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कोर्ट के आदेश पर तीन पर धोखाधड़ी का केस
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न्यायालय
- फोटो : file photo
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देवरिया। कोर्ट के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने बुधवार को एक कंपनी के तीन लोगों पर धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। डायलिसिस सिस्टम लगाने के लिए तीनों ने मिलकर 94 लाख रुपये गबन किया है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के आईटीआई के पास के रहने वाले डॉ.अशोक राय सावित्री नर्सिंग होम संचालक हैं। कुछ वर्ष पूर्व उन्होंने आस्था किडनी केयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड फटकोला मऊ के साथ मिलकर नर्सिंग होम में डायलिसिस सेंटर खुलवाया। कंपनी के दो संचालक थे। उन्होंने केंद्र संचालन के लिए महेश गुप्ता को तैनात किया। डायलिसिस के लिए इंचार्ज 600 रुपये वसूलता और 200 रुपये नर्सिंग होम संचालक को बताता था। इसप्रकार कंपनी के दोनों पार्टनरों ने मिलकर 94 लाख रुपये का गबन किया। इसमें 10 लाख रुपये बिजली और 3.17 लाख रुपये डीजल और शेष डायलिसिस का था। दोनों पक्षों में विवाद हुआ। डॉक्टर ने गबन करने वालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। पुलिस में सुनवाई न होने पर कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने बुधवार को अंगद सिंह चौहान, विजेन्द्र त्रिपाठी और सेंटर संचालक महेश गुप्ता के विरुद्ध धोखाधड़ी, मारपीट और धमकी देने का केस दर्ज किया। इस संबंध में कोतवाल यादवेंद्र बहादुर पाल ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के आईटीआई के पास के रहने वाले डॉ.अशोक राय सावित्री नर्सिंग होम संचालक हैं। कुछ वर्ष पूर्व उन्होंने आस्था किडनी केयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड फटकोला मऊ के साथ मिलकर नर्सिंग होम में डायलिसिस सेंटर खुलवाया। कंपनी के दो संचालक थे। उन्होंने केंद्र संचालन के लिए महेश गुप्ता को तैनात किया। डायलिसिस के लिए इंचार्ज 600 रुपये वसूलता और 200 रुपये नर्सिंग होम संचालक को बताता था। इसप्रकार कंपनी के दोनों पार्टनरों ने मिलकर 94 लाख रुपये का गबन किया। इसमें 10 लाख रुपये बिजली और 3.17 लाख रुपये डीजल और शेष डायलिसिस का था। दोनों पक्षों में विवाद हुआ। डॉक्टर ने गबन करने वालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। पुलिस में सुनवाई न होने पर कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने बुधवार को अंगद सिंह चौहान, विजेन्द्र त्रिपाठी और सेंटर संचालक महेश गुप्ता के विरुद्ध धोखाधड़ी, मारपीट और धमकी देने का केस दर्ज किया। इस संबंध में कोतवाल यादवेंद्र बहादुर पाल ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
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