Deoria News: देवरिया शहर में 97 जर्जर भवन जानलेवा, ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं
ईओ रोहित सिंह ने बताया कि हादसा जिस मकान में हुआ है, उसका विवाद न्यायालय में विचाराधीन है। इसी तरह कई मकान हैं। नगर पालिका ने 97 मकानों को जर्जर घोषित किया है। सभी नोटिस भी दिया गया है। कुछ लोगों ने मकान को गिरवा दिया है। एक बार फिर से सभी वार्डों का सर्वे कराया जाएगा।
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नगर पालिका परिषद ने करीब छह माह पहले शहर के पचीस वार्डों के जर्जर भवनों का सर्वे कराया था। इसमें 97 मकानों की सूची तैयार कर नोटिस जारी किया गया था। पर सच तो यह है कि शहर में करीब ढाई सौ से अधिक मकान जर्जर हो चुके हैं। इसमें अधिकतर में लोग रहते हैं। नगर पालिका ने सभी भवन स्वामियों को नोटिस देकर ध्ववस्तीकरण करने के निर्देश दिए थे। पर जर्जर मकान ध्वस्त हुए कि नहीं इसकी सुध किसी ने नहीं ली। इसके चलते जर्जर भवन सीना ताने खड़े हैं।
शहर में 25 वार्ड हैं। इनमें से 22 वार्डों में जर्जर भवन हैं। नगर पालिका के सर्वे पर ध्यान दिया जाए तो जर्जर की संख्या 97 दर्ज की गई है। इसमें गरुणपार, रामनाथ देवरिया, रामगुलाम टोला, रौनियारी, अबूबकर नगर, न्यू कॉलोनी, साकेत नगर, देवरिया खास, सब्जी मंडी, तहसील, मालवीय रोड, पेड़ा गली, भीखमपुर रोड सहित अन्य जगहों पर ये भवन हैं। अधिकतर मकान 60 से 98 साल पुराने हैं। जर्जर मकानों के कारण हमेशा हादसे का भय बना रहता है।
नगर पालिका ने जर्जर मकानों को खाली कराने के लिए नोटिस तो दिया, लेकिन ध्वस्तीकरण नहीं हो पाया है, क्योंकि डेढ़, दो साल पहले जर्जर भवनों की संख्या कागज में महज 54 थी, लेकिन इस बार बढ़ गई है। इससे साफ जाहिर होता है कि जर्जर भवन की संख्या शहर में कागजी आंकड़ों से अधिक है।
मकान मालिक और किराएदारी के विवाद में बढ़ रही है संख्या
देवरिया शहर में कई जगहों पर काफी दिनों से निवास करने वाले लोगों ने कब्जा जमा लिया है। मकान मालिक से विवाद के कारण वह कब्जा छोड़ नहीं रहे हैं। इन जगहों पर स्थित मकानों का विवाद न्यायालय में चल रहा है। कुछ कब्जाधारी किराया भी न्यायालय में जमा करते हैं। इस तरह के जर्जर मकानों पर नगर पालिका और प्रशासन कार्रवाई नहीं कर सकता है।
सोमवार की सुबह जिस मकान में हादसा हुआ है, इस मकान का भी एक पक्ष ने स्थगन आदेश ले रखा है। इन विवादों के कारण भवनस्वामी मकान की मरम्मत नहीं कराते हैं, क्योंकि उनको पता होता है कि मकान की मरम्मत न होने पर कब्जा जमाने वाला व्यक्ति अपने आप चला जाएगा। इस चक्कर में भी जर्जर मकानों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
बस स्टेशन भी है कंडम घोषित
देवरिया। शहर के बस स्टेशन सहित कुछ अन्य विभाग के भवन भी जर्जर हो चुके हैं, जिनमें रहना खतरे को मोल लेना होगा। नए बस स्टेशन भवन के निर्माण की आस लोग लगाए हुए हैं। इस भवन का हाल यह है कि जर्जर होने के बाद हर रोज हजारों की संख्या में यात्री आते-जाते रहते हैं। जर्जर भवन के नीचे कर्मचारी काम निपटाते हैं।
फिर से होगा सर्वे
ईओ रोहित सिंह ने बताया कि हादसा जिस मकान में हुआ है, उसका विवाद न्यायालय में विचाराधीन है। इसी तरह कई मकान हैं। नगर पालिका ने 97 मकानों को जर्जर घोषित किया है। सभी नोटिस भी दिया गया है। कुछ लोगों ने मकान को गिरवा दिया है। एक बार फिर से सभी वार्डों का सर्वे कराया जाएगा।