है। मुकदमे में नामजद 27 में से आधे से अधिक आरोपियों के मकान सरकारी जमीन पर बने पाए गए हैं। इसको लेकर जिला प्रशासन सख्त है।
मंगलवार को टीम ने पैमाइश कर कई जमीनों को चिह्नित किया है, जिस पर अवैध तरीके से मकान बनवाए गए हैं। आने वाले समय में सरकारी जमीनों को खाली कराने की तैयारी है। इसी सप्ताह ऐसे मकानों पर बुलडोजर चलाने की भी कार्रवाई हो सकती है, ताकि फिर किसी सरकारी जमीन कब्जा करने की हिमाकत कोई न करे।
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दो गांवों में है सत्यप्रकाश की जमीन, पट्टीदार भी देखकर जलते हैं
देवरिया। सत्यप्रकाश की जमीन खामपार थाना क्षेत्र के केहुनिया गांव में भी है। यहां भी ज्ञानप्रकाश के हिस्से की जमीन प्रेम ने लिखवा ली थी। इतना ही नहीं, सत्यप्रकाश की जमीन पर अन्य पट्टीदारों की नजर थी। आरोप है कि घटना के दिन वह भी प्रेम का साथ अन्य पट्टीदार भी आए थे। संवाद
दूसरी बार चढ़कर आए दरवाजे पर, खत्म कर दिया पूरा परिवार
देवरिया। सत्यप्रकाश के परिजन और ग्रामीणों के मुताबिक सोमवार को पहले प्रेम आया था और झगड़े के बाद मामला शांत हो गया था। लेकिन, कुछ ही देर बाद बाइक सवार आए और घटना को अंजाम दे दिया गया। इसमें प्रेम के परिजन गोलबंद होकर आए थे। घर में घुसकर फायरिंग के साथ ही धारदार हथियारों से हमला कर पांच लोगों की जान ले ली। संवाद
लापरवाह पुलिसकर्मियों पर लटक रही है कार्रवाई की तलवार
देवरिया। पूरे प्रकरण में कुछ पुलिसकर्मियों की लापरवाही भी सामने आ रही है। आला अफसर ऐसे पुलिस कर्मियों को चिह्नित कर रहे हैं, उनपर कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है।
सबसे गंभीर बात तो यह है कि सत्यप्रकाश दूबे का विवाद पुलिस के संज्ञान में था। इसके बावजूद भी दोनों पक्षों पर 107, 16 तक कार्रवाई नहीं हुई। प्रेम का पक्ष सबल था। थाने और राजनीतिक रूप से पकड़ रखने के कारण पुलिस के कदम उस पर कार्रवाई करने से ठिठक जा रहे थे। यह आरोप सत्यप्रकाश की बड़ी बेटी का भी है। उन्होंने बताया कि पुलिस और एसडीएम रुद्रपुर कभी भी प्रेम के खिलाफ कार्रवाई करने के मूड में नहीं थे। पूरे प्रकरण में क्या हो रहा है, इसकी जानकारी तक पुलिस नहीं लेती थी। इतने सुनियोजित तरीके से हत्या कर देना एक दिन की साजिश नहीं है। इस मामले को लेकर एसपी भी काफी गंभीर हैं। मामले में उन्होंने जांच भी बैठाई है।
16 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। अगर थाने स्तर से कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- संकल्प शर्मा, एसपी
पूरे परिवार की जिम्मेदारी उठाऊंगा : शलभ
देवरिया। फतेहपुर की घटना में इंसाफ को अंजाम तक पहुंचाने के लिए मंगलवार को सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने भटवलिया स्थित जनसंपर्क कार्यालय पर घटना के पीड़ित स्व. सत्य प्रकाश दूबे के बेटे देवेश दूबे व समाज के प्रबुद्धजनों, अधिवक्ताओं, वरिष्ठों व नौजवानों के साथ देर रात तक बैठक की। सभी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और इस परिवार की पूरी जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लिया। संवाद
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विभागीय सूत्रों के मुताबिक प्रेम यादव ने सरकारी जमीनों को हड़पने का काम किया और आलीशान मकान बनवा लिया। वहीं, उसकी शह पर अन्य आरोपियों ने भी सरकारी जमीन हड़पने का काम किया है। मंगलवार को लेहड़ा गांव के सर्वे में राजस्व टीम को इन जमीनों के बारे में अहम जानकारी मिली है। मुकदमे में नामजद 27 में से आधे से अधिक आरोपियों के मकान सरकारी जमीन पर बने पाए गए हैं। इसको लेकर जिला प्रशासन सख्त है।
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मंगलवार को टीम ने पैमाइश कर कई जमीनों को चिह्नित किया है, जिस पर अवैध तरीके से मकान बनवाए गए हैं। आने वाले समय में सरकारी जमीनों को खाली कराने की तैयारी है। इसी सप्ताह ऐसे मकानों पर बुलडोजर चलाने की भी कार्रवाई हो सकती है, ताकि फिर किसी सरकारी जमीन कब्जा करने की हिमाकत कोई न करे।
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दो गांवों में है सत्यप्रकाश की जमीन, पट्टीदार भी देखकर जलते हैं
देवरिया। सत्यप्रकाश की जमीन खामपार थाना क्षेत्र के केहुनिया गांव में भी है। यहां भी ज्ञानप्रकाश के हिस्से की जमीन प्रेम ने लिखवा ली थी। इतना ही नहीं, सत्यप्रकाश की जमीन पर अन्य पट्टीदारों की नजर थी। आरोप है कि घटना के दिन वह भी प्रेम का साथ अन्य पट्टीदार भी आए थे। संवाद
दूसरी बार चढ़कर आए दरवाजे पर, खत्म कर दिया पूरा परिवार
देवरिया। सत्यप्रकाश के परिजन और ग्रामीणों के मुताबिक सोमवार को पहले प्रेम आया था और झगड़े के बाद मामला शांत हो गया था। लेकिन, कुछ ही देर बाद बाइक सवार आए और घटना को अंजाम दे दिया गया। इसमें प्रेम के परिजन गोलबंद होकर आए थे। घर में घुसकर फायरिंग के साथ ही धारदार हथियारों से हमला कर पांच लोगों की जान ले ली। संवाद
लापरवाह पुलिसकर्मियों पर लटक रही है कार्रवाई की तलवार
देवरिया। पूरे प्रकरण में कुछ पुलिसकर्मियों की लापरवाही भी सामने आ रही है। आला अफसर ऐसे पुलिस कर्मियों को चिह्नित कर रहे हैं, उनपर कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है।
सबसे गंभीर बात तो यह है कि सत्यप्रकाश दूबे का विवाद पुलिस के संज्ञान में था। इसके बावजूद भी दोनों पक्षों पर 107, 16 तक कार्रवाई नहीं हुई। प्रेम का पक्ष सबल था। थाने और राजनीतिक रूप से पकड़ रखने के कारण पुलिस के कदम उस पर कार्रवाई करने से ठिठक जा रहे थे। यह आरोप सत्यप्रकाश की बड़ी बेटी का भी है। उन्होंने बताया कि पुलिस और एसडीएम रुद्रपुर कभी भी प्रेम के खिलाफ कार्रवाई करने के मूड में नहीं थे। पूरे प्रकरण में क्या हो रहा है, इसकी जानकारी तक पुलिस नहीं लेती थी। इतने सुनियोजित तरीके से हत्या कर देना एक दिन की साजिश नहीं है। इस मामले को लेकर एसपी भी काफी गंभीर हैं। मामले में उन्होंने जांच भी बैठाई है।
16 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। अगर थाने स्तर से कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- संकल्प शर्मा, एसपी
पूरे परिवार की जिम्मेदारी उठाऊंगा : शलभ
देवरिया। फतेहपुर की घटना में इंसाफ को अंजाम तक पहुंचाने के लिए मंगलवार को सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने भटवलिया स्थित जनसंपर्क कार्यालय पर घटना के पीड़ित स्व. सत्य प्रकाश दूबे के बेटे देवेश दूबे व समाज के प्रबुद्धजनों, अधिवक्ताओं, वरिष्ठों व नौजवानों के साथ देर रात तक बैठक की। सभी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और इस परिवार की पूरी जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लिया। संवाद