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काला कपड़ा पर रही पुलिसवालों की नजर
Updated Wed, 18 Oct 2017 10:03 PM IST
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बघौचघाट। एलआईयू की रिपोर्ट के बाद देवरिया पुलिस सकते में आ गई थी। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पहुंचे शिक्षामित्र, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर पुलिस की विशेष नजर थी। कोई भी व्यक्ति यदि काला कपड़ा पहने पहुंच रहा था तो पुलिस उसे बाहर का रास्ता दिखा रही थी। कार्यक्रम के बीच में कई बार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने खड़ा होकर नारे लगाए, लेकिन पुलिस के सामने उनकी आवाज दब कर रह गई।
पथरदेवा के आचार्य नरेंद्रदेव इंटर कॉलेज में रविंद्र किशोर शाही की पुण्यतिथि कार्यक्रम में व्यवस्था में लगी पुलिस के पसीने छूट रहे थे। मामला यह था कि कार्यक्रम में अधिक संख्या में आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ता और शिक्षामित्र पहुंचे थे। पुलिस को खुफिया रिपोर्ट मिली थी कि कुछ लोग सीएम योगी आदित्यनाथ को काला झंडा दिखाने वाले हैं। इसके आधार पर पुलिस इनके पीछे लगी थी। जो भी महिला काली साड़ी, दुपट्टा और बुर्का पहनी थी, उन्हें पुलिस अंदर नही जाने दे रही थी। कई मुस्लिम महिलाओं को अपना बुर्का उतारना पड़ा। वहीं पुलिस ने महिलाओं को अपमानित भी किया। उनके लिए कोई पर्दा नहीं लगाया गया था। उनको भी सार्वजनिक रूप से चेक किया जा रहा था। कई महिलाओं ने इसका विरोध भी किया।
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पथरदेवा के आचार्य नरेंद्रदेव इंटर कॉलेज में रविंद्र किशोर शाही की पुण्यतिथि कार्यक्रम में व्यवस्था में लगी पुलिस के पसीने छूट रहे थे। मामला यह था कि कार्यक्रम में अधिक संख्या में आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ता और शिक्षामित्र पहुंचे थे। पुलिस को खुफिया रिपोर्ट मिली थी कि कुछ लोग सीएम योगी आदित्यनाथ को काला झंडा दिखाने वाले हैं। इसके आधार पर पुलिस इनके पीछे लगी थी। जो भी महिला काली साड़ी, दुपट्टा और बुर्का पहनी थी, उन्हें पुलिस अंदर नही जाने दे रही थी। कई मुस्लिम महिलाओं को अपना बुर्का उतारना पड़ा। वहीं पुलिस ने महिलाओं को अपमानित भी किया। उनके लिए कोई पर्दा नहीं लगाया गया था। उनको भी सार्वजनिक रूप से चेक किया जा रहा था। कई महिलाओं ने इसका विरोध भी किया।
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