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बेमौसम बारिश से दोआबा के किसानों की फसल चौपट, सचौली पटवनिया में डूबी 50 एकड़ गेहूं की फसल
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बेमौसम बारिश से दोआबा के किसानों की फसल चौपट, सचौली पटवनिया में डूबी 50 एकड़ गेहूं की फसल
रुद्रपुर। दोआबा के किसानों को मौसम के बदले मिजाज ने फिर बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया है। बरसात में धान की फसल डूबने के बाद मंगलवार और बुधवार की रात हुई बारिश से कई एकड़ गेहूं की फसल चौपट हो गई।
सचौली पटवनिया गांव के दर्जनों किसानों की करीब 50 एकड़ गेहूं की फसल बरसात के पानी से डूब गई है। यहां चकरोड तोड़कर पानी बहने लगा है। दोआबा के 52 गांवों की करीब एक हजार एकड़ ताल में गेहूं की फसल देर से बोई गई। दो दिन पहले हुई बारिश से गेहूं के कोपल डूब गए। पानी भर जाने से खाद-बीज बर्बाद हो गया। गांव के किसान गोरख पासवान, उपेंद्र सिंह, जय सिंह, विजयी यादव, छोटेलाल, बाबूलाल, दुर्गविजय,राज महेंद्र आदि ने कहा कि धान की फसल के डूबने का उचित मुआवजा भी नहीं मिला है। किसान कर्ज लेकर गेहूं की बुआई की थी। भारी बरसात से सब चौपट हो गया। रबी और खरीफ की दोनों फसल चौपट हो जाने से सचौली पटवनिया के किसानों के सामने भुखमरी का संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने प्रशासन से फसलों के नुकसान की भरपाई कराने की मांग की।
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रुद्रपुर। दोआबा के किसानों को मौसम के बदले मिजाज ने फिर बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया है। बरसात में धान की फसल डूबने के बाद मंगलवार और बुधवार की रात हुई बारिश से कई एकड़ गेहूं की फसल चौपट हो गई।
सचौली पटवनिया गांव के दर्जनों किसानों की करीब 50 एकड़ गेहूं की फसल बरसात के पानी से डूब गई है। यहां चकरोड तोड़कर पानी बहने लगा है। दोआबा के 52 गांवों की करीब एक हजार एकड़ ताल में गेहूं की फसल देर से बोई गई। दो दिन पहले हुई बारिश से गेहूं के कोपल डूब गए। पानी भर जाने से खाद-बीज बर्बाद हो गया। गांव के किसान गोरख पासवान, उपेंद्र सिंह, जय सिंह, विजयी यादव, छोटेलाल, बाबूलाल, दुर्गविजय,राज महेंद्र आदि ने कहा कि धान की फसल के डूबने का उचित मुआवजा भी नहीं मिला है। किसान कर्ज लेकर गेहूं की बुआई की थी। भारी बरसात से सब चौपट हो गया। रबी और खरीफ की दोनों फसल चौपट हो जाने से सचौली पटवनिया के किसानों के सामने भुखमरी का संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने प्रशासन से फसलों के नुकसान की भरपाई कराने की मांग की।
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