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Deoria News: एक महीना इंतजार के बाद यूक्रेन से लाया गया अभिषेक का शव
Sun, 23 Aug 2026 11:56 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 23 Aug 2026 11:56 PM IST
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करमेल गांव में यूक्रेन से आ रहे अभिषेक के शव के इंतजार में परिजन।
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रुद्रपुर। यूक्रेन में रूसी हमले में मारे गए रामलक्षन क्षेत्र के करमेल गांव निवासी अभिषेक निषाद का शव रविवार को वतन लाया गया।
सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर शव उतरने के बाद घर से गए दो रिश्तेदार लेकर घर के लिए निकले। सोमवार की सुबह उसका दाह संस्कार किया जाएगा। एक माह से शव के इंतजार में बैठे परिजन रविवार को बेटे का अंतिम दर्शन करने को पल-पल छटपटा रहे थे।
19 जुलाई को टर्की से यूक्रेन पहुंचे मालवाहक जहाज पर कार्यरत चार भारतीय समेत क्षेत्र करमेल गांव निवासी अभिषेक निषाद की रूसी मिसाइल हमले में मौत हो गई थी।
हमले के दौरान मालवाहक जहाज पर 17 लोग तैनात थे। इंजन रूम में काम करने के दौरान अभिषेक उसी में फंसा रह गया और मौत हो गई थी। घटना में उसका शव बुरी तरह से झुलस जाने के कारण शिनाख्त कर पाना मुश्किल हो गया था।
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घर वालों की मांग पर प्रशासन की ओर से शिपिंग कंपनी से शव मंगाने को लेकर वार्ता की गई। इसमें शव की पहचान करने की अड़चन आई। पहचान कराने को मां और पिता का डीएनए टेस्ट कराया गया। बीच में सीरिया के नाविकों के डीएनए रिपोर्ट में देरी के कारण भारतीयों का शव भेजने में देरी हुई। प्रक्रिया पूरी होने के बाद रविवार की सुबह दिल्ली में चार भारतीयों का शव लाया गया।
अभिषेक के पिता कौशल ने बताया कि परिवार के लिए एक-एक पल पहाड़ जैसा कट रहा है। आंखें सिर्फ बेटे अभिषेक को तलाश रही हैं। पूरे गांव में बेचैनी बढ़ गई है। देर रात 11 बजे तक शव पहुंचने की उम्मीद है।
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सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर शव उतरने के बाद घर से गए दो रिश्तेदार लेकर घर के लिए निकले। सोमवार की सुबह उसका दाह संस्कार किया जाएगा। एक माह से शव के इंतजार में बैठे परिजन रविवार को बेटे का अंतिम दर्शन करने को पल-पल छटपटा रहे थे।
19 जुलाई को टर्की से यूक्रेन पहुंचे मालवाहक जहाज पर कार्यरत चार भारतीय समेत क्षेत्र करमेल गांव निवासी अभिषेक निषाद की रूसी मिसाइल हमले में मौत हो गई थी।
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हमले के दौरान मालवाहक जहाज पर 17 लोग तैनात थे। इंजन रूम में काम करने के दौरान अभिषेक उसी में फंसा रह गया और मौत हो गई थी। घटना में उसका शव बुरी तरह से झुलस जाने के कारण शिनाख्त कर पाना मुश्किल हो गया था।
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घर वालों की मांग पर प्रशासन की ओर से शिपिंग कंपनी से शव मंगाने को लेकर वार्ता की गई। इसमें शव की पहचान करने की अड़चन आई। पहचान कराने को मां और पिता का डीएनए टेस्ट कराया गया। बीच में सीरिया के नाविकों के डीएनए रिपोर्ट में देरी के कारण भारतीयों का शव भेजने में देरी हुई। प्रक्रिया पूरी होने के बाद रविवार की सुबह दिल्ली में चार भारतीयों का शव लाया गया।
अभिषेक के पिता कौशल ने बताया कि परिवार के लिए एक-एक पल पहाड़ जैसा कट रहा है। आंखें सिर्फ बेटे अभिषेक को तलाश रही हैं। पूरे गांव में बेचैनी बढ़ गई है। देर रात 11 बजे तक शव पहुंचने की उम्मीद है।