{"_id":"596f98c34f1c1b71328b45f6","slug":"51500485827-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी चला रहे हैं अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी चला रहे हैं अस्पताल
Updated Wed, 19 Jul 2017 11:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करौंदी बाजार। सरौरा में न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राम भरोसे चल रहा है। यहां फार्मासिस्ट और लैब टेक्नीशियन आते ही नहीं और डॉक्टर तैनात ही नहीं हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के सहारे पीएचसी चल रहा है। पीएचसी पर रोजाना 20 से 25 रोगी आते हैं। उन्हें पैरासिटामोल देकर चलता किया जाता है।
बुधवार को सुबह आठ बजे न्यू पीएचसी सरौरा अस्पताल बंद था। 9:15 बजे एक घायल बच्चा परिजनों के साथ इलाज के लिए अस्पताल पर आया। अस्पताल बंद था तो बगल में एएनएम रूम में गया। एएनएम के पति ने पट्टी बांध दिया। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अशोक मिश्रा ने 10:20 बजे अस्पताल का ताला खोला। पूछने पर बताया कि तबीयत खराब है, दवा लेने गया था, इस कारण देर हो गया। फार्मासिस्ट और लैब टेक्नीशियन आए ही नहीं थे। सरौरा निवासी घायल मरीज के पिता रामभवन ने बताया कि बेटे का सिर फट गया था। इलाज के लिए अस्पताल पर आया तो बंद था। एएनएम ने पति ने मलहम-पट्टी की। टांका लगवाने के लिए फार्मासिस्ट का 11 बजे तक इंतजार किया, लेकिन आए नहीं। बरईठा के संतोष यादव का कहना था कि जब भी आता हूं पैरासिटामोल की गोली थमा दी जाती है। सरैया पट्टी निवासी धर्मेंद्र राजभर का कहना था कि अस्पताल 12 से एक बजे के बीच खुलता है। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं की जाती। सीएमओ ने कहा कि जांच कराकर फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
बुधवार को सुबह आठ बजे न्यू पीएचसी सरौरा अस्पताल बंद था। 9:15 बजे एक घायल बच्चा परिजनों के साथ इलाज के लिए अस्पताल पर आया। अस्पताल बंद था तो बगल में एएनएम रूम में गया। एएनएम के पति ने पट्टी बांध दिया। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अशोक मिश्रा ने 10:20 बजे अस्पताल का ताला खोला। पूछने पर बताया कि तबीयत खराब है, दवा लेने गया था, इस कारण देर हो गया। फार्मासिस्ट और लैब टेक्नीशियन आए ही नहीं थे। सरौरा निवासी घायल मरीज के पिता रामभवन ने बताया कि बेटे का सिर फट गया था। इलाज के लिए अस्पताल पर आया तो बंद था। एएनएम ने पति ने मलहम-पट्टी की। टांका लगवाने के लिए फार्मासिस्ट का 11 बजे तक इंतजार किया, लेकिन आए नहीं। बरईठा के संतोष यादव का कहना था कि जब भी आता हूं पैरासिटामोल की गोली थमा दी जाती है। सरैया पट्टी निवासी धर्मेंद्र राजभर का कहना था कि अस्पताल 12 से एक बजे के बीच खुलता है। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं की जाती। सीएमओ ने कहा कि जांच कराकर फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन