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Deoria News: पीआईसीयू और चिल्ड्रेन वार्ड के 35 बेड पर 39 मरीज
Mon, 31 Mar 2025 12:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 31 Mar 2025 12:30 AM IST
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बुखार, उल्टी-दस्त, सिर दर्द से पीड़ित पहुंच रहे अस्पताल
इम्युनिटी कमजोर होने से वायरल की गिरफ्त में आ रहे बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मौसम में बदलाव से बच्चों की सेहत बिगड़ रही है। वायरल इंफेक्शन की चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में बुखार, उल्टी-दस्त, सिर दर्द, सर्दी-जुकाम, खांसी से पीड़ितों की संख्या बढ़ रही है। रविवार की सुबह तक बेड से अधिक मरीज हो गए। पीआईसीयू व चिल्ड्रेन वार्ड के कुल 35 बेड पर 39 मरीज भर्ती हैं। कुछ बेड पर दो-दो बच्चों का इलाज चल रहा है। खाली होते ही बेड भर जा रहे हैं।
रोज ओपीडी में 150 से अधिक मरीज आ रहे हैं। गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। स्वस्थ होने में एक से दो सप्ताह लग रहा है। पीआईसीयू का बेड फुल है। चिल्ड्रेन वार्ड में भी जगह नहीं है। इससे मरीजों व तीमारदारों को परेशानी हो रही है।
चिकित्सकों का कहना है कि दिन में धूप और रात में वातावरण में नमी हो रही है। ऐसे में वायरस का संक्रमण बढ़ा है। इसका असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। खानपान में गड़बड़ी, साफ-सफाई में लापरवाही से बच्चे चपेट में आ रहे है। मेडिकल कॉलेज में शनिवार को डॉ. रवि गुप्ता ने 230 से अधिक मरीजों का इलाज किया। इसमें सबसे अधिक बुखार, उल्टी-दस्त के सौ से अधिक मरीज थे। जबकि बुखार व सिर बदन दर्द के तीस, वायरल निमोनिया के 20 से 25 मरीज थे।
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ये सावधानी जरूरी
- साफ-सफाई पर ध्यान दें, गंदे बच्चों को जगह खेलने न दें।
- गुनगुना पानी का सेवन कराएं।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, शरीर में कमी न होने पाए।
- जंक फूड के सेवन से परहेज करें।
- ताजा, सुपाच्य व पौष्टिक भोजन का सेवन करें।
- मौसमी फल व साग-सब्जी का सेवन करें।
- छोटे बच्चों को छह माह तक मां का दूध पिलाएं।
...
कोट
मौसम बदलने पर आरएसवी, इंफ्लूएंजा, पैरा इंफ्लूएंजा, रोटा वायरस का संक्रमण बढ़ जाता है। इम्युनिटी कमजोर होने से बच्चे संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं। बुखार, उल्टी-दस्त, सांस, पेट दर्द, सर्दी-खांसी, जुकाम से पीड़ित हो जाते हैं।
-डॉ. रवि गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ
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इम्युनिटी कमजोर होने से वायरल की गिरफ्त में आ रहे बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मौसम में बदलाव से बच्चों की सेहत बिगड़ रही है। वायरल इंफेक्शन की चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में बुखार, उल्टी-दस्त, सिर दर्द, सर्दी-जुकाम, खांसी से पीड़ितों की संख्या बढ़ रही है। रविवार की सुबह तक बेड से अधिक मरीज हो गए। पीआईसीयू व चिल्ड्रेन वार्ड के कुल 35 बेड पर 39 मरीज भर्ती हैं। कुछ बेड पर दो-दो बच्चों का इलाज चल रहा है। खाली होते ही बेड भर जा रहे हैं।
रोज ओपीडी में 150 से अधिक मरीज आ रहे हैं। गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। स्वस्थ होने में एक से दो सप्ताह लग रहा है। पीआईसीयू का बेड फुल है। चिल्ड्रेन वार्ड में भी जगह नहीं है। इससे मरीजों व तीमारदारों को परेशानी हो रही है।
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चिकित्सकों का कहना है कि दिन में धूप और रात में वातावरण में नमी हो रही है। ऐसे में वायरस का संक्रमण बढ़ा है। इसका असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। खानपान में गड़बड़ी, साफ-सफाई में लापरवाही से बच्चे चपेट में आ रहे है। मेडिकल कॉलेज में शनिवार को डॉ. रवि गुप्ता ने 230 से अधिक मरीजों का इलाज किया। इसमें सबसे अधिक बुखार, उल्टी-दस्त के सौ से अधिक मरीज थे। जबकि बुखार व सिर बदन दर्द के तीस, वायरल निमोनिया के 20 से 25 मरीज थे।
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ये सावधानी जरूरी
- साफ-सफाई पर ध्यान दें, गंदे बच्चों को जगह खेलने न दें।
- गुनगुना पानी का सेवन कराएं।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, शरीर में कमी न होने पाए।
- जंक फूड के सेवन से परहेज करें।
- ताजा, सुपाच्य व पौष्टिक भोजन का सेवन करें।
- मौसमी फल व साग-सब्जी का सेवन करें।
- छोटे बच्चों को छह माह तक मां का दूध पिलाएं।
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कोट
मौसम बदलने पर आरएसवी, इंफ्लूएंजा, पैरा इंफ्लूएंजा, रोटा वायरस का संक्रमण बढ़ जाता है। इम्युनिटी कमजोर होने से बच्चे संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं। बुखार, उल्टी-दस्त, सांस, पेट दर्द, सर्दी-खांसी, जुकाम से पीड़ित हो जाते हैं।
-डॉ. रवि गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ