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24 घंटे बाद भी हत्थे नहीं चढ़े हत्यारोपी
Updated Fri, 14 Jul 2017 10:27 PM IST
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मगहरा। खुखुंदू थाने के मगहरा पेट्रोल पंप के पास बृहस्पतिवार की रात युवक की गोली मारकर हत्या करने के मामले में 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से व्यापारियों में नाराजगी है। उधर, पुलिस ने चार लोगों को उठाया है। इनसे पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार को युवक का शव गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। हालांकि यह साफ हो गया है कि लेन-देन में हत्या हुई है।
खुखुुंदूू थाने के बालेपुर कला गांव के भागवत कुशवाहा का छोटा बेटा संजय कुशवाहा परसियां चंदौर स्थित सीएचसी के पास चाय की दुकान चलाता था। बृहस्पतिवार की शाम वह वर्करों से मगहरा जाने की बात कहकर निकला था। सूत्र बताते हैं कि कर्ज लिए व्यक्ति ने फोन पर रुपये देने की बात कहकर उसे बुलाया था। जैसे ही वह पहुंचा उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। शुक्रवार की शाम संजय का शव गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। पिता भागवत और बेटी निक्की का रो-रो कर बुरा हाल था। बताया जा रहा है कि संजय ने करीब ढाई साल पहले डेहरी गांव के अवधेश कुशवाहा को करीब 70 हजार रुपये कर्ज दिए थे। इसको लेकर दोनों के बीच कई बार पंचायत हो चुकी थी। बृहस्पतिवार की सुबह अवधेश के चेरो स्थित आरा मशीन पर पंचायत हुई थी। पंचायत में दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद पंचों ने अवधेश का ट्रैक्टर गिरवी तौर पर संजय को देने का फैसला किया। अवधेश को दरवाजे से ट्रैक्टर खींचकर ले जाना नागवार लगा। कुछ ही घंटों बाद संजय की हत्या कर दी गई। संजय की हत्या से उसकी 10 वर्षीय बेटी निक्की अनाथ हो गई। करीब दस साल पहले संजय की मां की मौत हो गई थी। पत्नी की मौत के बाद संजय बेटी बेहद प्यार करता था। पिता के मौत के बाद निक्की का रो-रोकर बुरा हाल है।
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खुखुुंदूू थाने के बालेपुर कला गांव के भागवत कुशवाहा का छोटा बेटा संजय कुशवाहा परसियां चंदौर स्थित सीएचसी के पास चाय की दुकान चलाता था। बृहस्पतिवार की शाम वह वर्करों से मगहरा जाने की बात कहकर निकला था। सूत्र बताते हैं कि कर्ज लिए व्यक्ति ने फोन पर रुपये देने की बात कहकर उसे बुलाया था। जैसे ही वह पहुंचा उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। शुक्रवार की शाम संजय का शव गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। पिता भागवत और बेटी निक्की का रो-रो कर बुरा हाल था। बताया जा रहा है कि संजय ने करीब ढाई साल पहले डेहरी गांव के अवधेश कुशवाहा को करीब 70 हजार रुपये कर्ज दिए थे। इसको लेकर दोनों के बीच कई बार पंचायत हो चुकी थी। बृहस्पतिवार की सुबह अवधेश के चेरो स्थित आरा मशीन पर पंचायत हुई थी। पंचायत में दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद पंचों ने अवधेश का ट्रैक्टर गिरवी तौर पर संजय को देने का फैसला किया। अवधेश को दरवाजे से ट्रैक्टर खींचकर ले जाना नागवार लगा। कुछ ही घंटों बाद संजय की हत्या कर दी गई। संजय की हत्या से उसकी 10 वर्षीय बेटी निक्की अनाथ हो गई। करीब दस साल पहले संजय की मां की मौत हो गई थी। पत्नी की मौत के बाद संजय बेटी बेहद प्यार करता था। पिता के मौत के बाद निक्की का रो-रोकर बुरा हाल है।
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