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सपा के सम्मेलन में बोलने को लेकर धक्का-मुक्की
Updated Tue, 05 Sep 2017 11:32 PM IST
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देवरिया। समाजवादी पार्टी के जिला सम्मेलन में मंच से बोलने की बात को लेकर धक्का-मुक्की हो गई। कार्यकर्ता पर्यवेक्षक के सामने ही जिलाध्यक्ष को हटाने की मांग करने लगे। कुछ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। पर्यवेक्षक यह रिपोर्ट राष्ट्रीय कार्यकारिणी को सौंपेंगे।
सोनूघाट चौराहे पर समाजवादी पार्टी का जिला सम्मेलन आयोजित हुआ। कार्यक्रम स्थल नेताओं और कार्यकर्ताओं से खचाखच भरा हुआ था। बोलने वाले नेताओं की लाइन लगी थी। संचालक और जिलाध्यक्ष रामइकबाल यादव बार-बार एनाउंस कर रहे थे कि सभी नेता अपनी बात को संक्षिप्त में कहें। काफी देर तक जब ओपी यादव और बेचूलाल चौधरी को बोलने का मौका नहीं मिला तो उनके समर्थक नारेबाजी करने लगे। मामला इतना बढ़ा की धक्का-मुक्की होने लगी। तमाम नेता जिलाध्यक्ष रामइकबाल यादव को हटाने की मांग करने लगे। उनका कहना था कि रामइकबाल की वजह से जिले में पार्टी कमजोर हो रही है। इससे पर्यवेक्षक पूर्व सांसद रामकिशुन यादव पशोपेश में पड़ गए। मामला बढ़ता देख कुछ नेताओं ने हस्तक्षेप किया। किसी तरह से मामला शांत हुआ। कुछ लोगों का कहना था कि यह तो होना ही था। सोनूघाट में सम्मेलन कराए जाने का मतलब नहीं समझ में आ रहा है।
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सोनूघाट चौराहे पर समाजवादी पार्टी का जिला सम्मेलन आयोजित हुआ। कार्यक्रम स्थल नेताओं और कार्यकर्ताओं से खचाखच भरा हुआ था। बोलने वाले नेताओं की लाइन लगी थी। संचालक और जिलाध्यक्ष रामइकबाल यादव बार-बार एनाउंस कर रहे थे कि सभी नेता अपनी बात को संक्षिप्त में कहें। काफी देर तक जब ओपी यादव और बेचूलाल चौधरी को बोलने का मौका नहीं मिला तो उनके समर्थक नारेबाजी करने लगे। मामला इतना बढ़ा की धक्का-मुक्की होने लगी। तमाम नेता जिलाध्यक्ष रामइकबाल यादव को हटाने की मांग करने लगे। उनका कहना था कि रामइकबाल की वजह से जिले में पार्टी कमजोर हो रही है। इससे पर्यवेक्षक पूर्व सांसद रामकिशुन यादव पशोपेश में पड़ गए। मामला बढ़ता देख कुछ नेताओं ने हस्तक्षेप किया। किसी तरह से मामला शांत हुआ। कुछ लोगों का कहना था कि यह तो होना ही था। सोनूघाट में सम्मेलन कराए जाने का मतलब नहीं समझ में आ रहा है।
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