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भाजपा की चांदी, सपा व बसपा साफ

Thu, 10 Mar 2022 11:44 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 10 Mar 2022 11:44 PM IST
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BJP's silver, SP and BSP clean
भाजपा की चांदी, सपा व बसपा साफ
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देवरिया। मोदी, योगी लहर देखकर विपक्षी पार्टियां हैरत में हैं। सत्ता का विरोध, कुछ विधायकों का मनमाना रवैया होने के बावजूद चुनाव में कमल की आंधी में साइकिल की रफ्तार थम गई। सपा अपना किला भी नहीं बचा सकी। विधानसभा चुनाव में जिले में इस बार भाजपा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। सपा को करारा झटका लगा है, जबकि बसपा किसी भी विधानसभा में मुख्य लड़ाई में नहीं रही है।
देखा जाए तो बसपा तथा कांग्रेस का दुर्ग इस चुनाव में ढह गया। सबसे जोर का झटका बसपा और कांग्रेस को लगा है। विधानसभा चुनाव की मतगणना के साथ ही चर्चाओं पर विराम लगने के साथ ही विपक्ष ने चुप्पी साध ली है। भाजपा ने जनपद की सभी सातों सीटों पर जीत दर्ज कर रिकार्ड बनाया है। चुनाव परिणाम से भाजपा नेता व कार्यकर्ता उत्साहित हैं। प्रदेश सरकार के मंत्री सूर्यप्रताप शाही, राज्य मंत्री जयप्रकाश निषाद व मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने जीत हासिल की। वहीं, भाजपा से पहली बार चुनाव मैदान में उतरे दीपक मिश्र शाका, सुरेंद्र चौरसिया, विजय लक्ष्मी गौतम, सभाकुंवर ने भाजपा का परचम लहराया है।
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दूसरी तरफ इस चुनाव में सपा को करारी शिकस्त मिली है। वर्ष 2017 के चुनाव में पार्टी इज्जत बचाने वाली भाटपाररानी सीट भी भाजपा ने छीन ली है। वहीं, सपा के कद्दावर नेता पूर्व मंत्री ब्रह्माशंकर त्रिपाठी, पूर्व मंत्री रामभुआल निषाद, पूर्व विधायक गजाला लारी, पूर्व विधायक मनबोध प्रसाद को हार का सामना करना पड़ा है। बरहज के प्रत्याशी मुरली मनोहर जायसवाल और देवरिया सदर से अजय प्रताप सिंह पिंटू चुनाव हार गए। मतगणना के परिणाम से सपा को बड़ा झटका लगा है। वहीं, कांग्रेस व बसपा जनपद में चारों खाने चित हो गई है। कांग्रेस ने रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में राष्ट्रीय प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह को प्रत्याशी बनाया, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
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बसपा कहीं भी त्रिकोणीय समीकरण नहीं बना पाई है और सभी विधानसभा क्षेत्र में मुख्य लड़ाई से बाहर रही है। इस चुनाव में भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं के हौसले बुलंद हो गए हैं। वहीं सपा, कांग्रेस व बसपा को कामयाबी नहीं मिल सकी है। देखा जाए तो भाटपाररानी के विधायक आशुतोष उपाध्याय भी अपना किला इस बार नहीं बचा पाए। संवाद
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