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नदियों का जलस्तर ठहरा, बंधों पर कटान तेज
Updated Fri, 14 Jul 2017 10:31 PM IST
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रुद्रपुर/एकौना। बारिश में ठहराव के साथ ही नदियों का जलस्तर पर भी थमने लगा है। गोर्रा और राप्ती नदी का जलस्तर थमा रहा। हालांकि नदियों का उफान रुकते ही बंधों पर कटान तेज हो गया। कई जगहों पर कटान स्थल पर लगे बैंबोक्रेट और पिंचिग के बोल्डर नदियों में गिरने लगे हैं। बंधों के धंसने की आशंका बढ़ गई है।
शुक्रवार को गोर्रा नदी 69.40 और राप्ती नदी 69 मीटर पर बह रही थी। 24 घंटे में दोनों नदियों के जलस्तर में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। गोर्रा नदी के पिड़रा भुसवल बांध पर पिड़री गांव और राप्ती नदी के माझा नरायन गांव के समीप निरोधात्मक कार्य नदी में झुकने लगे हैं। यहां सिंचाई विभाग की ओर से कटान रोकने को बैबोक्रेट लगाए गए हैं। नदी का जलस्तर ठहरने पर मिट्टी नदी में गिरने लगी है। नरायनपुर और बहोरा दलपतपुर गांव के पास नदियों के किनारे बसे लोगों ने मकान से सामान निकाल दिए। यहां पल-पल नदी में मकानों के गिरने का खतरा बना है। क्षेत्र के बंधों पर रेनकट्स और साही की माद सिंचाई विभाग के लिए चिंता का सबब बनी है। विभाग रेनकट्स पाटने में पूरी तरह से विफल रहा। तिघरा-मराछी बांध पर एक दर्जन जगहों पर बने साही के बांध अब तक नहीं भरे गए। ऐसे में जलस्तर बढ़ने पर बंधों के धंसने का खतरा बरकरार है। अवर अभियंता ने कहा कि जलस्तर में ठहराव के बाद कुछ स्थानों पर कटान तेज हुआ है। बंधों पर खतरे की स्थिति नहीं है।
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शुक्रवार को गोर्रा नदी 69.40 और राप्ती नदी 69 मीटर पर बह रही थी। 24 घंटे में दोनों नदियों के जलस्तर में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। गोर्रा नदी के पिड़रा भुसवल बांध पर पिड़री गांव और राप्ती नदी के माझा नरायन गांव के समीप निरोधात्मक कार्य नदी में झुकने लगे हैं। यहां सिंचाई विभाग की ओर से कटान रोकने को बैबोक्रेट लगाए गए हैं। नदी का जलस्तर ठहरने पर मिट्टी नदी में गिरने लगी है। नरायनपुर और बहोरा दलपतपुर गांव के पास नदियों के किनारे बसे लोगों ने मकान से सामान निकाल दिए। यहां पल-पल नदी में मकानों के गिरने का खतरा बना है। क्षेत्र के बंधों पर रेनकट्स और साही की माद सिंचाई विभाग के लिए चिंता का सबब बनी है। विभाग रेनकट्स पाटने में पूरी तरह से विफल रहा। तिघरा-मराछी बांध पर एक दर्जन जगहों पर बने साही के बांध अब तक नहीं भरे गए। ऐसे में जलस्तर बढ़ने पर बंधों के धंसने का खतरा बरकरार है। अवर अभियंता ने कहा कि जलस्तर में ठहराव के बाद कुछ स्थानों पर कटान तेज हुआ है। बंधों पर खतरे की स्थिति नहीं है।
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