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बसों के न चलने से यात्री को हुई दिक्कत, रहे हलकान
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बसें नदारद, तीखी धूप में भटकते रहे यात्री
बसें नहीं चलने से यात्री को हुई काफी दिक्कतें
गोरखपुर-देवरिया-सलेमपुर मार्ग पर दिनभर परेशान रहे यात्री
चुनाव ड्यूटी में बसों के चले जाने से हो रही दिक्कत
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। बसों के नहीं चलने से शनिवार को यात्रियों को काफी दिक्कत हुई। गोरखपुर-देवरिया-सलेमपुर रोड के यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी हुई। पडरौना समेत अन्य जगहों के लिए भी बस नहीं मिली। हालत यह हो गई थी कि किसी बस के आते ही यात्री दौड़ पड़ते थे।
रविवार को बस्ती मंडल में मतदान है। संतकबीरनगर लोकसभा सीट की एक विधानसभा खजनी गोरखपुर मंडल में है और यहां भी रविवार को ही मतदान होना है। देवरिया डिपो से इस चुनाव के लिए 80 बसें मांगी गई थी। 30 से 35 अनुबंधित बस तो भेज दी गई, लेकिन अन्य ने बस नहीं भेजा। निगम की 49 बस पहले ही चुनाव ड्यूटी में हैं। ऐसे में शनिवार को सड़क पर बसों की कमी हो गई। गोरखपुर-देवरिया-सलेमपुर मार्ग पर यात्रियों को बस का इंतजार करने में पसीने छूट गए। लंबे समय बाद बस आ रही थी तो भीड़ की वजह से चालक रोकता ही नहीं था। बस स्टेशन के दोनों गेट पर यात्री खड़ा होकर बसों का इंतजार करते रहे। जब कोई बस आती यात्री दौड़ पड़ते थे। चढ़ने में धक्का-मुक्की होने लग रही थी। कुछ यात्री तो अपने बच्चों को खिड़की के रास्ते सीट पर पहुंचा रहे थे। यह हाल दिनभर बना रहा। दस बाबत आरबी विश्वकर्मा, एआरएम ने कहा बस्ती जिले से चुनाव ड्यूटी के लिए बसें मांगी गई थी। यहां बस मालिकों ने अपनी बस खड़ी कर दी। बार-बार कहने के बाद भी वे बस नहीं भेजे, नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हर चौराहे पर थे यात्री, बसें रही नान स्टॉप
गोरखपुर से सलेमपुर के बीच पड़ने वाले हर चौराहे पर यात्रियों की भीड़ खड़ी थी। जब कोई बस दिखती थी तो लोगों की उम्मीद जग जाती थी कि यह बस उन्हें बैठा लेगी, लेकिन जब बस नहीं रुकती तो वे मायूस हो जाते थे। बसों में भीड़ होने की वजह से चालक रोकता ही नहीं था।
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चुनाव में मांगी तो खड़ी कर दिए बसें
बस्ती मंडल से देवरिया डिपो से चुनाव ड्यूटी के लिए 80 बसें मांगी गई थी। शनिवार को बसों को भेजना था। निगम के जिम्मेदार अधिकारी इस तैयारी में लगे हुए थे। उन्हें पता नहीं था कि उनकी तैयारियों पर बस मालिक पानी फेर देंगे। कुछ बस मालिक प्रतिदिन की तरह बसों का संचालन शुरू कराए तो 30 से 35 को जबरन चुनाव ड्यूटी में भेजा गया। इसके बाद अन्य बस मालिकों ने रोडवेज परिसर में ही बसों को खड़ा कर दिया। जिम्मेदार अधिकारी उनको बार-बार सूचना देते रहे, लेकिन असफल रहे। अधिक संख्या में अनुबंधित बसों के खड़े हो जाने से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिम्मेदार अधिकारी भी हार मान लिए। चूंकि अधिकांश बस मालिक किसी ने किसी राजनीतिक दल से जुड़े हैं, इसलिए अधिकारी भी चुप होना ही मुनासिब समझे।
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बसें नहीं चलने से यात्री को हुई काफी दिक्कतें
गोरखपुर-देवरिया-सलेमपुर मार्ग पर दिनभर परेशान रहे यात्री
चुनाव ड्यूटी में बसों के चले जाने से हो रही दिक्कत
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। बसों के नहीं चलने से शनिवार को यात्रियों को काफी दिक्कत हुई। गोरखपुर-देवरिया-सलेमपुर रोड के यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी हुई। पडरौना समेत अन्य जगहों के लिए भी बस नहीं मिली। हालत यह हो गई थी कि किसी बस के आते ही यात्री दौड़ पड़ते थे।
रविवार को बस्ती मंडल में मतदान है। संतकबीरनगर लोकसभा सीट की एक विधानसभा खजनी गोरखपुर मंडल में है और यहां भी रविवार को ही मतदान होना है। देवरिया डिपो से इस चुनाव के लिए 80 बसें मांगी गई थी। 30 से 35 अनुबंधित बस तो भेज दी गई, लेकिन अन्य ने बस नहीं भेजा। निगम की 49 बस पहले ही चुनाव ड्यूटी में हैं। ऐसे में शनिवार को सड़क पर बसों की कमी हो गई। गोरखपुर-देवरिया-सलेमपुर मार्ग पर यात्रियों को बस का इंतजार करने में पसीने छूट गए। लंबे समय बाद बस आ रही थी तो भीड़ की वजह से चालक रोकता ही नहीं था। बस स्टेशन के दोनों गेट पर यात्री खड़ा होकर बसों का इंतजार करते रहे। जब कोई बस आती यात्री दौड़ पड़ते थे। चढ़ने में धक्का-मुक्की होने लग रही थी। कुछ यात्री तो अपने बच्चों को खिड़की के रास्ते सीट पर पहुंचा रहे थे। यह हाल दिनभर बना रहा। दस बाबत आरबी विश्वकर्मा, एआरएम ने कहा बस्ती जिले से चुनाव ड्यूटी के लिए बसें मांगी गई थी। यहां बस मालिकों ने अपनी बस खड़ी कर दी। बार-बार कहने के बाद भी वे बस नहीं भेजे, नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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हर चौराहे पर थे यात्री, बसें रही नान स्टॉप
गोरखपुर से सलेमपुर के बीच पड़ने वाले हर चौराहे पर यात्रियों की भीड़ खड़ी थी। जब कोई बस दिखती थी तो लोगों की उम्मीद जग जाती थी कि यह बस उन्हें बैठा लेगी, लेकिन जब बस नहीं रुकती तो वे मायूस हो जाते थे। बसों में भीड़ होने की वजह से चालक रोकता ही नहीं था।
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चुनाव में मांगी तो खड़ी कर दिए बसें
बस्ती मंडल से देवरिया डिपो से चुनाव ड्यूटी के लिए 80 बसें मांगी गई थी। शनिवार को बसों को भेजना था। निगम के जिम्मेदार अधिकारी इस तैयारी में लगे हुए थे। उन्हें पता नहीं था कि उनकी तैयारियों पर बस मालिक पानी फेर देंगे। कुछ बस मालिक प्रतिदिन की तरह बसों का संचालन शुरू कराए तो 30 से 35 को जबरन चुनाव ड्यूटी में भेजा गया। इसके बाद अन्य बस मालिकों ने रोडवेज परिसर में ही बसों को खड़ा कर दिया। जिम्मेदार अधिकारी उनको बार-बार सूचना देते रहे, लेकिन असफल रहे। अधिक संख्या में अनुबंधित बसों के खड़े हो जाने से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिम्मेदार अधिकारी भी हार मान लिए। चूंकि अधिकांश बस मालिक किसी ने किसी राजनीतिक दल से जुड़े हैं, इसलिए अधिकारी भी चुप होना ही मुनासिब समझे।