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एक डायग्नोस्टिक सेंटर सील, पुलिस को चकमा देकर भागा डॉक्टर
Updated Wed, 08 Aug 2018 11:26 PM IST
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सदर एसडीएम ने राघव नगर स्थित एक नर्सिग होम में चल रहे डाइग्नोसिश सेंटर का जांच पडताल किया।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। निजी नर्सिंगहोम में अवैध रूप से चल रहे शिवम डायग्नोस्टिक सेंटर को स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया। वहीं, कसया ओवरब्रिज के नीचे एक क्लीनिक पर टीम ने छापेमारी किया। वहां मौजूद डॉक्टर की टीम को चकमा देकर फरार हो गया। एक घंटे इंतजार के बाद कोई नहीं आया तो नोटिस चस्पा कर टीम को वापस जाना पड़ा।
दस दिन पूर्व स्वास्थ्य विभाग संयुक्त निदेशक गोरखपुर के नेतृत्व में शहर के राघव नगर के शिवम डायग्नोस्टिक सेंटर और संजीवनी अस्पताल में संचालित होने वाले डायग्नोस्टिक सेंटर की जांच हुई थी। इसमें अनेक अनियमितताएं मिली थी। संयुक्त निदेशक ने इन डायग्नोस्टिक सेंटरों को सील करने का निर्देश सीएमओ को 31 जुलाई को दिया। बुधवार को सदर एसडीएम रामकेश यादव और नोडल अधिकारी डॉ.सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम शिवम डायग्नोस्टिक सेंटर पर पहुंची। टीम को देख वहां अफरा-तफरी मच गई और वर्कर ताला बंद कर खिसक गए। एक घंटे इंतजार के बाद वर्कर आए और रूम की तलाशी लेने के बाद शिवम डायग्नोस्टिक सेंटर को कर दिया गया। इसके बाद टीम कसया ओवरब्रिज के नीचे चल रहे सोनी डेंटल क्लीनिक पर पहुंची। यहां मौजूद डॉक्टर से टीम ने अस्पताल का रजिस्ट्रेशन दिखाने को कहा। डॉक्टर ने एक मिनट में कागजात लाने की बात कह वहां से भाग गया। डेढ़ घंटे तक टीम वहां बैठी रही। लेकिन वह लौटा नहीं। नोडल अधिकारी ने तीन दिन के अंदर कागजात के साथ उपस्थित होने का उसके क्लीनिक की दीवार पर नोटिस चस्पा कर दिया। लेकिन संजीवनी अस्पताल में संचालित होने वाले डायग्नोस्टिक सेंटर को सील करने के बजाए बचाने में महकमा जुटा है। एसडीएम रामकेश यादव ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर राघव नगर में एक डायग्नोस्टिक सेंटर को सील किया गया है। अन्य पर कार्रवाई चल रही है। एक क्लीनिक पर छापेमारी की गई। लेकिन डॉक्टर भाग गया।
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दस दिन पूर्व स्वास्थ्य विभाग संयुक्त निदेशक गोरखपुर के नेतृत्व में शहर के राघव नगर के शिवम डायग्नोस्टिक सेंटर और संजीवनी अस्पताल में संचालित होने वाले डायग्नोस्टिक सेंटर की जांच हुई थी। इसमें अनेक अनियमितताएं मिली थी। संयुक्त निदेशक ने इन डायग्नोस्टिक सेंटरों को सील करने का निर्देश सीएमओ को 31 जुलाई को दिया। बुधवार को सदर एसडीएम रामकेश यादव और नोडल अधिकारी डॉ.सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम शिवम डायग्नोस्टिक सेंटर पर पहुंची। टीम को देख वहां अफरा-तफरी मच गई और वर्कर ताला बंद कर खिसक गए। एक घंटे इंतजार के बाद वर्कर आए और रूम की तलाशी लेने के बाद शिवम डायग्नोस्टिक सेंटर को कर दिया गया। इसके बाद टीम कसया ओवरब्रिज के नीचे चल रहे सोनी डेंटल क्लीनिक पर पहुंची। यहां मौजूद डॉक्टर से टीम ने अस्पताल का रजिस्ट्रेशन दिखाने को कहा। डॉक्टर ने एक मिनट में कागजात लाने की बात कह वहां से भाग गया। डेढ़ घंटे तक टीम वहां बैठी रही। लेकिन वह लौटा नहीं। नोडल अधिकारी ने तीन दिन के अंदर कागजात के साथ उपस्थित होने का उसके क्लीनिक की दीवार पर नोटिस चस्पा कर दिया। लेकिन संजीवनी अस्पताल में संचालित होने वाले डायग्नोस्टिक सेंटर को सील करने के बजाए बचाने में महकमा जुटा है। एसडीएम रामकेश यादव ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर राघव नगर में एक डायग्नोस्टिक सेंटर को सील किया गया है। अन्य पर कार्रवाई चल रही है। एक क्लीनिक पर छापेमारी की गई। लेकिन डॉक्टर भाग गया।
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