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Deoria News: अखिल भारतीय मध्याह्न भोजन रसाेइया महासंघ ने दिया धरना
Wed, 24 May 2023 11:29 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 24 May 2023 11:29 PM IST
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अखिल भारतीय मध्यान्ह भोजन रासोइया महासंघ ने सिविल लाइंस रोड पर प्रदर्शन कर जताया विरोध।संवाद
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रसोइयों को 11 के बदले 10 माह का दिया जा रहा मानदेय
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मानदेय वृद्धि समेत छह सूत्री मांगों के लिए अखिल भारतीय मध्याह्न भोजन रसोइया महासंघ ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
संस्थापक अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ गौतम ने कहा कि सरकार के कथनी और करनी में अंतर है। उच्च न्यायालय प्रयागराज का आदेश है कि रसोइयों का न्यूनतम वेतन तय कर 2005 से जोड़कर अबतक का दिया जाए। इनकी दशा सुधारी जाए। लेकिन सरकार मात्र 500 रुपये मानदेय बढ़ाकर रसोईयों से बधुवा मजदूर की तरह काम ले रही है। जिलाध्यक्ष संगीता यादव ने कहा कि सरकार रसोईयों के साथ सोतेला व्यवहार कर रही है। 11 माह रसोइयों से काम लिया जा रहा है और मानदेय सिर्फ 10 माह का ही दिया जा रहा है। जिलामहामंत्री साजिदा खातून ने कहा कि रसोईया नियुक्ति शासनादेश में पाल्य अनिवार्यता है। जबकि इस योजना में अधिक उम्र की महिलाएं व विधवाएं काफी सख्या में कार्यरत हैं। इस स्थिति में कबतक और कहां से पाल्य (बच्चा) लाने का कार्य करेंगी। इस दौरान हरेंद्र, लल्लन पासवान, विजय राजभर, सदानंद गौड, सोनमती, अनीता देवी, मीरा देवी, शशिप्रभा, किरन यादव और फुलमती देवी आदि मौजूद रहीं।
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देवरिया। मानदेय वृद्धि समेत छह सूत्री मांगों के लिए अखिल भारतीय मध्याह्न भोजन रसोइया महासंघ ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
संस्थापक अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ गौतम ने कहा कि सरकार के कथनी और करनी में अंतर है। उच्च न्यायालय प्रयागराज का आदेश है कि रसोइयों का न्यूनतम वेतन तय कर 2005 से जोड़कर अबतक का दिया जाए। इनकी दशा सुधारी जाए। लेकिन सरकार मात्र 500 रुपये मानदेय बढ़ाकर रसोईयों से बधुवा मजदूर की तरह काम ले रही है। जिलाध्यक्ष संगीता यादव ने कहा कि सरकार रसोईयों के साथ सोतेला व्यवहार कर रही है। 11 माह रसोइयों से काम लिया जा रहा है और मानदेय सिर्फ 10 माह का ही दिया जा रहा है। जिलामहामंत्री साजिदा खातून ने कहा कि रसोईया नियुक्ति शासनादेश में पाल्य अनिवार्यता है। जबकि इस योजना में अधिक उम्र की महिलाएं व विधवाएं काफी सख्या में कार्यरत हैं। इस स्थिति में कबतक और कहां से पाल्य (बच्चा) लाने का कार्य करेंगी। इस दौरान हरेंद्र, लल्लन पासवान, विजय राजभर, सदानंद गौड, सोनमती, अनीता देवी, मीरा देवी, शशिप्रभा, किरन यादव और फुलमती देवी आदि मौजूद रहीं।
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