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Deoria News: फर्जी पासपोर्ट बनवाने के आरोप में पूर्व प्रधान समेत दो पर रिपोर्ट दर्ज
Fri, 01 May 2026 12:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 01 May 2026 12:50 AM IST
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रुद्रपुर। क्षेत्र के सरांव बुजुर्ग गांव के पूर्व प्रधान समेत उनके भाई पर पुलिस ने फर्जी तरीके से पासपोर्ट बनवाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की। आरोप है कि पूर्व प्रधान ने अपने भाई का कूटरचित प्रमाणपत्र बनवा कर थाने से रिपोर्ट लगवा कर दूसरा पासपोर्ट बनवा लिया। पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर जांच में जुटी है। क्षेत्र में तीन साल में 15 फर्जी पासपोर्ट बनवाने का मामला उजागर हो चुका है। भेड़ी गांव निवासी उमापति शुक्ला ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर बताया कि सरांव बुजुर्ग गांव निवासी जितेंद्र कुमार शुक्ला ने जन्मतिथि और नाम की स्पेलिंग में हेरफेर कर दो पासपोर्ट बनवा लिए हैं।
एक पासपोर्ट में जितेंद्र कुमार शुक्ला पुत्र रवि प्रताप नरायण शुक्ला और दूसरा पासपोर्ट मुन्ना शुक्ला पुत्र रवि प्रताप शुक्ला है। दोनों में जन्मतिथि भिन्न है। मुन्ना शुक्ला नाम का कोई भी व्यक्ति गांव में नहीं है। दूसरा पासपोर्ट बनवाने के समय उनके भाई ह्दय नरायण शुक्ला ग्राम प्रधान थे। जिनके द्वारा प्रमाणपत्र कूटरचित जारी किया गया। शिकायतकर्ता ने मतदाता सूची, खतौनी, पहचान पत्र साक्ष्य के आधार पर फर्जी पासपोर्ट के मामले में कार्रवाई की मांग की।
एसपी के निर्देश पर एकौना पुलिस ने जितेंर्छ कुमार शुक्ला और पूर्व प्रधान ह्दय नरायण शुक्ला पर एफआईआर दर्ज किया। सीओ हरिराम यादव ने कहा कि पुलिस साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।
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अब तक पकड़े जा चुके 15 फर्जी पासपोर्ट के मामले : एकौना। क्षेत्र में वर्षों से कूट रचित दस्तावेजों के सहारे विदेश की यात्रा करने वालों का धंधा चल रहा है। अधिकतर लोग फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर दोबारा पासपोर्ट बनवा कर अब भी विदेश में हैं।
तीन साल में क्षेत्र के मदनपुर, एकौना और रुद्रपुर थाने में 15 से अधिक फर्जी पासपोर्ट बनवाने की प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। सभी पर जन्मतिथि और माता-पिता का नाम बदल कर दो-दो पासपोर्ट जारी कराने का आरोप है। फर्जी तरीके से पासपोर्ट बनवाने के बाद उनकी विदेश यात्रा करने की भी पुलिस जांच कर रही है। बीते वर्ष रुद्रपुर पुलिस ने लाला टोली वार्ड निवासी वकील साहनी, महराजगंज तारासारा गांव के धर्मेंद्र यादव, पिड़हनी गांव के मंगल यादव और विनोद यादव पर प्राथमिकी दर्ज की थी।
एक साल पहले मदनपुर थाना क्षेत्र में चार और वर्ष 2023 में एकौना के बकरुआ, नगवा और रुद्रपुर के लखनाघाट गांव में चार लोग फर्जी पासपोर्ट के मामले में पकड़े जा चुके हैं। इसकी जांच लखनऊ पासपोर्ट कार्यालय के निर्देश पर पुलिस ने की थी।
जनवरी 2025 में मदनपुर पुलिस ने भुलईपुर गांव के राजन कुमार, मदनपुर कस्बे के पुरवा मोहल्ला के मल्लाह टोली निवासी अंगद साहनी, तलौरा गांव निवासी सुरेमन और भदिला दोयम गांव के रामजीत सिंह पर फर्जी पासपोर्ट बनवाने की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके पहले दिसबंर 2023 में लखनाघाट निवासी अमरनाथ यादव को फर्जी पासपोर्ट के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस के अनुसार वह वर्ष 2014 में लखनाघाट गांव के पते से पासपोर्ट बनवा कर विदेश की यात्रा कर चुका था, फिर वर्ष 2018 में एकौना के भगवान माझा गांव से मंटू यादव के नाम पासपोर्ट बनवा लिया। तीसरी बार गाजीपुर जिले के भवरकोल गांव से नाम बदल कर आवेदन किया तो पकड़ा गया। एकौना के बकरुआ गांव के जनार्दन कुमार यादव ने वर्ष 2016 में पासपोर्ट बनवाया था।
दोबारा वर्ष 2017 में भी पासपोर्ट बनवा कर विदेश की यात्रा भी की, जिसे पुलिस ने पकड़ा। इसी गांव के धर्मनाथ ने भी फर्जी तरीके से दो बार पासपोर्ट बनवाया था।
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एक पासपोर्ट में जितेंद्र कुमार शुक्ला पुत्र रवि प्रताप नरायण शुक्ला और दूसरा पासपोर्ट मुन्ना शुक्ला पुत्र रवि प्रताप शुक्ला है। दोनों में जन्मतिथि भिन्न है। मुन्ना शुक्ला नाम का कोई भी व्यक्ति गांव में नहीं है। दूसरा पासपोर्ट बनवाने के समय उनके भाई ह्दय नरायण शुक्ला ग्राम प्रधान थे। जिनके द्वारा प्रमाणपत्र कूटरचित जारी किया गया। शिकायतकर्ता ने मतदाता सूची, खतौनी, पहचान पत्र साक्ष्य के आधार पर फर्जी पासपोर्ट के मामले में कार्रवाई की मांग की।
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एसपी के निर्देश पर एकौना पुलिस ने जितेंर्छ कुमार शुक्ला और पूर्व प्रधान ह्दय नरायण शुक्ला पर एफआईआर दर्ज किया। सीओ हरिराम यादव ने कहा कि पुलिस साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।
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अब तक पकड़े जा चुके 15 फर्जी पासपोर्ट के मामले : एकौना। क्षेत्र में वर्षों से कूट रचित दस्तावेजों के सहारे विदेश की यात्रा करने वालों का धंधा चल रहा है। अधिकतर लोग फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर दोबारा पासपोर्ट बनवा कर अब भी विदेश में हैं।
तीन साल में क्षेत्र के मदनपुर, एकौना और रुद्रपुर थाने में 15 से अधिक फर्जी पासपोर्ट बनवाने की प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। सभी पर जन्मतिथि और माता-पिता का नाम बदल कर दो-दो पासपोर्ट जारी कराने का आरोप है। फर्जी तरीके से पासपोर्ट बनवाने के बाद उनकी विदेश यात्रा करने की भी पुलिस जांच कर रही है। बीते वर्ष रुद्रपुर पुलिस ने लाला टोली वार्ड निवासी वकील साहनी, महराजगंज तारासारा गांव के धर्मेंद्र यादव, पिड़हनी गांव के मंगल यादव और विनोद यादव पर प्राथमिकी दर्ज की थी।
एक साल पहले मदनपुर थाना क्षेत्र में चार और वर्ष 2023 में एकौना के बकरुआ, नगवा और रुद्रपुर के लखनाघाट गांव में चार लोग फर्जी पासपोर्ट के मामले में पकड़े जा चुके हैं। इसकी जांच लखनऊ पासपोर्ट कार्यालय के निर्देश पर पुलिस ने की थी।
जनवरी 2025 में मदनपुर पुलिस ने भुलईपुर गांव के राजन कुमार, मदनपुर कस्बे के पुरवा मोहल्ला के मल्लाह टोली निवासी अंगद साहनी, तलौरा गांव निवासी सुरेमन और भदिला दोयम गांव के रामजीत सिंह पर फर्जी पासपोर्ट बनवाने की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके पहले दिसबंर 2023 में लखनाघाट निवासी अमरनाथ यादव को फर्जी पासपोर्ट के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस के अनुसार वह वर्ष 2014 में लखनाघाट गांव के पते से पासपोर्ट बनवा कर विदेश की यात्रा कर चुका था, फिर वर्ष 2018 में एकौना के भगवान माझा गांव से मंटू यादव के नाम पासपोर्ट बनवा लिया। तीसरी बार गाजीपुर जिले के भवरकोल गांव से नाम बदल कर आवेदन किया तो पकड़ा गया। एकौना के बकरुआ गांव के जनार्दन कुमार यादव ने वर्ष 2016 में पासपोर्ट बनवाया था।
दोबारा वर्ष 2017 में भी पासपोर्ट बनवा कर विदेश की यात्रा भी की, जिसे पुलिस ने पकड़ा। इसी गांव के धर्मनाथ ने भी फर्जी तरीके से दो बार पासपोर्ट बनवाया था।