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Deoria News: आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र के लिए आवेदक हो रहे परेशान
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सदर तहसील।संवाद
-एक हजार से अधिक हुए निरस्त, ओटीपी का नया सिस्टम लागू होने के बाद सदर तहसील में घटी है आवेदकों की संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी व अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र के लिए जिले के विभिन्न तहसीलों के आवेदकों को खूब परेशान होना पड़ रहा है। आवेदकों की संख्या अधिक है, लेकिन समय से जिम्मेदारों के रिपोर्ट नहीं लगाने के चलते इन्हें प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं। जिनके मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं हैं, नई व्यवस्था लागू होने से उन्हें यह प्रमाणपत्र मिलने में और देरी होगी।
अगला सत्र शुरू होने में अब मात्र 15 दिन हैं, ऐसे में अगली कक्षाओं में प्रवेश पाने वाले छात्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे आवेदकों के लिए आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र पाने के लिए जूझना पड़ रहा है। पहले आधार की फोटोकाॅपी के जरिये ही यह प्रमाणपत्र जारी हो जा रहे थे। इधर 12 फरवरी से शासन स्तर से ही नया ओटीपी सिस्टम लागू कर दिया है। ऐसे में आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ही ओटीपी जाना है। यानी जिनका मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, ऐसे आवेदकों को इसे पाने में और देरी हो रही है।
शुक्रवार दोपहर 12:30 बजे देवरिया सदर तहसील कार्यालय में आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र पटल पर ताला लटका मिला। कुछ देर बाद यहां तैनात प्राइवेट कर्मचारी आया तो दरवाजा खुला। माल बाबू संजय त्रिपाठी ने बताया कि सदर तहसील में 707 गांव हैं। जब तक आधार था, तब तक हर दिन करीब दो हजार आवेदन आ रहे थे, ओटीपी वाला सिस्टम फरवरी से लागू होने पर 500 से 600 आवेदन ही आ रहे हैं। अगले माह से आवेदनों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
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तहसीलों को चक्कर लगा रहे आवेदक
जिले के तहसीलों के एनआईसी कार्यालय में आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र के लिए एक हजार से अधिक आवेदन लटके हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं के आवेदन या अगले सत्र में कक्षाओं में नामांकन की तिथि नजदीक होने और प्रमाणपत्र जारी होेने में देरी को लेकर अभ्यर्थी एनआईसी, सीएससी और सहज जनसेवा केंद्रों का चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
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आय, जाति व निवास प्रमाणपत्रों के लंबित आवेदनों को समय से निस्तारित करने का प्रयास किया जाता है। संबंधित लेखपाल व अन्य कर्मचारियों को तय समय के अंदर रिपोर्ट लगाकर इसका निस्तारण करने का निर्देश दिया गया है। आवेदन तभी निरस्त होता है, जब आवेदन ने आवश्यक कागजात न दिया हो। इसे लेकर शासन भी काफी गंभीर है। सात दिनों के अंदर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है।
-विपिन कुमार द्विवेदी, एसडीएम सदर
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रुद्रपुर में आय जाति निवास के एक माह में 250 आवेदन निरस्त
रुद्रपुर। तहसील रूद्रपुर में आय जाति और निवास प्रमाणपत्र का प्रकरण तो लंबित नहीं है, लेकिन आय, जाति निवास प्रमाणपत्र बनाने के लिए किए गए 250 आवेदनों को एक माह में निरस्त कर दिया गया है, जिसमें जाति प्रमाणपत्र के 89, आय प्रमाणपत्र के 78 और निवास प्रमाणपत्र के 83 आवेदन पिछले माह निरस्त कर दिए गए।
तहसीलदार चंद्रशेखर वर्मा ने कहा कि आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है, जिसमें एक सप्ताह के अंदर लेखपाल और कानूनगो को ऑनलाइन रिपोर्ट देनी है। आवेदक को 10 दिनों के अंदर प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाता है। रुद्रपुर में प्रमाणपत्रों का कोई मामला लंबित नही है। निरस्तीकरण आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, परिवार रजिस्टर की नकल आदि नहीं लगाने से होता है। कागजात पूरा होने पर प्रमाण पत्र जारी हो जाता है।
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एनआईसी कार्यालय का चक्कर लगा रहे लोग, सांसत
बरहज। शुक्रवार को दोपहर एक बजे बरहज तहसील परिसर में एनआईसी कार्यालय बदहाल दिखा। आय, जाति, निवास को लेकर लोग कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। एनआईसी कार्यालय पर एक कर्मचारी की तैनाती है। जिन्हें आय, जाति, निवास के अलावा पोर्टल से संबंधित अन्य कार्य अग्रसारित करना होता है। करीब तीन बजे तैनात कर्मी गायब मिले। कर्मचारी के इंतजार में कार्यालय के इर्द-गिर्द बैठे कपरवार के सुरेश, पलक, दीनदयाल, रामसमुझ आदि ने बताया पिछले दो दिनों से जरूरी काम से तहसील कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। कर्मचारी के मिलने पर अगले दिन का आश्वासन तो कभी मौके से गायब हो जाते हैं। तैनात कर्मचारी के बारे में अधिकारियों से शिकायत करने की बात कहने पर वह धौंस दिखाते हैं। तहसीलदार अरुण कुमार ने बताया कि आय, जाति व निवास के लंबित आवेदनों का निस्तारण जल्द कर दिया जाएगा।
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तहसीलदार के नहीं होने से भाटपाररानी में 600 से अधिक आवेदन लंबित
भाटपाररानी। तहसील 20 फरवरी से ही तहसीलदार विहीन चल रही है, जिसके चलते आय, जाति, निवास प्रमाणपत्रों के लिए लोगों को बार-बार तहसील का चक्कर लगाना पड़ रहा है। अब तक कुल 600 से अधिक आय जाति निवास प्रमाणपत्र 24 दिनों के अंदर लंबित पड़े हैं। तहसील से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार एक फरवरी से 14 मार्च तक जाति प्रमाणपत्र के कुल 2362 प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र के 2382 तथा निवास प्रमाणपत्र के 1944 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसमें जाति प्रमाणपत्र के कुल 2362 में 2001 स्वीकृत एवं 212 अस्वीकृत हुए हैं। अब तक कुल 149 लंबित प्रमाणपत्र हैं। आय प्रमाणपत्र में कुल 2382 आवेदन पत्र आए, जिसमें 1980 स्वीकृत तथा 113 अस्वीकृत हुए हैं तथा 289 प्रमाण पत्र लंबित पड़े हैं। निवास प्रमाणपत्र में 1944 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें 1682 स्वीकृत तथा 128 अस्वीकृत हुए हैं। इसमें 174 प्रमाणपत्र लंबित हैं। एसडीएम हरिशंकर लाल ने बताया कि जल्दी ही सभी प्रमाण पत्र जारी कर दिए जाएंगे।
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स्पीकअप
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जरूरी कार्य के लिए निवास प्रमाण पत्र के लिए सहज जनसेवा केंद्र से आवेदन किया हूं। रिपोर्ट आने में जिम्मेदार आज-कल करते हुए आठ से 10 दिन का समय लगना बता रहे हैं।
-सर्वजीत, मोहरा
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पेंशन के लिए आय प्रमाणपत्र बनने के लिए भेजा है। सीएससी वाले ने 15 दिन का समय मांगा है। जनसेवा केंद्र वालों का कहना है कि रिपोर्ट लगने में 10-15 दिन लग जाता है। तहसील कार्यालय का भी चक्कर लगा चुके हैं, हालांकि अभी प्रमाणपत्र नहीं मिल पाया है।
-सुरसती देवी खड़ेसर
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी व अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र के लिए जिले के विभिन्न तहसीलों के आवेदकों को खूब परेशान होना पड़ रहा है। आवेदकों की संख्या अधिक है, लेकिन समय से जिम्मेदारों के रिपोर्ट नहीं लगाने के चलते इन्हें प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं। जिनके मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं हैं, नई व्यवस्था लागू होने से उन्हें यह प्रमाणपत्र मिलने में और देरी होगी।
अगला सत्र शुरू होने में अब मात्र 15 दिन हैं, ऐसे में अगली कक्षाओं में प्रवेश पाने वाले छात्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे आवेदकों के लिए आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र पाने के लिए जूझना पड़ रहा है। पहले आधार की फोटोकाॅपी के जरिये ही यह प्रमाणपत्र जारी हो जा रहे थे। इधर 12 फरवरी से शासन स्तर से ही नया ओटीपी सिस्टम लागू कर दिया है। ऐसे में आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ही ओटीपी जाना है। यानी जिनका मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, ऐसे आवेदकों को इसे पाने में और देरी हो रही है।
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शुक्रवार दोपहर 12:30 बजे देवरिया सदर तहसील कार्यालय में आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र पटल पर ताला लटका मिला। कुछ देर बाद यहां तैनात प्राइवेट कर्मचारी आया तो दरवाजा खुला। माल बाबू संजय त्रिपाठी ने बताया कि सदर तहसील में 707 गांव हैं। जब तक आधार था, तब तक हर दिन करीब दो हजार आवेदन आ रहे थे, ओटीपी वाला सिस्टम फरवरी से लागू होने पर 500 से 600 आवेदन ही आ रहे हैं। अगले माह से आवेदनों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
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तहसीलों को चक्कर लगा रहे आवेदक
जिले के तहसीलों के एनआईसी कार्यालय में आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र के लिए एक हजार से अधिक आवेदन लटके हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं के आवेदन या अगले सत्र में कक्षाओं में नामांकन की तिथि नजदीक होने और प्रमाणपत्र जारी होेने में देरी को लेकर अभ्यर्थी एनआईसी, सीएससी और सहज जनसेवा केंद्रों का चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
आय, जाति व निवास प्रमाणपत्रों के लंबित आवेदनों को समय से निस्तारित करने का प्रयास किया जाता है। संबंधित लेखपाल व अन्य कर्मचारियों को तय समय के अंदर रिपोर्ट लगाकर इसका निस्तारण करने का निर्देश दिया गया है। आवेदन तभी निरस्त होता है, जब आवेदन ने आवश्यक कागजात न दिया हो। इसे लेकर शासन भी काफी गंभीर है। सात दिनों के अंदर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है।
-विपिन कुमार द्विवेदी, एसडीएम सदर
रुद्रपुर में आय जाति निवास के एक माह में 250 आवेदन निरस्त
रुद्रपुर। तहसील रूद्रपुर में आय जाति और निवास प्रमाणपत्र का प्रकरण तो लंबित नहीं है, लेकिन आय, जाति निवास प्रमाणपत्र बनाने के लिए किए गए 250 आवेदनों को एक माह में निरस्त कर दिया गया है, जिसमें जाति प्रमाणपत्र के 89, आय प्रमाणपत्र के 78 और निवास प्रमाणपत्र के 83 आवेदन पिछले माह निरस्त कर दिए गए।
तहसीलदार चंद्रशेखर वर्मा ने कहा कि आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है, जिसमें एक सप्ताह के अंदर लेखपाल और कानूनगो को ऑनलाइन रिपोर्ट देनी है। आवेदक को 10 दिनों के अंदर प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाता है। रुद्रपुर में प्रमाणपत्रों का कोई मामला लंबित नही है। निरस्तीकरण आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, परिवार रजिस्टर की नकल आदि नहीं लगाने से होता है। कागजात पूरा होने पर प्रमाण पत्र जारी हो जाता है।
एनआईसी कार्यालय का चक्कर लगा रहे लोग, सांसत
बरहज। शुक्रवार को दोपहर एक बजे बरहज तहसील परिसर में एनआईसी कार्यालय बदहाल दिखा। आय, जाति, निवास को लेकर लोग कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। एनआईसी कार्यालय पर एक कर्मचारी की तैनाती है। जिन्हें आय, जाति, निवास के अलावा पोर्टल से संबंधित अन्य कार्य अग्रसारित करना होता है। करीब तीन बजे तैनात कर्मी गायब मिले। कर्मचारी के इंतजार में कार्यालय के इर्द-गिर्द बैठे कपरवार के सुरेश, पलक, दीनदयाल, रामसमुझ आदि ने बताया पिछले दो दिनों से जरूरी काम से तहसील कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। कर्मचारी के मिलने पर अगले दिन का आश्वासन तो कभी मौके से गायब हो जाते हैं। तैनात कर्मचारी के बारे में अधिकारियों से शिकायत करने की बात कहने पर वह धौंस दिखाते हैं। तहसीलदार अरुण कुमार ने बताया कि आय, जाति व निवास के लंबित आवेदनों का निस्तारण जल्द कर दिया जाएगा।
तहसीलदार के नहीं होने से भाटपाररानी में 600 से अधिक आवेदन लंबित
भाटपाररानी। तहसील 20 फरवरी से ही तहसीलदार विहीन चल रही है, जिसके चलते आय, जाति, निवास प्रमाणपत्रों के लिए लोगों को बार-बार तहसील का चक्कर लगाना पड़ रहा है। अब तक कुल 600 से अधिक आय जाति निवास प्रमाणपत्र 24 दिनों के अंदर लंबित पड़े हैं। तहसील से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार एक फरवरी से 14 मार्च तक जाति प्रमाणपत्र के कुल 2362 प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र के 2382 तथा निवास प्रमाणपत्र के 1944 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसमें जाति प्रमाणपत्र के कुल 2362 में 2001 स्वीकृत एवं 212 अस्वीकृत हुए हैं। अब तक कुल 149 लंबित प्रमाणपत्र हैं। आय प्रमाणपत्र में कुल 2382 आवेदन पत्र आए, जिसमें 1980 स्वीकृत तथा 113 अस्वीकृत हुए हैं तथा 289 प्रमाण पत्र लंबित पड़े हैं। निवास प्रमाणपत्र में 1944 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें 1682 स्वीकृत तथा 128 अस्वीकृत हुए हैं। इसमें 174 प्रमाणपत्र लंबित हैं। एसडीएम हरिशंकर लाल ने बताया कि जल्दी ही सभी प्रमाण पत्र जारी कर दिए जाएंगे।
स्पीकअप
जरूरी कार्य के लिए निवास प्रमाण पत्र के लिए सहज जनसेवा केंद्र से आवेदन किया हूं। रिपोर्ट आने में जिम्मेदार आज-कल करते हुए आठ से 10 दिन का समय लगना बता रहे हैं।
-सर्वजीत, मोहरा
पेंशन के लिए आय प्रमाणपत्र बनने के लिए भेजा है। सीएससी वाले ने 15 दिन का समय मांगा है। जनसेवा केंद्र वालों का कहना है कि रिपोर्ट लगने में 10-15 दिन लग जाता है। तहसील कार्यालय का भी चक्कर लगा चुके हैं, हालांकि अभी प्रमाणपत्र नहीं मिल पाया है।
-सुरसती देवी खड़ेसर