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शहीद स्मारक और तोरण द्वार न बनने से असंतोष
Updated Mon, 23 Jul 2018 10:33 PM IST
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शहीद स्मारक नहीं बनने से असंतोष
गांववालों ने डीएम से मिलकर जताई आपत्ति
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। आश्वासन के बावजूद शहीद सत्यनारायण यादव के पैतृक गांव बांसपार बैदा में शहीद स्मारक व तोरणद्वार नहीं बनाए जाने से क्षुब्ध ग्रामीणों ने सोमवार को डीएम को ज्ञापन सौंपा। शहीद के अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों से किए गए वादे की याद दिलाते हुए शीघ्र निर्माण कराने की मांग की। महिला कांग्रेस कमेटी की जिलाध्यक्ष तारा यादव के नेतृत्व में ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मिलकर ज्ञापन सौंपा। कहा कि सत्यनारायण यादव सीमाओं की सुरक्षा में शहीद हुए हैं। देश के लिए जान देने वाले शहीद की स्मृतियों को अमिट बनाने के लिए स्मारक और तोरणद्वार बनाने की मांग ग्रामीणों ने रखी थी। सरकार के प्रतिनिधियों ने गांव पहुंचकर इसे पूरा करने का आश्वासन भी दिया, लेकिन एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी अब तक कुछ नहीं हुआ है। वादे के बाद भी शहीद के त्रयोदशाह में मुख्यमंत्री नहीं आए। यह शहीद का अपमान है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में राशिद अंसारी, जयप्रकाश तिवारी, मुलायम, सुरेश, रामजीत, शंभू यादव, संजय शुक्ला, विनय, सिंकू यादव आदि शामिल रहे।
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गांववालों ने डीएम से मिलकर जताई आपत्ति
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। आश्वासन के बावजूद शहीद सत्यनारायण यादव के पैतृक गांव बांसपार बैदा में शहीद स्मारक व तोरणद्वार नहीं बनाए जाने से क्षुब्ध ग्रामीणों ने सोमवार को डीएम को ज्ञापन सौंपा। शहीद के अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों से किए गए वादे की याद दिलाते हुए शीघ्र निर्माण कराने की मांग की। महिला कांग्रेस कमेटी की जिलाध्यक्ष तारा यादव के नेतृत्व में ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मिलकर ज्ञापन सौंपा। कहा कि सत्यनारायण यादव सीमाओं की सुरक्षा में शहीद हुए हैं। देश के लिए जान देने वाले शहीद की स्मृतियों को अमिट बनाने के लिए स्मारक और तोरणद्वार बनाने की मांग ग्रामीणों ने रखी थी। सरकार के प्रतिनिधियों ने गांव पहुंचकर इसे पूरा करने का आश्वासन भी दिया, लेकिन एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी अब तक कुछ नहीं हुआ है। वादे के बाद भी शहीद के त्रयोदशाह में मुख्यमंत्री नहीं आए। यह शहीद का अपमान है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में राशिद अंसारी, जयप्रकाश तिवारी, मुलायम, सुरेश, रामजीत, शंभू यादव, संजय शुक्ला, विनय, सिंकू यादव आदि शामिल रहे।