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हड़ताल पर रहे शिक्षक-कर्मचारी, कामकाज प्रभावित
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कर्मचारी,शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के लोगो ने कलेक्ट्रेट में दुसरे दिन भी धरना दिया।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर दूसरे दिन गुरुवार को भी कर्मचारी शिक्षक हड़ताल पर रहे। कलेक्ट्रेट परिसर में सभा कर पेंशन की मांग बुलंद की। मौजूदा सरकार पर शिक्षक कर्मचारी विरोधी होने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। पुरानी पेंशन बहाली तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
पेंशन बहाली मंच के संयोजक अशोक पांडेय ने कहा कि प्रदेश नेतृत्व ने प्रमुख सचिव से वार्ता कर साफ कर दिया है कि पुरानी पेंशन के इतर कोई समझौता नहीं होगा। सरकार शिक्षक कर्मचारियों को डराने का प्रयास करती है तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। हमारी लड़ाई जिले और प्रदेश से होते हुए राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुकी है। सरकार शीघ्र निर्णय नहीं लेती तो रेल, स्वास्थ्य व बिजली कर्मचारी हड़ताल में शामिल होकर सरकार का दंभ तोड़ेंगे। जिलाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने कहा कि हमारी हड़ताल से सरकार के बंद कान खुल रहे हैं। सरकार इसमें जितनी देरी करेगी कार्य उतने ही प्रभावित होंगे। जिला संयोजक रिजवानुल्लाह खान ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के चलते जवानी सरकारी सेवा में बिताने वाले कर्मचारियों को बुढ़ापे में ठोकर खानी पड़ रही है। सरकार पुरानी पेंशन हटाकर एनपीएस के जरिए हमें गुमराह करने पर तुली है। सह संयोजक केएन राय ने कहा कि हमें पुरानी पेंशन के अलावा कुछ और मंजूर नहीं है। सुरेश यादव, हेमा त्रिपाठी, मारकंडेय तिवारी, जयप्रकाश मणि, प्रेमनारायण, नित्यानंद यादव, ऋषिकेश जायसवाल, ब्रजभूषण गोंड़, संजय मिश्रा, विनोद मिश्रा, निर्भय नारायण सिंह आदि ने सभा को संबोधित किया।
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पेंशन बहाली मंच के संयोजक अशोक पांडेय ने कहा कि प्रदेश नेतृत्व ने प्रमुख सचिव से वार्ता कर साफ कर दिया है कि पुरानी पेंशन के इतर कोई समझौता नहीं होगा। सरकार शिक्षक कर्मचारियों को डराने का प्रयास करती है तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। हमारी लड़ाई जिले और प्रदेश से होते हुए राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुकी है। सरकार शीघ्र निर्णय नहीं लेती तो रेल, स्वास्थ्य व बिजली कर्मचारी हड़ताल में शामिल होकर सरकार का दंभ तोड़ेंगे। जिलाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने कहा कि हमारी हड़ताल से सरकार के बंद कान खुल रहे हैं। सरकार इसमें जितनी देरी करेगी कार्य उतने ही प्रभावित होंगे। जिला संयोजक रिजवानुल्लाह खान ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के चलते जवानी सरकारी सेवा में बिताने वाले कर्मचारियों को बुढ़ापे में ठोकर खानी पड़ रही है। सरकार पुरानी पेंशन हटाकर एनपीएस के जरिए हमें गुमराह करने पर तुली है। सह संयोजक केएन राय ने कहा कि हमें पुरानी पेंशन के अलावा कुछ और मंजूर नहीं है। सुरेश यादव, हेमा त्रिपाठी, मारकंडेय तिवारी, जयप्रकाश मणि, प्रेमनारायण, नित्यानंद यादव, ऋषिकेश जायसवाल, ब्रजभूषण गोंड़, संजय मिश्रा, विनोद मिश्रा, निर्भय नारायण सिंह आदि ने सभा को संबोधित किया।
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