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प्राथमिक विद्यालय की आधे घ्वस्त भवन की इंट सुरक्षित नही
Updated Fri, 22 Sep 2017 11:39 PM IST
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सलेमपुर। विकास खंड के बरठा बाबू प्राथमिक विद्यालय का आधा भवन तीन माह पहले ध्वस्त हो गया। विभागीय अफसरों की उदासीनता से ईंट व इसमें लगे सरिया को सुरक्षित नहीं किया गया है। इससे बगल में बने स्कूल में आने वाले बच्चों को जर्जर भवन से खतरा है।
बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकांश विद्यालयों में बाउंड्रीवॉल बनाई गई है। इससे विद्यालय और स्कूल आने वाले बच्चे सुरक्षित रहे। बरठा बाबू गाव में प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय एक ही प्रांगण में है। विद्यालय में बाउंड्रीवॉल का निर्माण नहीं हो सका है। इससे आवारा पशुओं का जमावड़ा रहता है और विद्यालय से सामान गायब होते रहते हैं। विद्यालय भवन का आधा हिस्सा तीन माह पहले ध्वस्त हो गया। मलबे का ईंट लोग चुरा रहे हैं। भवन का आधा हिस्सा जर्जर हालत में खड़ा है। विभागीय अफसरों से अनुमति नहीं मिलने के कारण जर्जर भवन को पूरी तरह ध्वस्त नहीं किया जा रहा है। गांव की बंजर जमीन पर मौजूद विद्यालय का नाम भू-अभिलेख में दर्ज न होने से लोग इस जमीन पर अवैध कब्जा कर रहे हैं। राजस्व विभाग आज तक बंजर भूमि पर स्कूल का नाम नहीं दर्ज कर सका। प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक मनोज तिवारी ने बताया कि कई बार उच्चाधिकरियों से कहा, लेकिन अनुमति नहीं मिली।
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बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकांश विद्यालयों में बाउंड्रीवॉल बनाई गई है। इससे विद्यालय और स्कूल आने वाले बच्चे सुरक्षित रहे। बरठा बाबू गाव में प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय एक ही प्रांगण में है। विद्यालय में बाउंड्रीवॉल का निर्माण नहीं हो सका है। इससे आवारा पशुओं का जमावड़ा रहता है और विद्यालय से सामान गायब होते रहते हैं। विद्यालय भवन का आधा हिस्सा तीन माह पहले ध्वस्त हो गया। मलबे का ईंट लोग चुरा रहे हैं। भवन का आधा हिस्सा जर्जर हालत में खड़ा है। विभागीय अफसरों से अनुमति नहीं मिलने के कारण जर्जर भवन को पूरी तरह ध्वस्त नहीं किया जा रहा है। गांव की बंजर जमीन पर मौजूद विद्यालय का नाम भू-अभिलेख में दर्ज न होने से लोग इस जमीन पर अवैध कब्जा कर रहे हैं। राजस्व विभाग आज तक बंजर भूमि पर स्कूल का नाम नहीं दर्ज कर सका। प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक मनोज तिवारी ने बताया कि कई बार उच्चाधिकरियों से कहा, लेकिन अनुमति नहीं मिली।
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