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भ्रष्टाचार दूर करेगा डिजिटलाइजेशन
Updated Mon, 19 Jun 2017 10:23 PM IST
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देवरिया। बीरबल साहनी शोध संस्थान लखनऊ के वैज्ञानिक डॉ. चंद्रमोहन नौटियाल ने कहा कि डिजिटलाइजेशन से भ्रष्टाचार रुकेगा। घर बैठे बहुत से कार्य हो जाएंगे। कागज का अपव्यय नहीं होगा। कागज के लिए काटे जाने वाले पेड़ों के बचने से पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। वह सोमवार को विकास भवन के गांधी सभागार में डिजिटल इंडिया पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
डॉ. नौटियाल ने डिजिटलाइजेशन की खूबियां गिनाई। विज्ञान क्लब के समन्वयक इंजीनियर विष्णु यश ने सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी डिजिटलाइजेशन की गुणवत्ता और पारदर्शिता के बारे में जानकारी दी। विज्ञान संचारक अनिल त्रिपाठी ने जिला विज्ञान क्लब से जुड़ डिजिटल इंडिया के आंदोलन को नव वैज्ञानिकों में लोकप्रिय बनाने का मार्ग बताया। अलीगढ़ से आए डॉ. लारी आजाद ने कहा कि डिजिटल इंडिया की ओर युवाओं को बढ़ना होगा। ई-गवर्नेंस, ई-कामर्स, ई-हेल्थ और ई-एग्रीकल्चर आज की भागती दुनिया की दौड़ में भारत को खड़ा कर दिया है। विज्ञान संचारक उपेंद्र उपाध्याय ने डिजिटलाइजेशन में साइबर क्राइम का उल्लेख करते हुए गोपनीय अपराधों की ओर भी संकेत किया। प्रधानाचार्य परिषद से जुड़े मिथिलेश सिंह ने शिक्षकों में डिजिटल साक्षरता की उपयोगिता की बात कही। तकनीकी सत्र में अमूल्य रतन तिवारी, आकर्ष उपाध्याय, रेवती रमण त्रिपाठी सिद्धार्थ प्रताप सिंह विभा यादव आदि ने शोध पत्र प्रस्तुत किए। नीतू, शोभा, सरिता, रागिनी, हिमांशु, ज्योति, आराध्या, नूर अकरम लारी, बबिता प्रजापति ने सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासा का शांत किया।
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डॉ. नौटियाल ने डिजिटलाइजेशन की खूबियां गिनाई। विज्ञान क्लब के समन्वयक इंजीनियर विष्णु यश ने सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी डिजिटलाइजेशन की गुणवत्ता और पारदर्शिता के बारे में जानकारी दी। विज्ञान संचारक अनिल त्रिपाठी ने जिला विज्ञान क्लब से जुड़ डिजिटल इंडिया के आंदोलन को नव वैज्ञानिकों में लोकप्रिय बनाने का मार्ग बताया। अलीगढ़ से आए डॉ. लारी आजाद ने कहा कि डिजिटल इंडिया की ओर युवाओं को बढ़ना होगा। ई-गवर्नेंस, ई-कामर्स, ई-हेल्थ और ई-एग्रीकल्चर आज की भागती दुनिया की दौड़ में भारत को खड़ा कर दिया है। विज्ञान संचारक उपेंद्र उपाध्याय ने डिजिटलाइजेशन में साइबर क्राइम का उल्लेख करते हुए गोपनीय अपराधों की ओर भी संकेत किया। प्रधानाचार्य परिषद से जुड़े मिथिलेश सिंह ने शिक्षकों में डिजिटल साक्षरता की उपयोगिता की बात कही। तकनीकी सत्र में अमूल्य रतन तिवारी, आकर्ष उपाध्याय, रेवती रमण त्रिपाठी सिद्धार्थ प्रताप सिंह विभा यादव आदि ने शोध पत्र प्रस्तुत किए। नीतू, शोभा, सरिता, रागिनी, हिमांशु, ज्योति, आराध्या, नूर अकरम लारी, बबिता प्रजापति ने सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासा का शांत किया।
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