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ट्रैक न टेस्ट, बस तैयार हो रहे हैं ड्राइवर

Wed, 24 Oct 2018 12:01 AM IST
Updated Wed, 24 Oct 2018 12:01 AM IST
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ट्रैक न टेस्ट, बस तैयार हो रहे हैं ड्राइवर
फोटो समाचार...
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ट्रैक न टेस्ट, बस तैयार हो रहे हैं ड्राइवर
ड्राइविंग टेस्ट के लिए जिले में नहीं है कोई ड्राइविंग ट्रैक
नियमों की अनदेखी कर मनमाने ढंग से बनाए जा रहे डीएल
अप्रशिक्षित हाथों में वाहनों की स्टीयरिंग जाने से हादसों में हो रही वृद्घि
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। अगर आपको ड्राइविंग लाइसेंस चाहिए तो बेझिझक आइए। एआरटीओ कार्यालय आपको सहजता से लाइसेंस दे देगा। इसके लिए न कोई प्रशिक्षण लेने की जरूरत है और न ही ड्राइविंग टेस्ट देने की। दरअसल, विभाग के पास कोई ट्रैक ही नहीं है, जिससे वह आवेदकों का टेस्ट ले सके। नतीजतन, मनमाने ढंग से लाइसेंस जारी कर अप्रशिक्षित हाथों में स्टीयरिंग थमाई जा रही है।
उपसंभागीय परिवहन विभाग की ओर से जिले में अब तक दोपहिया व चारपहिया वाहनों के कुल 1.63 लाख डीएल जारी किए जा चुके हैं। वर्तमान में डीएल बनवाने की प्रक्रिया में नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। डीएल बनवाने आए 18 वर्ष से ऊपर के व्यक्ति का ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है। पहले लर्निंग डीएल के लिए आवेदन करना होता है। इसके बाद प्रार्थी को विभाग में उपस्थित होकर अपना ओटीपी नंबर निर्धारित प्रारूप में डालने के बाद ऑनलाइन टेस्ट प्रक्रिया के लिए बुलाया जाता है। निर्धारित तिथि को आए अभ्यर्थी को इस परीक्षा में 15 सवालों के जवाब देने होते हैं। नौ सवाल सही होने पर ही उसे परमानेंट डीएल के लिए आवेदन का पात्र माना जाता है। जबकि हकीकत यह है कि आपके पास दाम और जुगाड़ है तो इस परीक्षा में भी पास होना की गारंटी यहां के बिचौलिए देने को तैयार हैं। खास बात यह है कि विभागीय नियमों के अनुसार परमानेंट डीएल जारी करने के पूर्व अभ्यर्थी के वाहन चलवाकर उसका टेस्ट लेना होता है, लेकिन विभाग के पास खुद का कोई ट्रैक न होने से बिना टेस्ट लिए ही डीएल जारी कर दिया जा रहा है।
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एस आकार के ट्रैक पर होता है ड्राइविंग टेस्ट
विभागीय नियमों के अनुसार ड्राइविंग ट्रैक के लिए 50 गुणा 50 फीट की जमीन भी पर्याप्त है। इसके बीच में अंग्रेजी के एस आकार में ट्रैक होता है। एस आकार वाले ट्रैक में ही अभ्यर्थी को विभागीय लोगों की मौजूदगी में वाहन चलाकर दिखाना होता है। इस प्रक्रिया के पास करने के बाद ही वह डीएल पाने का पात्र बनता है।
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वर्तमान में विभाग की ओर से प्रतिदिन इतने डीएल जारी हो रहे
40 परमानेंट डीएल जारी हो रहे रोजाना।
30 डीएल का होता है नवीनीकरण।
60 लर्निंग डीएल बनते हैं प्रतिदिन।
10 व्यावसायिक लाइसेंस होता है जारी।

इनसेट
विभाग के पास ड्राइविंग ट्रैक के लिए खुद की जमीन नहीं है। इसके लिए तीन जगह जमीन देखी गई थी, लेकिन अभी तक कोई फाइनल नहीं हो पाया है। जमीन नहीं होने से अभ्यर्थियों का ड्राइविंग टेस्ट नहीं संभव हो पाता। जमीन के लिए परसिया मिश्र, सीसी रोड और गंडक नहर रामपुर कारखाना के पास जमीन देखी जा रही है। जमीन खरीदने के लिए प्रयास चल रहा है।
-राजीव चतुर्वेदी, एआरटीओ प्रशासन देवरिया।
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