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करहकोल गांव के लोगों ने तहसील में किया प्रदर्शन, पैमाइश कर सीमा निर्धारण की मांग
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करहकोल गांव के लोगों ने तहसील में किया प्रदर्शन, पैमाइश कर सीमा निर्धारण की मांग
रुद्रपुर। सीमा विवाद में फंसी रुद्रपुर तहसील के करहकोल गांव की पांच सौ बीघा जमीन के मुद्दे पर गांव वालों ने तहसील में प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपकर 1323 फसली के मानचित्र के आधार पर सीमा निर्धारण कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने तहसील के अधिकारियों पर भूमाफिया से साठगांठ कर सीमांकन में हीलाहवाली का आरोप लगाया।
करहकोल गांव के पूर्व ग्राम प्रधान अखंड प्रताप सिंह के नेतृत्व में शुक्रवार को तहसील में प्रदर्शन करने आए गांव वालों ने जमीनों का बंदोबस्त नहीं होने पर धरना देने की चेतावनी दी। प्रदर्शनकारी ओम प्रकाश, दयाशंकर, अनिल, सुबाष, बाबूराम, अमित सिंह, बृजनाथ अभिनंदन सिंह, रमेश, विकास पटेल, लालमन, अमित कुमार, देवानंद, लालबिहारी, प्रभुनाथ आदि ने कहा कि राप्ती नदी के कटान से करीब पांच सौ बीघा जमीन उस पार गोरखपुर जिले में चली गई है। उस भूमि पर करीब बीस वर्षो से भू माफिया का कब्जा है। भू माफिया ने राजस्व कर्मियों से साठगांठ कर राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी करा दी है। गांव के लोग बीस वर्षों से अपनी जमीन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सहायक अभिलेख अधिकारी गोरखपुर की कोर्ट में फर्जी तरीके से इंद्राज को निरस्त कर दिया गया। लेकिन 1323 फसली के मानचित्र के आधार पर सीमा निर्धारण नहीं होने से नदी के कटान से उस पार गई जमीन नहीं मिल रही है। गांव के तमाम लोग अपनी भूमि गवां कर भूमिहीन हो गए हैं। तहसील प्रशासन और सर्वे विभाग दबंग भू माफिया के चंगुल में फंसा है। उन्होंने गोरखपुर और देवरिया जनपद के बीच फंसी जमीन को निकालने के लिए दोनों जनपद के राजस्व और पुलिस की टीम बना कर सीमा तय कराने की मांग की। इस बाबत राजस्व निरीक्षक रमन सिंह ने कहा कि मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है। निस्तारण की रूपरेखा बनाई जा रही है।
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रुद्रपुर। सीमा विवाद में फंसी रुद्रपुर तहसील के करहकोल गांव की पांच सौ बीघा जमीन के मुद्दे पर गांव वालों ने तहसील में प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपकर 1323 फसली के मानचित्र के आधार पर सीमा निर्धारण कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने तहसील के अधिकारियों पर भूमाफिया से साठगांठ कर सीमांकन में हीलाहवाली का आरोप लगाया।
करहकोल गांव के पूर्व ग्राम प्रधान अखंड प्रताप सिंह के नेतृत्व में शुक्रवार को तहसील में प्रदर्शन करने आए गांव वालों ने जमीनों का बंदोबस्त नहीं होने पर धरना देने की चेतावनी दी। प्रदर्शनकारी ओम प्रकाश, दयाशंकर, अनिल, सुबाष, बाबूराम, अमित सिंह, बृजनाथ अभिनंदन सिंह, रमेश, विकास पटेल, लालमन, अमित कुमार, देवानंद, लालबिहारी, प्रभुनाथ आदि ने कहा कि राप्ती नदी के कटान से करीब पांच सौ बीघा जमीन उस पार गोरखपुर जिले में चली गई है। उस भूमि पर करीब बीस वर्षो से भू माफिया का कब्जा है। भू माफिया ने राजस्व कर्मियों से साठगांठ कर राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी करा दी है। गांव के लोग बीस वर्षों से अपनी जमीन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सहायक अभिलेख अधिकारी गोरखपुर की कोर्ट में फर्जी तरीके से इंद्राज को निरस्त कर दिया गया। लेकिन 1323 फसली के मानचित्र के आधार पर सीमा निर्धारण नहीं होने से नदी के कटान से उस पार गई जमीन नहीं मिल रही है। गांव के तमाम लोग अपनी भूमि गवां कर भूमिहीन हो गए हैं। तहसील प्रशासन और सर्वे विभाग दबंग भू माफिया के चंगुल में फंसा है। उन्होंने गोरखपुर और देवरिया जनपद के बीच फंसी जमीन को निकालने के लिए दोनों जनपद के राजस्व और पुलिस की टीम बना कर सीमा तय कराने की मांग की। इस बाबत राजस्व निरीक्षक रमन सिंह ने कहा कि मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है। निस्तारण की रूपरेखा बनाई जा रही है।
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