{"_id":"5bc763c4bdec22697a0f338e","slug":"171539793860-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाइप में करंट उतरने से मिस्त्री की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पाइप में करंट उतरने से मिस्त्री की मौत
Updated Wed, 17 Oct 2018 10:04 PM IST
विज्ञापन
पिपरा पांडेय में करंट से मृत मोतीचंद पटेल के शोकाकुल परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कपरवार। क्षेत्र के पिपरा पांडेय गांव में लोहे के पाइप में करंट उतरने से बोरिंग मिस्त्री की मौत हो गई। बोरिंग के दौरान पाइप ऊपर से गुजरे हाईटेंशन तार से स्पर्श कर गया था। घटना मंगलवार की देर शाम की है। साथ काम कर रहे अन्य मजदूर बाल-बाल बच गए।
विशुनपुरा गांव निवासी मोतीचंद पटेल (50) हैंडपंप बोरिंग का काम करता है। मंगलवार को वह पिपरा पांडेय गांव में काम कर रहा था। बोरिंग स्थल के ऊपर से ही बिजली का हाईटेंशन तार गुजरा हुआ है। बोरिंग के दौरान 20 फीट लंबे पाइप ऊपर खींचते समय हाईटेंशन तार से स्पर्श कर गया। पाइप में हाईवोल्टेज करंट उतर गया। इसकी चपेट में आने से मोतीचंद बुरी तरह जख्मी हुआ। आनन-फानन में साथी उसे नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। उधर, घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया गया। पत्नी कुसुमावती देवी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार में पत्नी के अलावा चार बेटे और तीन बेटियां हैं। मोतीचंद परिवार का कमाऊ सदस्य था।
विज्ञापन
विशुनपुरा गांव निवासी मोतीचंद पटेल (50) हैंडपंप बोरिंग का काम करता है। मंगलवार को वह पिपरा पांडेय गांव में काम कर रहा था। बोरिंग स्थल के ऊपर से ही बिजली का हाईटेंशन तार गुजरा हुआ है। बोरिंग के दौरान 20 फीट लंबे पाइप ऊपर खींचते समय हाईटेंशन तार से स्पर्श कर गया। पाइप में हाईवोल्टेज करंट उतर गया। इसकी चपेट में आने से मोतीचंद बुरी तरह जख्मी हुआ। आनन-फानन में साथी उसे नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। उधर, घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया गया। पत्नी कुसुमावती देवी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार में पत्नी के अलावा चार बेटे और तीन बेटियां हैं। मोतीचंद परिवार का कमाऊ सदस्य था।
विज्ञापन