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बंधों पर आई बंदों की जिंदगी
Updated Mon, 21 Aug 2017 10:51 PM IST
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रुद्रपुर,एकौना (देवरिया)। दोआबा और कछार के लोगों पर राप्ती और गोर्रा का कहर टूटने लगा है। सीमावर्ती गांव खाली हो रहे हैं। सैलाब की आशंका के मद्देनजर गांव खाली कर लोग बंधों पर शरण ले रहे हैं। पचलड़ी गांव में नदी के मुहाने बसे बंदों की जिंदगी अब बंधों पर आ गई है।
दो दिन से तेजी से बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए पचलड़ी गांव के करीब 30 लोग मकानों को खाली कर बंधों पर प्लास्टिक तान कर गुजर-बसर कर रहे हैं। गोर्रा नदी के किनारे बसे इन लोगों को बाढ़ विभीषिका की चिंता सता रही हैं। गांव वाले जनवरों के लेकर बंधे पर रात काट रहे हैं। प्रशासन की ओर से बंधों पर रात गुजार रहे लोगों को अब तक कोई सुविधा नहीं दी गई। इन लोगों को राहत सामग्री की जरूरत है। नदी और बंधों के बीच बसे लोगों के लिए राहत शिविर नहीं बनाए गए हैं। बांध पर परिवार को लेकर रह रहे पचलड़ी के योगेंद्र प्रसाद, सोनू, रामा, मनोज, रामशरण, लालमन, राजेश्वर, रामछैल, चंद्रदेव, सहदेव, भीम, दुलारे, प्रेमचंद, सहदेव, महादेव, तुलसी, शिवसागर, कालीचरण, रमेश, सर्वजीत, धर्मदेव, रमेश आदि ने कहा कि प्रशासन की ओर से बंधों पर बसे लोगों को कोई राहत नहीं दी गई। बांध पर भी जीवन सुरक्षित नहीं है। एसडीएम घनश्याम ने कहा कि बांध पर शरण लिए पीड़ितों में रोजमर्रा के सामग्री वितरित करने का हल्का लेखपाल और बीडीओ को निर्देश दिए गए हैं।
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दो दिन से तेजी से बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए पचलड़ी गांव के करीब 30 लोग मकानों को खाली कर बंधों पर प्लास्टिक तान कर गुजर-बसर कर रहे हैं। गोर्रा नदी के किनारे बसे इन लोगों को बाढ़ विभीषिका की चिंता सता रही हैं। गांव वाले जनवरों के लेकर बंधे पर रात काट रहे हैं। प्रशासन की ओर से बंधों पर रात गुजार रहे लोगों को अब तक कोई सुविधा नहीं दी गई। इन लोगों को राहत सामग्री की जरूरत है। नदी और बंधों के बीच बसे लोगों के लिए राहत शिविर नहीं बनाए गए हैं। बांध पर परिवार को लेकर रह रहे पचलड़ी के योगेंद्र प्रसाद, सोनू, रामा, मनोज, रामशरण, लालमन, राजेश्वर, रामछैल, चंद्रदेव, सहदेव, भीम, दुलारे, प्रेमचंद, सहदेव, महादेव, तुलसी, शिवसागर, कालीचरण, रमेश, सर्वजीत, धर्मदेव, रमेश आदि ने कहा कि प्रशासन की ओर से बंधों पर बसे लोगों को कोई राहत नहीं दी गई। बांध पर भी जीवन सुरक्षित नहीं है। एसडीएम घनश्याम ने कहा कि बांध पर शरण लिए पीड़ितों में रोजमर्रा के सामग्री वितरित करने का हल्का लेखपाल और बीडीओ को निर्देश दिए गए हैं।
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