फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   पेयजल परियोजनाओं की प्रगति ठीक नहीं

पेयजल परियोजनाओं की प्रगति ठीक नहीं

Wed, 27 Mar 2019 10:18 PM IST
Harishankar Tiwari हरिशंकर तिवारी
Updated Wed, 27 Mar 2019 10:18 PM IST
विज्ञापन
पेयजल परियोजनाओं की प्रगति ठीक नहीं
पानी नहीं - फोटो : अमर उजाला
देवरिया। स्वच्छ पेयजल की किल्लत झेल रहे जिले वासियों की परेशानी कम होती नहीं दिख रही। जिस रफ्तार से पाईप पेयजल योजना का विस्तार हो रहा है उससे जेई/एईएस प्रभावित गांवों को ही संतृप्त करने में दशकों गुजर जाएंगे।
विज्ञापन

योजना शुरू हुए 36 साल हो चुके हैं। अबतक 181 ग्राम पंचायतों में पाईप पेयजल परियाजना का विस्तार हो पाया है। इसे सालाना औसत मानें तो पांच से छह गांवों को ही राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल परियोजना से संतृप्त किया जा सका है। जबकि जिले जेई/एईएस से प्रभावित गांवों की संख्या 539 है। इनमें 358 ग्राम पंचायत के लोग आज भी दूषित जल पीने को मजबूर हैं। 1981 में सरकार ने गांवों में साफ पानी की किल्लत दूर करने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना की शुरुआत की। जिन गांवों में पानी की गुणवत्ता खराब मिली उन्हें योजना से संतृप्त करने का प्लान तैयार हुआ। बाद में जेई/एईएस से प्रभावित गांव भी पाइप पेयजल योजना में शामिल किए गए। विश्व बैंक की मदद से नीर निर्मल योजना शुरू हुई। इससे भी अबतक जिले में 17 ग्राम पंचायतों को ही संतृप्त किया जा सका है।
विज्ञापन


कागजों में दे रहे साफ पानी
36 साल में पूरी हुई 181 परियोजनाओं में दर्जनों बंद पड़ी हैं। किसी का पाईप फटा है तो किसी का मोटर ही खराब है। कई गांवों में ऑपरेटर नहीं होने के चलते सबकुछ ठीक होने के बावजूद घरों तक पानी की साप्लाई नहीं दी जा रही है। रामपुर कारखाना ब्लाक के नौतन गांव में वर्ष 2009-10 में पेयजल परियोजना का काम पूरा हुआ। टेस्टिंग के वक्त ही पाईप फट गए। नौ साल गुजरने के बाद भी मरम्मत नहीं हुआ। यही हाल आसपास के गुद्दीजोर, उदयपुरा आदि गांवों का है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट
जिले में पाईप पेयजल योजना का हाल

1189 ग्राम पंचायत जिले में हैं।
- 181 ग्राम पंचायतों में पेयजल परियोजना पूर्ण हो चुकी हैं।
- 57 परियोजना ग्राम पंचायतों को हैंडओवर किए गए हैं।
- 40 परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
- 17 ग्राम पंचायतों में 50 रुपये यूजर चार्ज वसूले जा रहे हैं।

जहां पानी की गुणवत्ता खराब है और जो गांव जेई/एईएस से प्रभावित हैं उन गांवों को पाईप पेयजल योजना से संतृप्त किया जा रहा है। जहां परियोजना पूर्ण हो रही है उसे मेंटेनेंस के बाद ग्राम पंचायतों को हैंडओवर करने की कार्यवाही की जा रही है।
प्रदीप कुमार, एक्सईएन, जल निगम।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed