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तीसरे दिन भी हड़ताल पर रहे बीएसएनएल कर्मचारी......
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तीसरे दिन भी हड़ताल पर रहे बीएसएनएल कर्मचारी
टीडीएम कार्यालय पर धरना देकर की मांगों के समर्थन में नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। ऑल यूनियंस एंड एसोसिएशन ऑफ बीएसएनएल के आह्वान पर कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को भी जारी रही। तीन दिवसीय हड़ताल के अंतिम दिन दूरसंचार जिला प्रबंधक कार्यालय पर धरना देकर कर्मचारियों ने नारे लगाए। आठ सूत्री मांगे पूरी नहीं होने पर अगले चरण में आंदोलन को तीव्र करने का निर्देश दिया।
धरने में वक्ताओं ने कहा कि जब से बीएसएनएल अस्तित्व में आया है। सरकार ने इसे कमजोर करने का हरसंभव प्रयास किया। सरकार का बस यह उद्देश्य रह गया है कि बीएसएनएल को घाटे में चलने वाली संस्था बनाकर इसका निजीकरण कर दिया जाए। कर्मचारी इन मंसूबों को सफल नहीं होने देंगे। कर्मचारियों ने 15 प्रतिशत फीटमेंट के साथ तीसरा वेतन संशोधन एक जनवरी 2017 से लागू करने, बीएसएनएल को 4-जी स्पेक्ट्रम तत्काल दिलाने, जनवरी 2017 से सेवानिवृत्त कर्मचारियों का पेंशन संशोधित करने, बीएसएनएल के मोबाइल टावर का आउटसोर्सिंग के माध्यम से संचालन व रखरखाव प्रस्ताव तत्काल रद्द करने की मांग पुरजोर ढंग से उठाई। धरने में संयोजक राजनंदन गुप्ता, रमेश यादव, अनिल कुमार, नियाज अंसारी, बृजमोहन, टीआर मिश्र, शैलेंद्र कुमार, जयप्रकाश, अनिलधर द्विवेदी, अरुण दीक्षित आदि शामिल रहे।---
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टीडीएम कार्यालय पर धरना देकर की मांगों के समर्थन में नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। ऑल यूनियंस एंड एसोसिएशन ऑफ बीएसएनएल के आह्वान पर कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को भी जारी रही। तीन दिवसीय हड़ताल के अंतिम दिन दूरसंचार जिला प्रबंधक कार्यालय पर धरना देकर कर्मचारियों ने नारे लगाए। आठ सूत्री मांगे पूरी नहीं होने पर अगले चरण में आंदोलन को तीव्र करने का निर्देश दिया।
धरने में वक्ताओं ने कहा कि जब से बीएसएनएल अस्तित्व में आया है। सरकार ने इसे कमजोर करने का हरसंभव प्रयास किया। सरकार का बस यह उद्देश्य रह गया है कि बीएसएनएल को घाटे में चलने वाली संस्था बनाकर इसका निजीकरण कर दिया जाए। कर्मचारी इन मंसूबों को सफल नहीं होने देंगे। कर्मचारियों ने 15 प्रतिशत फीटमेंट के साथ तीसरा वेतन संशोधन एक जनवरी 2017 से लागू करने, बीएसएनएल को 4-जी स्पेक्ट्रम तत्काल दिलाने, जनवरी 2017 से सेवानिवृत्त कर्मचारियों का पेंशन संशोधित करने, बीएसएनएल के मोबाइल टावर का आउटसोर्सिंग के माध्यम से संचालन व रखरखाव प्रस्ताव तत्काल रद्द करने की मांग पुरजोर ढंग से उठाई। धरने में संयोजक राजनंदन गुप्ता, रमेश यादव, अनिल कुमार, नियाज अंसारी, बृजमोहन, टीआर मिश्र, शैलेंद्र कुमार, जयप्रकाश, अनिलधर द्विवेदी, अरुण दीक्षित आदि शामिल रहे।---
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