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बैतालपुर चीनी मिल को चालू होने तक जारी रहेगा संघर्ष
Updated Sat, 08 Dec 2018 10:31 PM IST
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चीनी मिल चालू करने लिए आंदोलन
कलेक्ट्रेट परिसर में संघर्ष समिति ने दिया धरना
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। चीनी मिल चालू कराने को लेकर चल रहा संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को संघर्ष समिति के सदस्यों ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। चीनी मिल चालू नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
अध्यक्ष ब्रजेंद्र मणि त्रिपाठी ने कहा कि बैतालपुर चीनी मिल के बंद हो जाने से गन्ने का उत्पाद इलाके में कम हो गई है। किसानों की आय दोगुना करने का दावा करने वाली सरकार के राज्य देवरिया के किसानों की आय समाप्त हो गई है। देवरिया के लिए सिर्फ नकदी फसल गन्ने की खेती है। चीनी मिल बंद होने के कारण गन्ने की खेती से किसान मुंह मोड़ लिए हैं। देश में 15 किमी फोरलेन के निर्माण में जितना धन खर्च होता है। उतने ही धन में बैतालपुर चीनी मिल आधुनिक हो सकती है। दरोगा यादव ने कहा कि बैतालपुर की चीनी मिल जब तक नहीं चलेगी। तब तक क्षेत्रीय किसानों के सहयोग से आंदोलन जारी रहेगा। संयोजक अवधेश मणि ने कहा कि 24 चीनी मिलों के साथ बैतालपुर चीनी मिल को भी बेच दिया गया। चालू हालत में होने के बावजूद जिम्मेदारों ने सुनियोजित तरीके चीनी मिल को बेचने का कार्य किया। इस दौरान शेषनाथ तिवारी, राजेश मणि त्रिपाठी, तीजा देवी, मन्नू तिवारी, हरेेंद्र प्रताप, पं. वेदप्रकाश, विजय मणि त्रिपाठी, रामइकबाल चौहान, लल्लन यादव, राहुल, काशीनाथ कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
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कलेक्ट्रेट परिसर में संघर्ष समिति ने दिया धरना
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। चीनी मिल चालू कराने को लेकर चल रहा संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को संघर्ष समिति के सदस्यों ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। चीनी मिल चालू नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
अध्यक्ष ब्रजेंद्र मणि त्रिपाठी ने कहा कि बैतालपुर चीनी मिल के बंद हो जाने से गन्ने का उत्पाद इलाके में कम हो गई है। किसानों की आय दोगुना करने का दावा करने वाली सरकार के राज्य देवरिया के किसानों की आय समाप्त हो गई है। देवरिया के लिए सिर्फ नकदी फसल गन्ने की खेती है। चीनी मिल बंद होने के कारण गन्ने की खेती से किसान मुंह मोड़ लिए हैं। देश में 15 किमी फोरलेन के निर्माण में जितना धन खर्च होता है। उतने ही धन में बैतालपुर चीनी मिल आधुनिक हो सकती है। दरोगा यादव ने कहा कि बैतालपुर की चीनी मिल जब तक नहीं चलेगी। तब तक क्षेत्रीय किसानों के सहयोग से आंदोलन जारी रहेगा। संयोजक अवधेश मणि ने कहा कि 24 चीनी मिलों के साथ बैतालपुर चीनी मिल को भी बेच दिया गया। चालू हालत में होने के बावजूद जिम्मेदारों ने सुनियोजित तरीके चीनी मिल को बेचने का कार्य किया। इस दौरान शेषनाथ तिवारी, राजेश मणि त्रिपाठी, तीजा देवी, मन्नू तिवारी, हरेेंद्र प्रताप, पं. वेदप्रकाश, विजय मणि त्रिपाठी, रामइकबाल चौहान, लल्लन यादव, राहुल, काशीनाथ कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
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