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पुरानी पेंशन बहाली को लेकर सड़क पर उतरे राज्य कर्मचारी
Updated Thu, 09 Aug 2018 11:11 PM IST
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पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट में राज्य कर्मचारियो ने जोरदार नारेबाजी किया। ।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारी पुरानी पेेंशन बहाली मंच सड़क पर उतरा। कलेक्ट्रेट में अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर सरकार से पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की मांग की।
टाउनहाल पर एकजुट हुए कर्मचारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चन्द्र शर्मा और प्रदेश संयोजक इंजीनियर हरीकिशोर तिवारी के नेतृत्व में प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरने पर बैठ गए। प्रांतीय पर्यवेक्षक गंगेश कुमार शुक्ल ने कहा कि कर्मचारियों के सेवानिवृत होने के बाद मिलने वाला पेंशन कोई खैरात नहीं था। सरकार का यह फैसला गलत है। सरकार को पुरानी पेंशन योजना को तुरंत लागू करना चाहिए। जिलाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारीगण के भविष्य को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। पुरानी पेंशन योजना को अगर लागू नहीं किया गया तो यह लड़ाई तेज होगी। संविधान में प्राप्त समानता के अधिकार के मौलिक कर्तव्य का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वन पेंशन बंद पेंशन के तहत सबकी पेंशन बहाल किया जाए। संयोजक अशोक कुमार पांडेय ने कहा कि नई पेंशन योजना कर्मचारियों के साथ धोखा है। विधायक, सांसद का भी पेंशन बंद किया जाए। केएन राय ने कहा कि सरकार राज्य कर्मचारी विरोधी है। बुजुर्गों का बुढ़ापे की लाठी पेंशन हुआ करता था। लेकिन सरकार ने सुनियोजित तरीके से इसे बंद कर दिया। इसके लिए राज्य कर्मचारी आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। जयप्रकाश मणि ने कहा कि जब-जब शिक्षक कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरें हैं। या तो मांगे पूरी हुई है या सरकारें सत्ता से दूर हुई हैं। इस दौरान चन्द्रभूषण पांडेय, मारकंडेय तिवारी, जयप्रकाश मणि, मनोज राजभर, सुरेश यादव, शफीक अहमद, देवकांत पाठक, मनोज पांडेय, सुरेंद्र देव मिश्र, रिजवान अहमद, बसंती राय, अरुण कुमार मिश्र, सुमन शुक्ला, विमा शाही, अनिता, मृदुला मिश्रा, रागिनी सिंह, मनीषा तिवारी, नूर फातिमा, रमेश यादव, अरूण दुबे, उपेंद्र पांडेय आदि मौजूद रहे।
इनसेट
परिषदीय स्कूलों में प्रभावित रहा पठन-पाठन
देवरिया। धरना प्रदर्शन की वजह से अधिकांश परिषदीय विद्यालयों का पठन-पाठन प्रभावित रहा। परिषदीय विद्यालय के शिक्षक पूरे दिन कलेक्ट्रेट में चल रहे धरना में शामिल रहे। कुछ स्कूलों पर शिक्षा मित्र रहे। लेकिन, पढ़ाई नहीं हुई।
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इनसेट
जुलूस निकलने से सड़क जाम
देवरिया। टाउनहाल से कलेक्ट्रेट के लिए राज्य कर्मचारियों का जब जुलूस निकला तो सड़क जाम हो गया। सिर पर केसरिया टोपी लगाए प्रदर्शनकारी अलग अंदाज में दिख रहे थे। डीएम आवास से जिला पंचायत गेट पर लंबी कतार सड़क पर कर्मचारियों की थी।
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टाउनहाल पर एकजुट हुए कर्मचारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चन्द्र शर्मा और प्रदेश संयोजक इंजीनियर हरीकिशोर तिवारी के नेतृत्व में प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरने पर बैठ गए। प्रांतीय पर्यवेक्षक गंगेश कुमार शुक्ल ने कहा कि कर्मचारियों के सेवानिवृत होने के बाद मिलने वाला पेंशन कोई खैरात नहीं था। सरकार का यह फैसला गलत है। सरकार को पुरानी पेंशन योजना को तुरंत लागू करना चाहिए। जिलाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारीगण के भविष्य को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। पुरानी पेंशन योजना को अगर लागू नहीं किया गया तो यह लड़ाई तेज होगी। संविधान में प्राप्त समानता के अधिकार के मौलिक कर्तव्य का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वन पेंशन बंद पेंशन के तहत सबकी पेंशन बहाल किया जाए। संयोजक अशोक कुमार पांडेय ने कहा कि नई पेंशन योजना कर्मचारियों के साथ धोखा है। विधायक, सांसद का भी पेंशन बंद किया जाए। केएन राय ने कहा कि सरकार राज्य कर्मचारी विरोधी है। बुजुर्गों का बुढ़ापे की लाठी पेंशन हुआ करता था। लेकिन सरकार ने सुनियोजित तरीके से इसे बंद कर दिया। इसके लिए राज्य कर्मचारी आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। जयप्रकाश मणि ने कहा कि जब-जब शिक्षक कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरें हैं। या तो मांगे पूरी हुई है या सरकारें सत्ता से दूर हुई हैं। इस दौरान चन्द्रभूषण पांडेय, मारकंडेय तिवारी, जयप्रकाश मणि, मनोज राजभर, सुरेश यादव, शफीक अहमद, देवकांत पाठक, मनोज पांडेय, सुरेंद्र देव मिश्र, रिजवान अहमद, बसंती राय, अरुण कुमार मिश्र, सुमन शुक्ला, विमा शाही, अनिता, मृदुला मिश्रा, रागिनी सिंह, मनीषा तिवारी, नूर फातिमा, रमेश यादव, अरूण दुबे, उपेंद्र पांडेय आदि मौजूद रहे।
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परिषदीय स्कूलों में प्रभावित रहा पठन-पाठन
देवरिया। धरना प्रदर्शन की वजह से अधिकांश परिषदीय विद्यालयों का पठन-पाठन प्रभावित रहा। परिषदीय विद्यालय के शिक्षक पूरे दिन कलेक्ट्रेट में चल रहे धरना में शामिल रहे। कुछ स्कूलों पर शिक्षा मित्र रहे। लेकिन, पढ़ाई नहीं हुई।
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जुलूस निकलने से सड़क जाम
देवरिया। टाउनहाल से कलेक्ट्रेट के लिए राज्य कर्मचारियों का जब जुलूस निकला तो सड़क जाम हो गया। सिर पर केसरिया टोपी लगाए प्रदर्शनकारी अलग अंदाज में दिख रहे थे। डीएम आवास से जिला पंचायत गेट पर लंबी कतार सड़क पर कर्मचारियों की थी।