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Deoria News: धुएं और धूल के गुबार से जहरीली हुई हवा, 174 पर एक्यूआई

Sun, 23 Feb 2025 01:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Sun, 23 Feb 2025 01:09 AM IST
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Air poisonous due to smoke and dust, AQI at 174
सड़क पर निर्माण कार्य के दौरान उड़ रही धूल। संवाद
देवरिया। सड़कों की धूल और लगने वाला जाम जिले की हवा को खतरनाक स्तर तक पहुंचा रहा है। शहर में जगह-जगह खोदी हुईं सड़कें और आधे अधूरे निर्माण के कारण उड़ने वाली धूल फिजा बिगाड़ रही है। इसका असर लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है। निर्माणाधीन सड़कें और बिल्डिंग, गैस पाइप लाइन और केबल बिछाने के लिए खुदाई हो रही है। निजी और सरकारी प्रोजेक्ट में चल रहे निर्माण कारण भी सड़कों पर काफी धूल उड़ रही है। एयर क्लालिटी इंडेक्स सुबह 174 दर्ज किया गया, जबकि 50 से नीचे का स्तर अच्छा होता है। इसमें घुल रहे धूल व धुएं के कण सामान्य मात्रा से दो गुने तक बढ़ गए हैं।
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की सेहत पर इसका असर पड़ रहा है। सीने में जकड़न और सांस लेने में तकलीफ को लेकर मेडिकल कॉलेज में रोजाना 60 से 70 मरीज पहुंच रहे हैं।विशेषज्ञ बताते हैं कि धूल-धुएं के कारण प्रदूषक तत्वों में बढ़ोतरी होती है। ठंड के दिनों में प्रदूषण वाले कण वायुमंडल की निचली परत में रहते हैं। इससे सुबह व शाम को स्थिति और खराब रहती है। मॉर्निंग व इवनिंग के समय कण हमारे श्वसन तंत्र को प्रभावित करते हैं। साथ ही विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि बारिश हो जाए तो एक्यूआई नीचे आ जाएगा। मेडिकल कॉलेज के चेस्ट विशेषज्ञ डा. अनुराग शुक्ला ने बताया कि एक्यूआई बढ़ने से आंखें, स्किन पर प्रभाव पड़ता है। फेफड़ों पर वायु प्रदूषण की समस्या बड़ी बन सकती है। अस्थमा और सांस के मरीजों को दिक्कत बढ़ जाती है। ऐसे मरीजों को सुबह शाम घर से नहीं निकलना चाहिए। लागों को घर से निकलते समय मास्क लगाना चाहिए या गमछे से मुंह ढक लेना चाहिए।
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गमछा बांधकर निकलते हैं लोग
बनकटा मिश्र निवासी दिलीप मिश्र, छत्रपुरा निवासी राजेश सिंह बबलू और छोटका गांव निवासी सूर्य नाथ प्रसाद कुशवाहा बताते हैं कि दिन में सड़क का निर्माण होने से धूल उड़ती है। धूल के कारण सांस लेना मुश्किल हो जाता है। वहां से गुजरते समय मुंह पर गमछा बांध कर जाते हैं। वातावरण में धूल की परत के कारण सुबह सैर पर जाना भी मुश्किल हो गया है। सड़क के किनारे के घरों में तो लोगों का रहना दूभर हो गया है। फर्श पर सुबह झाड़ू लगाते समय फर्श पर धूल की मोटी परत जमी रहती है। सुबह स्टेडियम सैर करने जाने वाले अजम मिश्रा कहते हैं कि दिन में प्रदूषण इतना होता है कि सांस लेने में दिक्क्त होती है।
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